सोशल मीडिया में उठता नया बखेड़ा, क्या वाकई ऐसा संभव है…..

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सोशल मीडिया में उठता नया बखेड़ा, क्या वाकई ऐसा संभव है…..

सोशल मीडिया आजकल एक जरिया बन चुका है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपनी बात समाज तक आसानी से पंहुचा सकता है, और समाज में उठते कई तथ्यों को सुलझाने में कामयाबी भी मिलती है. लेकिन अब ऐसा प्रतीत होने लगा है कि इसका गलत फायदा उठाने वाले भी अधिक होते जा रहे है. ऐसा इसलिए कि सोशल मीडिया पर अधिकतर ऐसी खबरे प्रेषित होती दिखने लगी है जिनका वास्तविकता से कोई सम्बन्ध ही नहीं होता और लोगो को बेवकूफ बनाने के कारनामे नजर आते है. बात यही तक भी नहीं रूकती इन अजीबो गरीब वीडियोस, मेसेजस, ऑडियो को देखने सुनने वाले वाले लोग मजे से पढ़ते हैं और फिर और लोगो को फॉरवर्ड करने से भी पीछे नहीं हटते, इसका फायदा उन आम लोगो को तो कुछ होता नहीं लेकिन जिनके द्वारा ये सब कारनामे अंजाम दिए जाते है उनका काम आसानी से सफल हो जाता है. मसलन एक प्रकार का मैसेज आम तौर पर भारतीयों को बरगला जाता है कि यदि ये मैसेज 20 लोगो को भेजा तो आपको कोई खुशखबरी मिलेगी या आपका प्यार आपको मिलेगा या इसी तरह का कुछ भी लिखा हुआ होने से लोग आम तौर पर भावनात्मक रूप से गुमराह होने से बच नहीं पाते और खुद तो पूरा मैसेज पढ़ते ही है बाकायदा औरो को भी भेजते हैं. क्या ये सही है कि धर्म या जाति के नाम पर ऐसा किया जाए और ऐसा करना किस सीमा तक उचित है या फिर ये सच होता है कि अगर आप ऐसा कुछ करते है तो अगले ही दिन आपकी मनोकामना पूरी हो जाती है.

इसी क्रम में आजकल एक मैसेज और वायरल हुआ जिसमे वाट्सएप्प में भेजे जाने वाले मैसेज के लिए सावधानी बताई जा रही है. इस मैसेज में लोगो को सचेत किया गया है कि आप कोई भी मैसेज भेजते है तो उसकी सीधी मॉनिटरिंग सरकार द्वारा या साइबर सेल द्वारा की जा रही है. अगर कोई भी मैसेज अप्पतिजनक पाया जाता है या मौजूदा सरकार के खिलाफ कोई भी नकारात्मक बात या फिर किसी भी पॉलिटिशियन को लेकर कोई भी बात हो या मजहब से सम्बन्ध रखने वाले मैसेज हो तो ऐसी अवस्था में आपको जेल भी हो सकती है. इसमें सीधा सा यह सन्देश दिया गया कि किसी भी प्रकार के ऐसे मेसेजस जिनमे देश, मजहब, धर्म, जाति के नाम पर भड़काऊ मैसेज भेजने वाले पर तुरंत कार्यवाही हो सकती है. सिंगल, डबल या ट्रिपल टिक मार्क के ज़रिये सन्देश भेजने वाले को पता भी लग जायेगा कि उसके द्वारा भेजे गए मैसेज का स्टेटस क्या है. अब ये सब बाते किस हद्द तक सच है ये तो आगे के स्पष्टीकरण के बाद ही पता लग पायेगा. सवाल यह भी उठता है कि क्या वाकई में ऐसा संभव है?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शायद ऐसा सम्भव नहीं है क्योकि ये लोगो कि भावनाओ से जुड़ा सवाल भी है जहां कई परिवार, कई दोस्त और ऐसे ही कई लोग आपस में एक दूसरे से भावनात्मक रूप से जुड़े है और इसी के मद्देनजर गोपनीयता की दृष्टि से ऐसा करना उचित नहीं और संभव भी नहीं.

फिलहाल सिर्फ यही समझना काफी होगा कि ऐसे किसी भी प्रकार के सेक्युलर मैसेज से बचना ही सबसे सही उपाय है. खुद भी गुमराह न हो और अपने साथ के लोगो को भी न होने दें. आज के जाग्रत समाज में 20 लोगो को मैसेज भेज देने से मनोकामना पूरी होने जैसे मैसेज या फिर देश के प्रति लगाव रखने के लिए धर्म जाति के खिलाफ बने गए मैसेज पर ध्यान देना अपना और दूसरो का वक़्त खराब करने से अधिक कुछ नहीं है.

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