राज्यसभा में पीएम मोदी को बुलाने की मांग, संसद कल तक के लिए स्थगित

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राज्यसभा में पीएम मोदी को बुलाने की मांग, संसद कल तक के लिए स्थगित

नई दिल्ली नोटबंदी पर संसद के दोनों सदनों में गुरुवार को जोरदार हंगामा हुआ। लोकसभा तो हंगामे के कारण प्रश्नकाल के बाद ही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। राज्यसभा की कार्यवाही भी दिनभर कई मौकों पर स्थगित की गई। अंतत: उच्च सदन की कार्यवाही को भी शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्यसभा में हो रही नोटबंदी पर चर्चा में भाग लेने के लिए बुलाने की मांग रखी।
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा में नोटबंदी के मामले पर कहा कि जितने लोग सरकार की गलत पालिसी के कारण मारे गए हैं उसके आधे सैनिक भी उड़ी में हुए आतंकवादी हमले में भी नहीं मारे गए थे।इस पर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने जवाब देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने ऐसी प्रतिक्रिया देकर देश का अपमान किया है। उन्होंने कहा, क्या आप इन दोनों मुद्दों की तुलना करके पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को समर्थन कर रहे हैं। आपको माफी मांगनी चाहिए। इससे पहले बड़े नोटों को अमान्य करने के मोदी सरकार के निर्णय के मुद्दे पर गुरुवार को लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने भारी हंगामा किया और सदन का कार्य स्थगित करके तत्काल चर्चा कराने की मांग की। सरकार ने कहा कि यह कदम कालाधन, भ्रष्टाचार और जाली नोट के खिलाफ उठाया गया है और वह नियम 193 के तहत चर्चा कराने को तैयार है। हालांकि विपक्षी दल कार्यस्थगित करके चर्चा कराने की मांग पर अड़े रहे। इस विषय पर अपनी मांग के समर्थन में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वाम दल, अन्नाद्रमुक के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस, तृणमूल, वाम दलों ने 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करने के कारण आम लोगों को हो रही परेशानियों और इस निर्णय को कथित तौर पर चुनिंदा लीक करने का मुद्दा उठाया और कार्यस्थगित करके तत्काल चर्चा शुरू कराने की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार, कालाधन और जाली नोट को खत्म करने और इसके ऊपर पनपने वाले आतंकवाद को खत्म करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है और इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने यह पहल की है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम इस विषय पर चर्चा कराने को तैयार हैं। विपक्ष इस पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया है। भारत सरकार इस पर नियम 193 के तहत चर्चा कराने को तैयार है। पूरी जनता मोदी सरकार के इस निर्णय के साथ है। हम चर्चा को तैयार है। हालांकि, विपक्षी सदस्य इस पर तैयार नहीं थे और कार्यस्थगित करके चर्चा कराने की मांग करते रहे। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि सरकार चर्चा कराने को तैयार है। क्या आप चर्चा करना नहीं चाहते। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि हमने नियम 56 के तहत कार्यस्थगन का नोटिस दिया है। सभी दल चाहते हैं कि इस पर कार्य स्थगित करके चर्चा करायी जाए। उन्होंने कहा कि इस निर्णय पर रोक लगाई जाए। हम सभी भ्रष्टाचार के खिलाफ है और हम सब को मिलकर इससे निपटना है। राजद के जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा कि सरकार के इस निर्णय के कारण गरीब लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। माकपा के मोहम्मद सलीम ने कहा कि नोटबंदी के कारण लोग परेशान है। इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा करायी जाए।
अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने एक बार फिर सदस्यों से कहा कि सरकार चर्चा कराने को तैयार है। आप अपने स्थान पर जाएं। कांग्रेस, तृणमूल सदस्य प्रधानमंत्री जवाब दो जैसे नारे लगाते रहे। हालांकि सदस्यों का शोर शराबा जारी रहा। अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल की कार्यवाही चलायी। हंगामा जारी रहने के बाद लोकसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

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