ट्रेन हादसे में 142 लोगों की मौत, ट्रेन में सवार थे क्षमता से अधिक लोग

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ट्रेन हादसे में 142 लोगों की मौत, ट्रेन में सवार थे क्षमता से अधिक लोग

इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन में सफर करनेवाले सैकड़ों लोग या तो बिना टिकट के चल रहे थे या फिर जनरल टिकट लेकर सवार थे।
रविवार तड़के कानपुर के पास जो इंदौर-पटना ट्रेन हादसा हुआ उसमें उस ट्रेन की क्षमता से काफी ज्यादा सवारी सफर कर रही थी। हालांकि, रेलवे की तरफ से यह दावा किया गया है कि करीब 1200 लोग इस ट्रेन में सफर कर रहे थे। लेकिन, एक अंग्रेजी अखबार ने रेलवे सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस ट्रेन में सवार लोगों की संख्या इस आधिकारिक नंबर से काफी ज्यादा है। अब तक इस हादसे में 142 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से अधिक घायल हैं।
हादसे में ट्रेन की 14 बोगियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं। सबसे अधिक नुकसान बी-3, एस-2, एस-3 कोच को हुआ जो आपस में बुरी तरह से चिपक गए। सबसे ज्यादा हतातहत होने वाले लोग इसी डिब्बे में थे। हादेस के वक्त अधिकतर यात्री थे गहरी नींद में सो रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक झांसी से ट्रेन 10 की गति से चल रही थी। यात्रियों ने ट्रेन में तेज आवाज आने की शिकायत भी की थी। इसके चलते कई जगह ट्रेन को रोका भी गया था। लेकिन ड्राइवर को ट्रेन को कानपुर सेंट्रल तक लाने का निर्देश दिया गया था।
इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन में सफर करनेवाले सैकड़ों लोग या तो बिना टिकट के चल रहे थे या फिर जनरल टिकट लेकर सवार थे, जिसे रेलवे के आंकड़ों में नहीं दिखाया जाएगा। रेलवे के एक अधिकारी ने अपना नाम ना उजागर करने की शर्त पर कहा, “ऐसे लोगों की संख्या करीब 500 के आसपास है जो या तो बिना टिकट सफर कर रहे थे या फिर उनके पास जनरल टिकट था और यह संख्या ट्रेन की कुल क्षमता का करीब आधा है।”
एक ऐसा ही मामला राजाराम का है जो रविवार को अपनी साली को इंदौर रेलवे स्टेशन पर ढूंढ़ रहा था। हालांकि, राजाराम जानता था कि उसकी साली शनिवार को ट्रेन में सवार हुई थी लेकिन उसे यह नहीं मालूम कि वह कौन से बॉगी में थी क्योंकि उसकी साली के पास वेटिंग टिकट था।
राजाराम ऐसा अकेले शख्स नहीं है जिसके रिश्तेदार इस तरह से उस ट्रेन में सफर कर रहे थे। हेल्प डेस्क पर बैठे रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, ऐसे कई लोग अपने रिश्तेदारों के बारे में पता लगाने आए थे जो उस ट्रेन में सफर करने के अधिकृत नहीं थे। इससे यह पता चलता है कि रिजर्वेशन पर यात्रा करने वाले यात्रियों की तुलना में काफी अधिक लोग उस ट्रेन में सफर कर रहे थे। स्टेशन पर सामान बेचनेवाले एक शख्स का दावा है कि सामान्य ट्रेनों के मुकाबले शनिवार को इस ट्रेन में चढ़नेवाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा थी। रेलवे की तरफ से कुछ एक्स्ट्रा कोच भी इस ट्रेन में लगाए थे लेकिन सवारी की संख्या के हिसाब से वह कोच भी पर्याप्त नहीं थे। स्टेशन पर सामान बेचनेवाले एक और शख्स ने दावा किया कि जनरल बॉगी में सफर करने के लिए लोगों की काफी लंबी लाइन लगी हुई थी जो उस जनरल बॉगी की क्षमता से काफी ज्यादा संख्या थी।

पटना को इंदौर से जोड़ने वाली एकमात्र ट्रेन

इस ट्रेन में काफी संख्या में लोगों के सफर करने का एक बड़ा कारण यह है कि ये एकमात्र ऐसी ट्रेन है जो पटना को इंदौर से जोड़ती है। मध्य प्रदेश में बिहार और उत्तर प्रदेश के काफी लोग रहते हैं, जिसके चलते प्राय: यह ट्रेन पूरी भरी हुई चलती है।

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