रामकृष्ण मिशन और रामकृष्ण आश्रम के सौ साल पूरे

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रामकृष्ण मिशन और रामकृष्ण आश्रम के सौ साल पूरे

देहरादून :  जानी-मानी अंग्रेजी लेखिका और अंग्रेजी साहित्यकार डॉ राधिका नागरथ द्वारा  लिखित “लव यू अंग्रेजी” पुस्तक स्वामी विवेकानंद नॉन फिलॉस्फर अननोन पोएट के हिंदी संस्करण स्वामी विवेकानंद प्रसिद्ध दार्शनिक अनजान कवि पुस्तक का विमोचन सीबीआई के उत्तराखंड प्रमुख आईपीएस सुजीत कुमार, रामकृष्ण मिशन शारदा पीठ बेलूर मठ (कोलकाता) के सचिव स्वामी दिव्यानंद महाराज एवं रामकृष्ण मिशन राजकोट (गुजरात) के अध्यक्ष स्वामी निखिलेश्वरानंद महाराज और रामकृष्ण मिशन मठ किशनपुर देहरादून के अध्यक्ष स्वामी असीमात्मानंद महाराज ने संयुक्त रूप से किया।

रामकृष्ण आश्रम और रामकृष्ण मिशन आश्रम के सौ साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित युवा सम्मेलन में डॉक्टर राधिका नागरथ की पुस्तक का विमोचन किया गया। सभी वक्ताओं ने डॉ राधिका की पुस्तक की तारीफ की और उसे प्रेरणादाई बताया।
स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कहा कि डॉ राधिका की पुस्तक अलौकिक है जिसने स्वामी विवेकानंद के अंग्रेजी कवि के रूप को उजागर किया है। स्वामी निखिलेश्वरानंद महाराज ने कहा कि डॉक्टर राधिका नागरथ ने  हम तो पहुंच गए देश-विदेश में स्वामी विवेकानंद के विचारों का प्रचार प्रसार करने में बहुत बड़ा योगदान किया है। इस अवसर पर पुस्तक की लेखिका डॉ राधिका नागरथ ने कहा कि बाइबिल में यह कथन आता है  पहले प्रभु को प्राप्त करो तो भौतिक उपलब्धियों और सुख सुविधा खुद ब खुद आपको मिलती जाएंगी। सर्वधर्म समभाव के  सबसे बड़े पैरोकार  स्वामी विवेकानंद ने भी बाइबल के इस कथन की  पुष्टि की है उन्होंने कहा कि परमहंस मां शारदा और स्वामी विवेकानंद ने मेरे जीवन की दिशा-दिशा ही बदल डाली।
भावुक होते हुए डॉ राधिका नागरिक ने कहा कि आज से 23 साल पहले 19 अप्रैल को  आज के दिन ही मुझे विवाह बंधन में बांध दिया गया था। जहां 2 साल तक मानसिक प्रताड़ना के चरम पर पहुंचने के बाद घर से बाहर निकाल दिया गया था और मुझे जिंदगी और मौत के चौराहे पर खड़ा कर दिया गया था और ससुराल से निकलने को विवश कर दिया गया था। मैं एक जोड़ी कपड़ों में बिना रुपये-पैसे के देहरादून के खुड़बुड़ा मोहल्ले से पैदल चलती हुई किशनपुर के रामकृष्ण मिशन आश्रम में हताश-निराश हालत में पहुंची तो मुझे इस आध्यात्मिक केंद्र ने नई जिंदगी दी और जीने की राह सिखाई
उन्होंने कहा कि तब मैं केवल साइंस ग्रेजुएट थी आश्रम के स्वामी प्रभात महाराज ने मुझे विवेकानंद के विचारों से ओतप्रोत किया और अंतर्मन से मजबूत बनने की प्रेरणा दी और मेरे भीतर आत्मबल जगाया और मैंने ठाकुर रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर अंग्रेजी साहित्य मैं स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। स्वामी विवेकानंद पर पीएचडी की और आज मैं कई युवाओं को आगे बढ़ने में स्वामी जी के विचारों का प्रचार करती हूं। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के विचारों ने जीवन के प्रति मेरा नजरिया ही बदल डाला। कार्यक्रम का संचालन स्वामी नरसिम्हा नंद महाराज ने किया। डॉ राधिका ने अतिथियों को अंग वस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया।
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