जिलास्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

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जिलास्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

चमोली सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने एवं व्यवस्थित ढ़ंग से यातायात संचालन के उदेश्य से जिलास्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कल देर सांय जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में पीसी हाॅल क्लेक्ट्रेट परिसर में आयोजित हुई। विगत समय में सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गम्भीरता के साथ सड़क यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशानुसार सभी को यातायात नियमों का गम्भीरता के साथ पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकतर सड़क दुर्घटनायें चालक की गल्लतियों की वजह से होते है। वाहन चालक अक्सर गाडियों में जरूरत से अधिक सवारियों को बैठाने की कोशिश करते है, ड्राइविंग के समय मोबाइल पर बात करना या शराब पीकर वाहन चलना फैशन समझते है। ऐसे वाहन चालक सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण होते है। उन्होंने ओवर लाॅडिंग वाहन, माल वाहन में सवारी ले जाने, शराब पीकर गाडी चलाने तथा मोबाइल पर बात करते हुए गाडी चलाने वाले चालको के खिलाफ चालान करते हुए सख्त कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश सहायक सभागीय परिवहन अधिकारी को दिये। दुपहिया वाहनों को बिना हैलमेट के पेट्रोल देने पर पट्रोल पम्प मालिकों के खिलाफ भी कार्यवाही अमल में लाने तथा सभी टैक्सी यूनियनों के साथ बैठक कर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश सभी एसडीएम को दिये। जिले की सभी सड़कों पर दुर्घटना स्थलों को चिन्हित करते हुए रोड़ सेफ्टी हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश लोनिवि, पीएमजीएसवाई सहित संबधित अधिकारियों को दिये। सहायक सभागीय परिवहन अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बैठक में जानकारी देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के अनुसार निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाना, लाल बत्ती जम्प करना, माल वाहनों में निर्धारित मात्रा से अधिक सामान ढोना, माल वाहनों में यात्रियों को बैठाना, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने वाले चालकों के लाइसेंस को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 19 के साथ गठित केन्द्रीय मोटरयान नियमावली 1989 नियम 21 के अंतर्गत कम से कम 03 माह के लिए निरस्त करने का प्रावधान है। केन्द्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम 138क उपनियम 04 के अंतर्गत सभी दुपहिया वाहन विक्रेताओं को दुपहिया खरीद के सयम खरीदारों को आईएसआई अधिनियम 1986 में निहित निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा हेलमेट देना होगा। क्रेता के हेलमेट ना खरीदने पर विक्रेता को क्रेता से इस आशय का शपत पत्र लेना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मोटरयान नियमावली 2011 के नियम 203 के अंतर्गत सभी दुपहिया वाहनों में चालक के साथ पीछे बैठे सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है तथा किसी भी पेट्रोल पम्प पर बिना हेलमेट के पेट्रोल नही दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अनेक स्थानों पर सीसीटीवी सहित चैक पोस्ट लगाये गये है तथा नियमो का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कठोर कार्यवाही अमल में लायी जा रही है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी गैरसैंण स्मृति परमार, एसडीएम थराली सीएस डोभाल, एसडीएम कर्णप्रयाग केएन गोस्वामी, ईई लोनिवि डीएस रावत आदि संबधित अधिकारी उपस्थित थे।

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