राज्यपाल ने कुलपतियों को कहा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गिरावट के संकेत ठीक नहीं

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राज्यपाल ने कुलपतियों को कहा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गिरावट के संकेत ठीक नहीं

देहरादून उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा0 कृष्णकांत पाल ने आज राजभवन में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में राज्य विश्वविद्यालयों के सभी कुलपतियों को राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर में अपेक्षित गुणात्मक सुधार के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि देश और समाज की सेवा के लिए युवाओं के मन-मस्तिष्क की ऊर्जा/जिज्ञासा को सकारात्मक दृष्टिकोण से रचनात्मकता की दिशा में ले जाना प्रत्येक कुलपति का अहम दायित्व है।
उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण उत्तर भारत में उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र के रूप में उत्तराखण्ड की प्रतिष्ठा रही है लेकिन वर्तमान में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कुछ गिरावट के संकेत हैं। जिसमें सुधार के लिए गंभीर चिंतन और प्रयास आवश्यक हैं।
राज्यपाल ने कहा कि कुलपतियों को विश्वविद्यालय से सम्बद्ध काॅलेजों के औचक पर्यवेक्षण के दौरान काॅलेज के शिक्षण स्तर तथा अनुसंधान कार्यों पर विशेष ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। मौलिक शोध न होने से उस काॅलेज के नाम के साथ ही उस विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा खराब होती है, जिससे वह सम्बद्ध है, चाहे वह शोध किसी विद्यार्थी का हो या शिक्षक का।
कुलपतियों द्वारा विश्वविद्यालय से सम्बद्ध काॅलेजों का उनके निर्देशानुसार पर्यवेक्षण न किए जाने पर हैरानी जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि सम्बद्धता के लिए निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले काॅलेजों पर सख्त रूख अपनाया जाये।
राज्यपाल ने शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने की दृष्टि से पाठ्यक्रमों में परिवर्तन की आवश्यकता बताते हुए इस बात पर विशेष बल दिया कि शिक्षाविदों व उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय हो। ‘काॅरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी योजना’ के तहत उद्योगों के सहयोग से कौशल विकास सम्बन्धी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जाएं इससे युवाओं को रोजगार पाने में सुगमता होगी।
राज्यपाल ने संस्कृत विश्वविद्यालय से अपेक्षा की कि ज्योतिष जैसे प्राचीन भारतीय विज्ञान के आधार और वैज्ञानिक सिद्धान्तों का पता लगाने पर कार्य होना चाहिए। इसी प्रकार कृषि एवं औद्यानिकी से जुड़े विश्वविद्यालयों को भी राज्य के काश्तकारों को उन्नतिशील लाभकारी नकदी फसलों आदि से सम्बन्धित शोध पर ध्यान केन्द्रित करने की बात कही ताकि युवावर्ग कृषि व्यवसाय से विमुख न हो।
राज्य में उच्च शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए आज की बैठक में पूर्व की बैठकों में उठाये गए मुद्दों सहित अन्य कई विषयों पर भी चर्चा हुई विश्वविद्यालय परिसर को स्मार्ट कैम्पस के रूप में विकसित करने के लिए अभिनव प्रयोगों के साथ ही कूड़ा निस्तारण के बेहतर प्रबन्धन, बिजली की खपत में कटौती, वृक्षारोपण, जल संरक्षण आदि ऐसे विषय शामिल थे जिनमें बहुत अधिक धन व्यय की आवश्यकता नहीं पड़ती।
राज्यपाल ने दीक्षान्त समारोहों को किसी भी विश्वविद्यालय का सबसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठित आयोजन बताते हुए कहा कि पंतनगर कृषि वि.वि, कुमायूं वि.वि तथा संस्कृत वि.वि की तरह अन्य वि.वि को भी अपने यहाँ अवसर आने पर ऐसे वार्षिक आयोजन करने चाहिए। बैठक के दौरान सभी कुलपतियों ने अपने-अपने वि.वि से सम्बन्धित कई सुझाव रखे।
आज की इस बैठक में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी एवं सचिव अरूण कुमार ढौंडियाल, प्रमुख सचिव ओम प्रकाश, डा0 रणवीर सिंह, सचिव उच्च शिक्षा डा0 एम.सी.जोशी, अपर सचिव शिक्षा विनोद रतूडी सहित राज्य विश्वविद्यालयों के सभी कुलपति मौजूद थे।

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