रियल एस्टेट रेगुलेशन अथॉरिटी (रेरा) खोजेगी बिल्डर

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रियल एस्टेट रेगुलेशन अथॉरिटी (रेरा) खोजेगी बिल्डर Real state regolation uttrakhand watch bildar Real state regolation uttrakhand watch bildar देहरादून: रियल एस्टेट रेगुलेशन अथॉरिटी (रेरा) में निर्माणाधीन परियोजनाओं व उनके बिल्डरों के पंजीकरण की समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद अब पंजीकरण न कराने वाले बिल्डरों की खोजबीन शुरू की जाएगी। रेरा के नियामक प्राधिकारी/सचिव आवास अमित नेगी ने ऐसे बिल्डरों की पहचान के लिए जिलाधिकारियों व विकास प्राधिकरणों को पत्र लिखने की तैयारी कर दी है।, ताकि संबंधित क्षेत्रों में चल रही आवासीय व कमर्शियल परियोजनाओं की जानकारी मिल सके।

नियामक प्राधिकारी अमित नेगी के मुताबिक सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं की सूची पत्र भेजने के 10 दिन के भीतर तलब की जाएगी। जिलों से आने वाली सूची का मिलान पंजीकरण वाली सूची से कराया जाएगा। इसके बाद जिन परियोजनाओं का पंजीकरण नहीं पाया जाएगा, उन पर पहले नोटिस पर कुल परियोजना लागत का 10 फीसद जुर्माना लगाया जाएगा। जबकि दूसरे नोटिस पर 10 फीसद जुर्माने के साथ ही जेल की सजा भी हो सकती है। उधर, पंजीकरण की समय अवधि समाप्त होने के बाद नियामक प्राधिकारी के कार्यालय उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (उडा) में पंजीकरण के दस्तावेजों को व्यवस्थित किया गया। सभी पंजीकरण को तीन फाइलों में संचित किया गया है।

सोमवार को ऊधमसिंहनगर के कई आवेदन देहरादून जनपद में दर्ज कर दिए गए थे। मंगलवार को ऊधमसिंहनगर से स्पष्ट सूचना मिलने के बाद इन्हें व्यवस्थित कर दिया गया है। अब देहरादून में कुल पंजीकरण की संख्या घट गई है, जबकि ऊधमसिंहनगर में पंजीकरण का ग्राफ कुछ ऊपर चढ़ गया है। कुल पंजीकरण की संख्या 167 ही है। गुरुवार को प्रॉपर्टी डीलर में एक और पंजीकरण की सूचना अपडेट होने के बाद संख्या 40 पहुंच गई है।

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