रेलवे स्‍टेशन और बस स्‍टेशनों में यात्रियों की फजीहत

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रेलवे स्‍टेशन और बस स्‍टेशनों में यात्रियों की फजीहत

हरिद्वार केंद्र सरकार की ओर से 500 व 1000 रुपये के नोट पर रोक का असर हरिद्वार रेलवे स्टेशन ओर बस स्टेशनों में भी दिखाई दिया। रेलवे स्टेशन व बसों में यात्रियों से 500 ओर 1000 के नोट को लेकर परेशानी सामने आई। दोनों ही जगह कार्ड स्वेप मशीन न होने से भी यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ी। 500 व 1000 के नोट पर रोक लगने के साथ ही सुबह से हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर आरक्षण व जनरल टिकट लेने वालों की लंबी लाइन लगनी शुरू हो गयी थी। स्टेशन पर बने टिकट घर पर यात्री टिकट खिड़की से 10 से लेकर 50 रुपये तक ओर इससे अधिक का टिकट लेकर 500 ओर 1000 का नोट दे रहे हैं। मोदी के फैसले से कईयों को नानी याद आ गई’ जिसके चलते छुटे पैसे देने का संकट खड़ा हो गया है। एसएस एमके सिंह ने बताया कि सभी यात्री 500 ओर 1000 का नोट देकर टिकट खरीद रहे हैं, जिसके चलते उन्हें खुले पैसे वापिस करने में दिक्कतें आई। इसके साथ ही यात्री आगे के लिए भी अभी से आरक्षण कराकर वेटिंग के ही टिकट लेने लगे। उत्तराखंड के लोग बोले, ये मोदी का ‘फाइनेंशियल स्ट्राइक’ ऐसे में यात्रियों से खुले पैसे देने का अनुरोध किया गया है। एमके सिंह ने बताया कि टिकट खिड़कियों पर कार्ड स्वेप मशीन न होने के चलते किसी भी तरह के कार्ड मान्य नहीं किये गए। पांच सौ और हजार के नोट बंद होने से उत्तराखंड में भी हाहाकार बस स्टेशनों में भी परेशानियां जस की तस बस स्टेशनों में भी परेशानी देखने को मिली। यात्री सफर के दौरान 500 और 1000 के नोट देकर टिकट खरीदने लगे, तो परिचालक ने छुटे पैसे न होने का हवाला देते हुए पैसे लेने से इंन्कार कर दिया। दो दिन के लिए उधारी पर हो गई जिंदगी एआरएम सुरेश चौहान का कहना है कि यदि एक बस में 30 से 35 यात्री हैं तो उनमें से अधिकतर यात्री 500 ओर 1000 के नोट ही देकर टिकट ले रहे हैं। लेकिन ऐसा होने से कंडक्टर के पास खुले पैसों का संकट खड़ा हो गया।

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