“उत्तराखण्ड महिला कारोबारियों के लिए नई संभावना” दस हज़ार कारोबारी होगी तैयार

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“उत्तराखण्ड महिला कारोबारियों के लिए नई संभावना” दस हज़ार कारोबारी होगी तैयार

शुक्रवार को नई दिल्ली में फिक्की महिला संगठन के फेडरेशन हाउस में “उत्तराखण्डमहिला कारोबारियों के लिए नई संभावना” विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश में महिला उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए सितारगंज फेजदो ,उधमसिंह नगर में 10 एकड़ में महिला उद्यमिता पार्क स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने इस अवसर पर इस पार्क को लाचं करते हुये कहा कि राज्य उद्योग विकास निगम (सिडकुल) महिला कारोबारियों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 10 एकड़ में एक औद्योगिक पार्क का भी निर्माण करेगा। राज्य में मंझोले और लघु उद्योगों के विकास में महिला उद्यमियों को राज्य सरकार हरसंभव मदद करेगी। इस औद्योगिक परिक्षेत्र में महिलाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले तीन साल में राज्य में 10 हजार महिला उद्यमी तैयार करने का है। उत्तराखण्ड में निवेश की सम्भावनाओं में महिलआंे की भागीदारी पर चर्चा करते हुये मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में महिलाओं के लिये निवेश के अनेक अवसर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि एम.एस.एम.ई. की देश की अर्थव्यवस्था मे महत्वपूर्ण भूमिका हैं। यह रोजगार के व्यापक अवसरों के सृजन और समावेशी आर्थिक विकास की कुॅंजी हैं। उत्तराखण्ड मे उपलब्ध स्थानीय संसाधन, परम्परागत ज्ञान एवं कौशल के उपयोग और उद्यमिता के विकास की दृष्टि से सूक्ष्म और लघु उद्यमों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि म्ंेम व िक्वपदह ठनेपदमेे में पिछले कुछ समय से उत्तराखण्ड पहली रैंकिंग पर चल रहा हैं। इस रैंकिंग को बनाए रखने के लिए हर आवश्यक सुधार किये जा रहे है। उŸाराखण्ड एक शांतिप्रिय राज्य है। यहां की कानून व्यवस्था अन्य राज्यों की तुलना में कहीं बेहतर है। उत्तराखण्ड देश में सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य है। इसके अलावा राज्य सरकार उद्यमियों को 24 घंटे बिजली अनिवार्य किए जाने हेतु कानून लाने पर भी विचार कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड मे उद्यमियों व निवेश की विभिन्न स्वीकृतियांे और अनापत्तियों के समयबद्व निस्तारण के लिए उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता और अनुपालन अधिनियम लागू किया गया है। एकल खिड़की सुगमता अधिनियम  के माध्यम से आॅनलाइन आवेदन एवं माॅनिटिरिंग की व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमे 10 करोड़ रूपए़ तक माॅनिटिरिंग व्यवस्था विकेन्द्रीकृत करते हुये जिलाधिकारी के स्तर से की जा रही है। रूपए 10 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर कार्यवाही मुख्य सचिव के स्तर से की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में महिला सशक्त्तिकरण के क्षेत्र में कई कार्य किये जा रहे है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य सरकार महिलाओं एवं महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण पर विशेष बल दे रही है, उत्तराखण्ड में महिला स्वयं सहायता समूहों को उनके वार्षिक टर्न ओवर पर 5 प्रतिशत बोनस देने व नया व्यवसाय शुरू करने के लिए 20 से 25 हजार रूपये तक की स्टैण्डअप कैपिटल अनुदान के रूप में देने की योजना प्रारम्भ की गई है। इसके अलावा मातृशक्ति का सम्मान व एम.एस.एम.ई. क्षेत्र मे उनकी प्रभावी उपस्थिति के लिए पृथक से महिला प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। इस योजना मे विनिर्माणक उद्यमांे के साथसाथ सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को भी वित्तीय लाभ देने का निर्णय लिया गया है। इस योजना मे अब तक 55 महिला उद्यमियों द्वारा लगभग रू0 45.00 करोड़ का पॅूजी निवेश प्रस्तावित किया गया है। सरकार का लक्ष्य आगामी 3 वर्षो मे 10000 महिला उद्यमी तैयार करने का है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में लड़की के पैदा होने से लेकर बडे़ होने तक राज्य सरकार कई प्रकार की सुविधा दे रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि सभी परिवारों को घर में अमरूद का पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। अमरूद खाने से रक्त की कमी कम होती है। उत्तराखण्ड सरकार गर्भवती महिलाआंे को मंडुवा, काला भट्ट उपलब्ध करा रही है, जिसमें आयरन व कैलसियम की प्रचुर मात्रा मंे पायी जाती है। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिल रहे है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड मे हथकरघा एवं हस्तशिल्प की भी समृद्ध परम्परा है। परम्परागत शिल्पों के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु जनपद अल्मोड़ा मे मुंशी हरिप्रसाद टम्टा शिल्प संस्थान की स्थापना की जा रही है। हथकरघा एंव प्राकृतिक रेशों के विकास के लिए नन्दा देवी सोसाइटी की स्थापना की गयी है तथा सरकार द्वारा प्राकृतिक रेशा खरीद की नीति भी लागू की गई है। प्रदेश के राजकीय विभागों एवं उपक्रमों मे सामग्री क्रय हेतु सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों हेतु क्रय वरीयता नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में जनवरी 2015 मंे राज्य के लिये सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति एम.एस.एम.ई. पाॅलिसी लागू की गई है, जिसके अन्तर्गत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने तथा अधिक रोजगार सृजन पर बल दिया गया है। एम.एस.एम.ई. पाॅलिसी मे आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहनों का समावेश करते हुये उद्यमो को अवस्थापना सुविधाओं से युक्त भूमि उचित दरो पर उपलब्ध कराई जा रही है। सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की सफलता के लिये विपणन सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, तथा महिला उद्यमियों हेतु आनलाईन पोर्टल ीपउंदपण्वतह विकसित किया गया है। उन्होनंे कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में विशेषकर ईकोटूरिज्म, साहसिक पर्यटन आदि में महिला उद्यमियों द्वारा निवेश के लिये अपार संभावनायें है। इसके अलावा उत्तराखण्ड में चार छोटे एयर पोर्ट को शीघ्र ही परिचालन हेतु प्रारम्भ किये जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी महिला उद्यमियों का उत्तराखण्ड में निवेश के लिये स्वागत है। इस अवसर पर फिक्की महिला संगठन की अध्यक्ष विनिता बिमभेट, संयुक्त कोषाध्यक्ष पूनम महाजन, फिक्की एफएलओ सदस्य शिल्पी अरोड़ा, उत्तराखण्ड की प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, अपर सचिव रणवीर सिंह चैहान, एम.डी सिडुकल डाॅ0 आर0 राजेश कुमार, निदेशक आई0सी0डी0एस0 विम्मी सचदेवा, डाॅ0 सरोज नैथानी, डाॅ0 मनू जैन, अपर निदेशक उद्योग एस.सी0 नौटियाल, कन्हान विजय, प्रभाकर बेबने आदि ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के हस्तश्ल्पि और परपंरागत भोजन का भी प्रदर्शन किया गया।

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