रविनाथ रमन ने अनचाहे बच्चों का शिशु निकेतन,व्यवस्थाओं का जायजा लिया

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रविनाथ रमन ने अनचाहे बच्चों का शिशु निकेतन,व्यवस्थाओं का जायजा लिया

देहरादून जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने केदारपुरम स्थित अनचाहे बच्चों का पालन केन्द्र शिशु निकेतन, बालिका निकेतन एवं नारी निकेतन का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने परीविक्षा अधिकारी मीना बिष्ट तथा चिकित्सा अधिकारी के.डी शर्मा को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए उपरोक्त तीनों केन्द्रों पर प्रत्येक माह में एक दिवस तय कर दून अस्पताल, कोरनेशन अस्पताल तथा सेलाकूई मानसिक संस्थान के पुरूष एवं महिला चिकित्सकों जिनमें ई.एन.टी, स्किन, मेडिसन साईकोलाॅजिस्ट एवं पैथोलाजिस्ट चिकित्सकों की एक टीम बनाकर आवश्यक चिकित्सा परीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होने परीविक्षा अधिकारी को 18 वर्ष से उपर की बालिकाओं के विवाह हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नियंत्रण में चल रही योजना के तहत उचित प्रक्रिया को अमल में लाते हुए विवाह करवाने के निर्देश दिये। उन्होने उपरोक्त केन्द्रों पर संवासिनी कक्ष, बाल्य गृह कक्ष, रसोईघर, शौचालय इत्यादि का बारीकी से निरीक्षण किया तथा रसोईघर में टाइल्स लगाने तथा खाद्य सामग्रियों/भोजन को अच्छे तरीके से स्वच्छ व ढक कर रखने के साथ ही शौचालय को पर्याप्त स्वच्छ रखने के निर्देश दिये। उन्होने गोद लेने की प्रक्रिया का प्राॅपर तरीके से कमेटी के माध्यम से ही अमल में लाने तथा नये आने वाले शिशुओं का शुरूआत में ही चिकित्सा परीक्षण किया जाए, जिससे उनमें किसी भी तरह की विकृति/बीमारी की पहचान कर उपचार करने के निर्देश दिये। उन्होने मानसिक चिकित्सक तथा कोर्ट के आदेशानुसार 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले ऐसे व्यक्तियों जो मतदान करने में सक्षम हो के मतदाता पहचान पत्र बनवाकर निकेतन के भीतर ही एक कार्यकारी मतदान केन्द्र बनाने के निर्देश दिये। उन्होने शारीरिक विकृति से कुछ अक्षम व्यक्तियों द्वारा निर्मित किये जा रहे हथकरघा सामानों की मार्केटिंग करने तथा उसकी विक्री से प्राप्त धन को उनका बैंक खाता खोलकर उसमें जमा करने के निर्देश दिये। उन्होने किसी भी अनचाहे महिला/पुरूषों को बिना उचित पहचान/जांच किये उनके अविभावकों न सौंपने के निर्देश दिये जब तक उनको उचित सम्मान व दायित्व की पहचान न हो सके। उन्होने परीविक्षा अधिकारी को उपरोक्त तीनों केन्द्रों की वित्तीय आवश्यकताओं के लिए एक प्रस्ताव निर्मित करने तथा नारी निकेतन में बिना जिलाधिकारी/जिला जज/विधिक सचिव/ प्राधिकृत अधिकारी की आज्ञा के बिना परिसर के भीतर प्रवेश न करने के निर्देश दिये तथा यदि कोई किसी प्रकार सहायता या दान स्वरूप धनराशि/सामग्री देना चाहता हो तो गेट पर ही प्रोपर पंजिका के माध्यम से प्राप्त करने के निर्देश दिये। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने तिलक रोड स्थित श्री श्रद्धानन्द बाल वनिता आश्रम का भी निरीक्षण करते हुए वहां की व्यवस्था से संतुष्टि व्यक्त की। उन्होने आश्रम के आॅनररी अधिष्ठाता/ सचिव ओम प्रकाश नांगिया को चिकित्सकों की टीम द्वारा आश्रम के बालक/बालिकाओं का चिकित्सा परीक्षण करवाने तथा गम्भीर बीमारी से पीड़ित वालों को सरकारी/अर्द्धसरकारी चिकित्सालयों में उपचार कराने हेतु सभी प्रकार की सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिला जज/सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण कुलदीप शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी डाॅ मुकुल कुमार सती, क्षेत्राधिकारी चन्द्रमोहन सिंह, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष बिमला नौटियाल तथा नारी निकेतन, बालिका निकेतन एवं शिशु निकेतन की अधीक्षिका कंचन आर्या, मीना सिंह एवं सुनीता सिंह उपस्थित थी।

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