Uttarakhand parivhan roadwes bus Conductor missbehave 

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Uttarakhand parivhan roadwes bus Conductor missbehave : उत्तराखंड परिवहन बस परिचालक ने ये हरकत दी अंजाम

देहरादून उत्तराखंड में मान्यता प्राप्त पत्रकार को परिवहन की बस में सफर किये जाने पर उतार दिया जाता है यही नहीं विरोध किये जाने पर देख लेने की धमकी तक दी जाती है देहरादून में वीरवार को जिला मान्यता पत्रकार प्रवीण जैन के साथ कुछ इसी तरह का कारनामा अंजाम दिया गया अपनी बूढ़ी माँ के साथ जब प्रवीण जैन मंसूरी से आ रही बस संख्या यूके07पीए 3248 के परिचालक संजय वर्मा  परिचालक का दिल उनके बुजुर्ग हालत और बूढ़ी माँ को भी देख कर नहीं पसीज पाया परिचालक द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकार के साथ गलत वयवहार किये जाने से मीडिया जगत में भी नाराजगी देखी जा रही है।

आज सुबह राजपुर रोड़ स्थित शहंशाही आश्रम ओल्ड मसूरी रोड़ के समीप मसूरी से देहरादून आ रही बस संख्या यूके07पीए 3248 के परिचालक संजय वर्मा ने वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण जैन संपादक ) बद्री टाइम्स को यह कहते हुये बस से बीच रास्ते पर उतार दिया कि प्रेस मान्यता कार्ड मान्य नही है।
बकौल प्रवीण जैन उक्त परिचालक ने उन्हें अपमानित किया और देख लेने की धमकी देते हुये बीच जंगल में उतार दिया जबकि उस वक्त उनके साथ उनकी बुजुर्ग माता भी थी। वहीं जैन भी सिनियर सिटीजन है। उक्त परिचालक ने प्रेस मान्यता कार्ड को अवैध् बताते हुये पत्रकार का उत्पीड़न किया। यहां पर बता दें कि प्रवीण जैन जिला स्तरीय मान्यता प्राप्त पत्रकार है। सूचना निदेशालय द्वारा जारी उनके मान्यता कार्ड की संख्या 212 है जोकि 31 जनवरी 2019 तक वैध् है। पीड़ित पत्रकार ने सहायक प्रबंधक ;पर्वतीय को पत्र लिखकर कारवाई की मांग की है।

उत्तराखंड में लगातार परिवहन विभाग के परिचालक मान्यता प्राप्त पत्रकारों के साथ इसी तरह का वयवहार करते रहते है देहरादून,दिल्ली सहित कई दूसरी जगह पर भी पत्रकारों के साथ हुए मामले सामने आ चुके है जबकि राज्य सरकार पत्रकारों को मान्यता कार्ड उपलब्ध करवा कर सरकारी बसों में फ्री सफर किया जाने का प्रावधान देती है लेकिन इसके बाद भी जिस तरह देहरादून के बुजुर्ग सीनियर सिटीजन पत्रकार के साथ रोडवेज परिचालक द्वारा वयवहार करते हुए उनको बीच जंगल में उतार दिया गया जो विभाग में इस तरह के लोगो द्वारा पुरे विभाग की किरकिरी करवा दी गयी है इस मामले को लेकर प्रवीण जैन के एक शिकायती पत्र परिवहन विभाग के मंसूरी पर्वतीय ऐ आर ऍम को दिया है जिसमे अपने साथ किया गए गलत वयवहार और जंगल में उतार दिया जाने का जिक्र किया गया है विभाग ने इस मामले की जांच के आदेश दिए है वही परिचालक को तत्काल प्रभाग से मंसूरी जाने वाली बस से हटा दिया गया है।

उत्तराखंड में परिवहन विभाग द्वारा के परिचालक द्वारा जिस तरह का वयवहार किया गया है उसके कारण सवाल ये भी उठ रहा है बहार से मंसूरी की तरफ जाने वाले यात्रा मार्ग पर अगर इसी तरह का यात्रियों के साथ वयवहार परिवहन विभाग के कर्मचारी करते नज़र आ रहे है तो यात्रा मार्गो पर आने वाली यात्रियों के साथ किस तरह का वयवहार किया जाता होगा परिवहन विभाग को ऐसे कर्मचारी जो यात्रियों के साथ गलत वयवहार को अंजाम देते है उनके खिलाफ कारवाही किये जाने के साथ उनको सही तरह से बर्ताव किये जाने की भी ट्रेनिंग दी जानी जरुरी है।

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