स्टिंग मामले को लेकर हरक विधायक मदन,उमेश कुमार की सीबीआइ जाच की माँग

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 स्टिंग मामले को लेकर हरक विधायक मदन,उमेश कुमार की सीबीआइ जाच की माँग
नैनीताल, विधायकों की कथित खरीद फरोख्त के स्टिंग मामले में नया मोड़ आ गया है। गढ़वाल मंडल विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने जनहित याचिका दायर कर स्टिंग मामले में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, न्यूज चैनल के सीईओ उमेश कुमार तथा द्वाराहाट के कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट के खिलाफ सीबीआइ जांच की मांग की है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए अगली तिथि 17 फरवरी नियत की है।उत्तराखंड में उस समय राजनैतिक तूफान आ गया था जब राज्य के मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ सरकार गिराए जाने को लेकर हरक सिंह रावत के सहारे समाचार प्लस के उमेश जे कुमार ने कथित स्टिंग को अंजाम दिया गया था बाद में इस मामले को भाजपा ने लपक लिया था और हरीश रावत के खिलाफ राजनैतिक माहौल कायम किया गया था क्यों की राज्य में हरीश रावत का राजनैतिक ग्राफ भाजपा के सभी नेतायो को मिलाकर कर भी टक्कर नहीं दे रहा था यही वजह थी की राज्य में इस कथित स्टिंग को अंजाम दिया गया भाजपा ने इस मामले को लेकर उत्तराखंड में कई जगह विरोध किया था यही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और उनके बेटे साकेत बहुगुणा ने तो दिल्ली में भाजपा नेतायो के साथ मिलकर एक पत्रकार वार्ता को भी आयोजित किया था तभी से इस मामले को लेकर हरीश रावत के खिलाफ साजिश किये जाने की तरफ इशारा किया जा रहा था इस मामले को लेकर भाजपा का एक गुट इस तरह की साजिश के खिलाफ था यही वजह रही की भाजपा हरीश रावत के खिलाफ रची गयी इस कथित स्टिंग मामले को लेकर जनता की अदालत में कोई खास भूमिका दर्ज नहीं करवा पायी अब राज्य में चुनावी आगाज़ तेज़ हो गया है और भाजपा इस मामले को लेकर एक बार फिर जनता के बीच मुद्दा बनाये जाने को लेकर कोशिश करती नज़र आएगी ये मामला कही न कही उत्तराखंड की राजनीति के साथ साथ भाजपा को तो फायदा देता नज़र नहीं आ रहा लेकिन इसका जितना गुणगान भाजपा कर रही है उस का फायदा कांग्रेस को जरूर मिल रहा है राजनैतिक पंडितो का कहना है की ये मामला अब वर्तमान समय में कोर्ट में चला गया है और भाजपा अगर इस मामले को विधानसभा चुनाव में जनता के बीच मुद्दा बनाती है तो भाजपा को जनता के विरोध का सामना करना पड़ सकता है जनहित याचिका में कहा गया है कि इस मामले में मुख्यमंत्री को दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि असली दोषी पूर्व मंत्री, कांग्रेस विधायक व चैनल के सीईओ हैं। इधर हाई कोर्ट में स्टिंग मामले को चुनौती देती मुख्यमंत्री की याचिका पर सुनवाई 11 फरवरी को होनी है। मुख्यमंत्री ने सीबीआइ जांच को चुनौती दी है।

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