सितारगंज में अवैध खनन का खेल जारी नोटों की चमक से अधिकारियो की आखें बंद

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सितारगंज में अवैध खनन का खेल जारी नोटों की चमक से अधिकारियो की आखें बंद
धर्मेंद्र  चौधरी की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट 
सितारगंज खनन का कारोबार अवैध रूप से जारी है लेकिन इस अवैध खनन पर अधिकारियो की कोई नज़र नहीं जा रही अधिकारी अपनी नज़रे क्यों बंद कर के बैठे है या फिर नोटों की चमक ने अधिकारियो की आखो को अँधा कर दिया है खबर है की उधमसिंह नगर में जहां से ईमानदारी का तमगा लेकर विजय बहुगुणा वर्तमान में विधायक है उन्ही की विधानसभा में इनदिनों बेखौफ होकर अवैध खनन जारी है
सितारगंज के अकरौली क्षेत्र मीडिया में हमेशा ही सुर्खियों में छाया रहता है क्योंकि अकरौली क्षेत्र अब अवैध खनन के नाम से पहचाने जाना लगा है लगातार हो रहे खनन से नदी किनारे बसे कई गांवों को भी खतरा पैदा हो गया है लेकिन खनन माफिया अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं राष्ट्रपति शासन के बाद भी नहीं है खनन माफियाओं को अधिकारियों का कोई डर सुबह से लेकर शाम तक रात हो या दिन सर्दी हो या गर्मी सभी मौसम में खनन माफिया हार मानने को तैयार नहीं है लगातार ग्रामीण क्षेत्रों से यह आवाज उठाई गई अगर खनन नहीं रोका गया तो कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे बावजूद इसके कोई भी अधिकारी खनन माफियाओं के साथ सख्ती से पेश नहीं आ रहा है सुबह शाम दिन और रात नदी का सीना चीरकर लाखों करोड़ो रूपए का सरकार को चूना लगा रहे हैं खनन माफियाओं के गुर्गे थाना तहसील और sdm ऑफिस के बाहर हमेशा खड़े नजर आते हैं और ऑफिसों के चक्कर लगाते रहते हैं इन खनन माफियाओं का तालमेल तहसील से लेकर sdm ऑफिस तक बरकरार रहता है सूत्रों की माने तो यही नहीं खनन माफिया इस क्षेत्र अधिकारी और कर्मचारियों को लिफाफों के साथ-साथ अपनी गाड़ी और घोड़ो का भी इस्तेमाल करवाते हैं और शाम होने पर सरकारी दफ्तरों के बाहर खनन माफियाओं के गुर्गे दारु के साथ दाना पानी भी लेकर खड़े नजर आते हैं यही नहीं इस क्षेत्र को खनन क्षेत्र समझकर अधिकारी-कर्मचारी सितारगंज क्षेत्र में ही अपनी पोस्टिंग चाहते हैं ताकि इस क्षेत्र से मलाई चाटने को मिले अखबारों या tv में खबर चलने के बाद स्थानीय प्रशासन खनन क्षेत्र में जाकर पट्टो की नपाई तुलाई भी बखूबी करते हैं लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहता है इस क्षेत्र में नंदौर नदी से लेकर अतरौली साधु नगर होते हुए मेरी कश्मीरी फार्म संत फार्म अंजनिया चीका घाट रसोईया फार्म और बिष्टि में लगातार rbm पत्थर रेत और मिट्टी को लगातार अवैध रूप से खुदान होते हुए देखा जा सकता है सैकड़ों एकड़ में फैली अकरोली नदी के किनारे खड़े हो कर देखने पर पता चलता है कि अलग-अलग गुट और टुकडियो में दर्जनों जगहों पर अवैध खनन होते हुए देखा जा सकता है स्थानीय पत्रकारों द्वारा कई बार आवाज उठाई गई परंतु आज तक कि स्थानीय प्रशासन ने कोई भी कठोर कदम नहीं उठाया है प्रदेश में सरकार रहे ना रहे राष्ट्रपति शासन लगने से पहले से और बात तक खनन माफियाओं को कोई भी फर्क नहीं पड़ता है सूत्रों की माने तो एक सरकार का टोपी धारक मुलाजिम खनन माफियाओं से खासी नजदीकियां बताई जा रही हैं