पदम विभूषण सदगुरु और रिस्कन बॉन्ड

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पदम विभूषण सदगुरु और रिस्कन बॉन्ड जब मिले तब ऐसा कुछ हुआ यहाँ:Sadhguru Jaggi Vasudev And Ruskin Bond

देहरादून में एक मौका ऐसा भी था जब यहाँ के बड़े लोगो में शुमार लोग भी लाइन में लगे हुए नज़र आये मौका ही कुछ ऐसा था आखिर हुआ भी कुछ इसी तरह का लाइन में लगे लोग जब सद्गुरु को सुन कर उनके जवाब से इतने प्रभवित हुए पूरा माहौल एक अलग तरह की ऊर्जा से भर गया
यूनिसन वल्र्ड स्कूल में गुरुवार शाम को ‘देहरादून लिटरेचल फेस्टिवल’ का उद्घाटन राज्यपाल डा केके पॉल ने किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम मेें पहले दिन सदगुरु और रस्किन बांड का व्याख्यान हुआ। तीन दिवसीय फेस्टिवल यूनिसन वल्र्ड स्कूल द्वारा आयोजित किया जा रहा है और हेड्स अप एंटरटेनमेंट एंड ह्यूमनस फॉर ह्यूमैनिटी द्वारा क्यूरेट किया गया है।

कार्यक्रम के शुरूआती वक्त में यूनिसन वल्र्ड स्कूल के शाम पांच बजे सबसे पहले ईशा फाउंडेशन की ओर से संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। साहित्य महोत्सव में पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित शख्सीयत जुटीं। जिसमें प्रसिद्ध लेखक लिलेट दुबे, फिल्म निदेशक मधुर भंडारकर, लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, हृयूमनस फॉर हृयूमनेटी के संस्थापक अनुराग चौहान, हेड्स उप एंटरटेनमेंट के फाउंडर साम्रान्त विरमानी, बुक वर्ल्ड के ओनर रणधीर अरोरा आदि मुख्य तौर पर मौजूद रहे।

ईशा फाउंडेशन के म्यूजिक इवनिंग के बाद पदम विभूषण सदगुरु और रस्किन बांड के बीच व्याख्यान सत्र ‘मिस्टिक मीट द लेजेंड’ आयोजित हुआ। सदगुरु एक योगी और दिव्यदर्शी हैं। सदगुरु ने आठ भाषाओं में सौ से अधिक पुस्तकों की रचना की है।

सत्र के दौरान सदगुरु ने कहा कि वो जब आठ साल के थे, तब से रिस्कन बांड को पढ़ रहे हैं। सदगुरु ने कहा, वो पहाड़ों के प्रशंसक नहीं है बल्कि वो उनके सेवक है। लेखक बांड ने कहा उनके पौते उनसे ज्यादा सदगुरु के बारे में जानते हैं। जब भी मैं उनसे पूछता हूं वो सदगुरु के बारे में क्या जानते हैं तो वो कहते हैं कि सदगुरु मोटरइसाइकिल चलाते हैं। इस पर सदगुरु ने कहा कि वो हर साल 55 से 60 हजार किलोमीटर मोटरसाइकिल चलाते है।

ट्रैकिंग एवं बाइकिंग पर प्रकाश डालते हुए सद्गुरु ने कहा की उन्होंने अपनी यात्राओं से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा की मैं कभी भी शब्दों का सहारा लेकर नहीं सोचता। जब भी सोचता हूं, तो दिमाग में एक तस्वीर बनती है। मैं खुद को भी उन पिक्चरों के बीच ही पाता हूं। मैं अपने को कई बार सडक़ का इंस्पेक्टर मान लेता हूं। सदगुरु ने कहा, बच्चों को देश के साथ अपना संबंध बनाना चाहिये। पर्यावरण ही नहीं, किसी भी जीव जंतू को नुकसान न पहंचे इसके लिये एक समझ बनानी चाहिये।

सदगुरु की एक कविता को रस्किन बांड ने सुनाया। यूनिसन वल्र्ड स्कूल के निदेशक अमित अग्रवाल ने कहा कि एेसे आयोजन छात्रों में साहित्य के प्रति आकर्षण पैदा करने के लिये आवश्यक होते हैं।

सदगुरु ने आक्रोश को लेकर भी कई सीख दी। उन्होंने कहा, एेसे कैसे हो सकता है कि कोई जहर पिये और मौत किसी और की हो। उसी तरह जो गुस्सा करेगा, नुकसान भी उसी का होगा।

यूनिसन वर्ल्ड स्कूल द्वारा रस्किन बॉन्ड को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड एवं एक लाख की राशि बेंट की गई और वहीँ सध्गुरु को गर्ल एजुकेशन के लिए एक लाख रुपये की राशि प्रदान की गयी I

इस अवसर पर समर वैली स्कूल, दून स्कूल, वेल्हम गल्र्स और यूनिसन वल्र्ड स्कूल के बच्चे भी शामिल रहे। जबकि यूनिसन वल्र्ड से अमित अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, प्रिंसिपल वीना सिंह, संजीव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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