बद्रीनाथ मंगलौर कल लिखेगा इतिहास या बदलेगा मिजाज

उत्तराखंड में दो विधानसभा में उपचुनाव को लेकर दस जुलाई बुधवार को मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे बद्रीनाथ सीट पर उपचुनाव कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भंडारी के इस्तीफे के चलते हो रहा है वो कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में ज्वाइन कर गए थे जबकि मंगलौर विधानसभा विधायक बीएसपी सरबत करीम अंसारी के निधन के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव हो रहा है

उपचुनाव को लेकर दोनों सीटो पर बीजेपी कांग्रेस अपने अपने जीत के दावे कर रही है बद्रीनाथ सीट पर राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी के चुनावी प्रचार ने विपक्ष को पूरी तरह घेरने में कामयाबी हासिल की है ऐसे में बीजेपी बद्रीनाथ सीट पर अपनी जीत को लेकर कॉन्फिडेंस है

मंगलौर सीट पर बीजेपी प्रत्याशी करतार सिंह भड़ाना पहली बार हरियाणा से उत्तराखंड की मंगलौर सीट पर उपचुनाव लड़ रहे है कांग्रेस और बीएसपी प्रत्याशी उनके ऊपर बाहरी होने का आरोप लगाता चुनावी मैदान में देखा गया है

इस सीट पर भी सीएम धामी ने चुनावी जनसभा करते हुए बीजेपी प्रत्याशी की जीत को लेकर एक दिन प्रचार किया है धामी ने मंगलौर में हाजी काजी की परिपाटी को बदलते हुए हिंदू कार्ड खेलते हुए स्पीच दी थी जिसका असर मतदान के बाद 13 जुलाई को परिणाम के बाद देखा जा सकता है

कांग्रेस प्रत्याशी काजी निजामुदीन इस सीट पर अपना राजनैतिक वजूद रखते है ऐसे में सीट पर उपचुनाव को देखते हुए लोकल उम्मीदवार की हवा साफ तरह से देखी गई थी बीएसपी का यहां केडर मतदाता यहां अच्छी पकड़ भी रखता है वही सहानुभूति फैक्टर शरबत करीम अंसारी के परिवार की तरफ कितना रहा ये भी काफी अहम हो जाता है मंगलौर में मुकबला त्रिकोणीय बना हुआ है बीजेपी इस सीट पर राज्य बन जाने के बाद से पहली बार बीजेपी का कमल खिलाए जाने का इतिहास बनाने का सपना देख रही है