सितारगंज क्षेत्र में लंबे समय से टिके रहना यह प्रमाणित करता है सुनो सबकी करो मन की इसी नीति पर चलकर यह सरकारी मुलाजिम अपनी कुर्सी पर जमा बैठा है लगातार अवैध खनन से दर्जनों दुर्घटनाएं होती रहती हैं बावजूद इसके इन अधिकारियों का इतनी घटनाओं को देखकर भी दिल नहीं पसीजता है वही मीडिया में अवैध खनन से संबंधित खबरें छपने पर स्थानीय प्रशासन स्थानीय खनन माफियाओं की ओवरलोड गाड़ियों को खनन क्षेत्र या कभी चौराहों पर चेकिंग के दौरान उनकी गाड़ियां ना पकड़कर नंदौर और स्टोन क्रेशरो की बाहर की गाड़ियों को अंडर लोड गाड़ियों को ओवरलोड बताकर पकड़ने में लगे हुए हैं ऐसे ही कई मामले कुछ ही दिनों में सामने आए हैं जिनकी गाड़ियों में अंडर लोड सामग्री पाई गई और रिवल्टी होने पर भी उन गाड़ियों को सीज कर दिया गया अगर स्थानीय प्रशासन अपनी हरकतों से बाज आ जाए तो दर्जनों गाड़ी खनन क्षेत्र से पकड़ी जा सकती हैं और इसके साथ साथ ओवरलोड गाड़ियों को भी दर्जनों की संख्या में पकड़ा जा सकता है क्षेत्र के हर आम इंसान के मुंह से यही बात सुनने को मिलती है और चर्चाएं बनी रहती हैं कि इस क्षेत्र में अवैध खनन बहुत हो रहा है आखिर कब तक चलता रहेगा खनन का काला कारोबार वहीं सितारगंज क्षेत्र बाढ़ग्रस्त क्षेत्र रहा है इस क्षेत्र में कई बार शहर और पूरे पूरे गांव बाढ़ से त्रस्त हो चुके हैं जिससे कई बार जन हानी भी हुई है और स्थानीय प्रशासन को ग्रामीण लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए दूरदराज क्षेत्रों में टहराया भी गया है बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन को अवैध खनन देख कर कान पर जूं नहीं रिँग रही है राष्ट्रपति शासन लगने के बाद गवर्नर राज में प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों को खनन माफियाओं से सख्ती से पेश आने के लिए और अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए आदेश दिए गए थे और जिला अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को भी अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती से आदेश दिए हैं की अवैध खनन पूरी तरीके से बंद किया जाए सितारगंज क्षेत्र अवैध खनन के मामले में पूरे प्रदेश में अपनी पहचान बनाए हुए हैं जहां स्टेट में खनन से करोड़ों रुपए वसूले गए हैं वहीं सितारगंज क्षेत्र खनन क्षेत्र में अपना वजूद बनाए हुए इस क्षेत्र में खनन माफियाओं पर अवैध खनन रोकने के लिए नाम मात्र ही कार्रवाई हुई है उधम सिंह नगर के जिला अधिकारी ने जिले के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ कई बार अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए बैठकें की हैं बैठक के बाद स्थानीय प्रशासन खनन क्षेत्र में जाकर अपनी फॉर्मेल्टी पूरी करते हैं और जिला अधिकारी महोदय को रिपोर्ट बनाकर भेज दी जाती है खनन का खेल ओवर्स बदस्तूर जारी रहता है सुबह से लेकर शाम तक सितारगंज के नकुलिया चौक से लेकर महाराणा प्रताप चौक और अमरिया चौक पर लगातार खनन से भरे ट्रक और ट्राली देखी जा सकती हैं आखिर कब तक चलता रहेगा अवैध खनन खनन का कारोबार आखिर कब लगेगी इस क्षेत्र पर अवैध खनन पर लगाम आखिर कौन है अवैध खनन का जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन या खनन माफिया

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