सूचना का अधिकार प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित।

0
207

सूचना का अधिकार प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित।

बागेष्वर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 जम्मू कश्मीर को छोडकर समस्त भारत वर्ष मे लागू किया जा चुका है यह अधिनियम स्वतंत्रता के उपरान्त पारित सर्वाधिक महत्वपूर्ण कानून है। इस अधिनियम के तहत जनता को एक बहुत महत्वपूर्ण अधिकार दिया गया है, हमें सषक्त लोकतंत्र तथा विकास हेतु सूचना के अधिकार के प्रयोग को प्राथमिकता देनी होगी। यह बात जिलाधिकारी एस0एस0 जंगपांगी ने जिला कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित सूचना का अधिकार प्रषिक्षण कार्यषाला में उपस्थित जनपद स्तरीय सभी लोक सूचना अधिकारियों को कही । जिला सभागार में लोक सूचना अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि आवेदक द्वारा मांगी गई किसी भी सूचना को नियत समयावधि के अन्तर्गत आवेदक को उपलब्ध कराने का उत्तरदायित्व एवं सूचना न देने के कारण को साबित करने की जिम्मेदारी प्रत्येक विभाग के लोक सूचना अधिकारी की है। उन्होंने कहा कि हमारे देष में सूचना का अधिकार अधिनियम2005 से लागू है, सरकारी कामकाज से सम्बन्धित सूचनायें देने के लिए सरकारी कर्मचारी को सतर्क होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत आवेदनकर्ता को 30 दिन के भीतर सूचना अनिवार्य रूप से दे दी जाय, नियत समय सीमा के भीतर सूचना न देने पर विभागीय अपीलीय अधिकारी को यदि आवेदन कर्ता अपील करता है तो उसके प्रति भी लोक सूचना अधिकारी को निगरानी रखनी होगी। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक विभाग में लोक सूचना अधिकारी नामित किये गये है। लोक सूचना अधिकारी का कार्य नागरिकों के सूचना अनुरोध पत्रों का अधिनियम के प्राविधानों के अनुसार निस्तारण करना है, यह अधिकारी नागरिको को इस अधिनियम के अन्तर्गत सूचना प्राप्ति हेतु समुचित सहायता प्रदान करने के लिये भी उत्तरदायी होगा। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि लोक सूचना अधिकारियों को कार्यों के निश्पादन में हो रही कठिनाईयों एवं गलतियो को दूर करने के लिये इस कार्यषाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने उपस्थित सभी लोक सूचना अधिकारियों को कहा कि वे सूचना अधिकार के निस्तारण में हो रही षंकाओं, दुविधाओं के समाधान के लिए प्रष्न पूछ कर अपनी षंकाओं का समाधान करना सुनिष्चित करें। उन्होंने सभी लोक सूचना अधिकारियों से कहा कि वे सूचना का अधिकार अधिनियम2005 का गहनता से अध्ययन कर लें साथ ही अधिनियम की सभी धाराओं का भी अध्ययन कर लें ताकि सूचना अधिनियम के अन्तर्गत दी जाने वाली सूचना में कम से कम गलतियां हो तथा किसी प्रकार की पुनरावृत्ति न होने पाये। आवेदक द्वारा मांगी गयी सूचना का अनुरोध अस्वीकार करने की दषा में लोक सूचना अधिकारी अनुरोध कर्ता को अनुरोध अस्वीकार के कारण अधिनियम व नियमावली के सुसंगत प्राविधानों का उल्लेख कर सूचित करेगा। लोक सूचना अधिकारी अनुरोध कर्ता को अनुरोध अस्वीकार करने के विरूद्व अपील करने की समय अवधि तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी का पदनाम, पता आदि का विवरण सूचित करेंगा, आवेदक द्वारा मांगी गयी सूचना उसी प्रारूप में उपलब्ध करायी जायेगी जिसमें उसे मांगा गया है। प्रषिक्षण कार्यषाला में जनपदीय मास्टर टेªनर जन षिक्षण संस्थान के परियोजना प्रबन्धक डा0 जितेन्द्र तिवारी ने स्लाईडषो के माध्यम से जानकारी देते हुये कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्षिता, जबावदेही, सहभागिता, सहनषीलता और संवेदनषीलता सुनिष्चित करने के उद्देष्य से जनहित में सूचना का अधिकार अधिनियम तैयार किया गया है। सभी लोक सूचना अधिकारियों को जनता के इस अधिकार का अक्षरषः पालन करना चाहिये। उन्होंने बताया कि ऐसी सूचनायें जो जनता से सम्बन्धित हों एवं जनहित के हों उसे महत्व दिया जाना चाहिये। सूचनायें देते समय इस बात का सदैव ध्यान रखा जाना चाहिये सूचनायें किस उद्देष्य से मांगी जा रही हैं। कार्यषाला में उपजिला अधिकारी कांडा रिंकू बिश्ट, जिला विकास अधिकारी के0एन0तिवारी, डीपीआरओ पूनम पाठक,मुख्य कृशि अधिकारी विजय प्रकाष मौर्य,जिला पूर्ति अधिकारी जसवन्त सिंह कण्डारी, खण्ड विकास अधिकारी बागेष्वर, कपकोट, गरूड़ सहित सभी विभागों के लोक सूचना अधिकारी उपस्थित थे।

Bhadas 4 India देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल की हिंदी वेबसाइट है। भड़ास फॉर इंडिया.कॉम में हमें आपकी राय और सुझावों की जरुरत हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें bhadas4india@gmail.com पर भेज सकते हैं या हमारे व्हाटसप नंबर 9837261570 पर भी संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज Bhadas4india भी फॉलो कर सकते हैं।

Comments

comments