राजनैतिक वनवास खत्म कर शिल्पी अरोरा क्या भाजपा में जाएगी

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राजनैतिक वनवास खत्म कर शिल्पी अरोरा क्या भाजपा में जाएगी SHILPI ARORA NOW JOIN BJP SUSPENSE राजनैतिक वनवास खत्म कर शिल्पी अरोरा क्या भाजपा में जाएगीगौरव बत्रा
गदरपुर भाजपा के रथ पर सवार होकर क्या कांग्रेस की महिला नेत्री शिल्पी अरोरा अपनी राजनैतिक तैयारी करेगी या फिर कांग्रेस का हाथ ही उनका अगला मिसन होगा कुछ ऐसे ही सवाल इन दिनों राजनैतिक समीकरण की तरफ इशारा करते नज़र आ रहे है गदरपुर किच्छा दोनों ही विधानसभा चुनावो में २०१७ के विधानसभा चुनाव में हरीश रावत के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली शिल्पी अरोरा इन दिनों गायब नज़र आ रही है विधानसभा चुनावो के बाद से उनको कभी भी नहीं देखा गया तो अब उनकी खोज कांग्रेस के ऐसे लोग कर रहे है जो उनको दोनों ही विधानसभा चुनावो में चुनाव लड़वाने का खाका तैयार कर रहे थे।

उत्तराखंड कांग्रेस में रहकर हरीश रावत के खिलाफ बगावत का झंडा उठाने वाली प्रदेश महामंत्री शिल्पी अरोरा इन दिनों अचानक से राजनीति के पायदान से गायब नजर आ रही है उनका गायब होना राजनीति समीकरणों में कई तरह के सवालों को जन्म दे रहा है माना जा रहा है उत्तराखंड में भाजपा की सरकार में सत्ता वापसी के बाद उनका राजनीतिक बनवास एक तरीके से देखने को मिल सकता है।

महिला आयोग के अध्यक्ष पद उनका पसंद का पद है 2017 के विधानसभा चुनाव में गदरपुर और किच्छा विधानसभा चुनाव से अपनी राजनीतिक ताल ठोकने वाली शिल्पी अरोरा इन दिनों कांग्रेस में न जाने कहां है इसको लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं जन्म ले रही है 2017 में भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद शिल्पी अरोरा अचानक से ना जाने कहां गायब हो गई है उनको लेकर गदरपुर विधानसभा और किच्छा विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ता उनको खोज रहे हैं लेकिन शिल्पी अरोरा इन दिनों कहां है यह किसी को भी नहीं पता राजनीतिक हलकों से चलकर आ रही खबरों पर यदि यकीन किया जाए तो माना जा रहा है कि वह जल्द ही भाजपा में अपनी वापसी कर सकती है।

ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि कांग्रेस की 2012 में जब सरकार थी तब उनके समीकरण उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से बेहद करीबी माने गए थे उस समय उनको उत्तराखंड में महिला आयोग अध्यक्ष पद सौंपा जाना था लेकिन राजनीतिक समीकरण उत्तराखंड में इस तरीके से बदल गए की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा जिसके बाद उत्तराखंड में हरीश रावत मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हुए।

शिल्पी अरोरा को हरीश रावत की सरकार में भी कोई सम्मान नहीं मिल पाया जिस का प्रतिकार शिल्पी अरोरा ने विधानसभा चुनाव में दिखा दिया था 2017 के विधानसभा चुनाव में शिल्पी अरोड़ा मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ किच्छा से अपनी राजनीतिक ताल ठोककर चुनाव मैदान में कूद गयी थी इसके साथ साथ उन्होंने गदरपुर विधानसभा से भी अपनी राजनीतिक समीकरण को चलने के लिए वहां से विधानसभा का टिकट पर दाव खेला था लेकिन दोनों ही जगह से उनको कांग्रेस ने कोई टिकट नहीं दिया जिसके बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का ऐलान कर खुद को एक तरीके से राजनीतिक उत्तराखंड में बड़ा नेता घोषित करने के लिए हरीश रावत के खिलाफ मोर्चा खोला था।

कांग्रेस ने उनको किसी तरीके समायोजित कर विधानसभा चुनाव न लड़ने पर सहमत कर लिया था उनकी यही राजनैतिक भूल उनके लिए जीवन भर का राजनैतिक नुकसान की तरफ कदम बड़ा गयी
शिल्पी अरोड़ा उत्तराखंड में भाजपा की सरकार आने के बाद कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में नजर नहीं आयी हमेशा से ही उत्तराखंड के राजनीतिक समीकरण को गर्म आने वाली शिल्पी अरोरा वैसे तो समाज सेवा के क्षेत्र में गदरपुर विधानसभा में खासतौर से देखी जाती थी लेकिन भाजपा सत्ता में आने के बाद भाजपा की सरकार के शासनकाल के बाद उनको कहीं भी दूर दूर तक नहीं देखा जा रहा है।

यही नहीं किच्छा विधानसभा में भी उनकी अनुपस्थिति पूरी तरीके से नजर नजर आ रही है राजनीति चर्चा एक बार फिर से तेज हो गई है उत्तराखंड में कांग्रेस नेत्री शिल्पी अरोरा इन दिनों इसलिए चर्चाओं में है कि राजनीतिक हलकों में उनकी चर्चा भाजपा में शामिल होने की तरफ तरफ संकेत दे रही है ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि उनको भारतीय जनता पार्टी के एक नेता का बेहद करीबी माना जाता है जब कांग्रेस की सरकार थी तब भी उनका कांग्रेस के अंदर बेहद वजनदार कद कायम किया गया था।

जिसको लेकर उस समय कांग्रेस के कई लोगों ने सवाल खड़े किए थे लेकिन उन सवालों को दरकिनार कर चौधरी बीरेंद् सिंह ने शिल्पी अरोड़ा को कई पदों पर विराजमान करवाया अब चर्चा है कि उत्तराखंड में सत्ता वापसी के बाद भारतीय जनता पार्टी में शिल्पी अरोरा जल्द ही वापसी कर सकती है यही नहीं उनको उत्तराखंड में महिला आयोग की अध्यक्ष पद पर विराजमान करवाया जा सकता है।

राजनीतिक हलकों से आ रही इन चर्चाओं पर यकीन किया जाए तो शिल्पी अरोरा जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकती है ऐसे में उनका किसी न किसी पद पर वजनदार तरीके से ताजपोशी हो सकती है आने वाले दिनों में अगर शिल्पी अरोरा कांग्रेस को अलविदा कर भाजपा में जाती है तो यह कोई नई बात नहीं होगी अब देखना होगा कि शिल्पी अरोरा अपना राजनैतिक करियर कायम करने के लिए क्या भाजपा का दामन थाम लेगी है या फिर कांग्रेस में रहकर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपना बगावत का झंडा बुलंद करती है इस खबर के लिए भड़ास फॉर इंडिया ने जब शिल्पी अरोरा से फ़ोन पर बात करने का प्रयाश किया गया तो उनसे कोई सम्पर्क नहीं हो सका।

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