मोदी की नोट बंदी को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस की आक्रोश रैली

0
362

मोदी की नोट बंदी को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस की आक्रोश रैली
देहरादून 8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिये गये नोटबंदी के अविवेकपूर्ण फैसले के कारण आम गरीब आदमी को होने वाली आर्थिक परेशानी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस पार्टी द्वारा विरोध-प्रदर्शन एवं पुतला दहन का आयोजन किया गया। इसी के परिपेक्ष में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून से राजभवन तक प्रदर्शन के साथ मार्च निकाला गया जिसके पश्चात कांग्रेस पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में श्री राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन एसडीएम देहरादून के माध्यम राज्यपाल महोदय को सौंपा। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने किया किया तथा ज्ञापन काबिना मंत्री श्री दिनेश अग्रवाल ने पढ़ा।
इससे पूर्व कंाग्रेस भवन में बड़ी संख्या में एकत्र कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत एवं प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने केन्द्र की मोदी सरकार के इस फैसले से गरीब एवं मध्यम वर्ग के व्यक्ति को होने वाली परेशानी पर कांग्रेस पार्टी की ओर से विरोध दर्ज करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में एक भी ऐसी योजना नहीं दी जिससे गरीब व आम आदमी का भला हो सके उल्टे कुछ सरमायेदारों को फायदा पहुंचाने की नीयत से देश की आम जनता को प्रताडित करने का ही काम किया है।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि दिनांक 8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिये गये नोटबंदी के अविवेकपूर्ण फैसले के कारण लगभग तीन सप्ताह का समय व्यतीत होने के उपरान्त भी पूरे देश में असमंजस का माहौल बना हुआ है तथा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले आम आदमी के सामने गम्भीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। केन्द्र सरकार के रोज बदलते फैसलों के कारण बैंक खाते में पैसा होने के बावजूद आम आदमी अपनी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों को पैसे के अभाव में नहीं खरीद पा रहा है। बैंकों में रखे अपने पैसे को वापस पाने के लिए निम्न व मध्यम वर्ग का व्यक्ति भिखारी की भंाति लाईन में खड़ा है। काला धन बाहर निकालने एवं जाली करेंसी को चलन से बाहर करने के नाम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिये गये इस फैसले के पीछे देश के चुनिंदा औद्योगिक घरानों एवं सरमायेदारों को लाभ पहुंचाने तथा देश की अर्थ व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने की साजिश प्रतीत होती है।
केन्द्र सरकार के इस फैसले से देश का गरीब, किसान मजदूर, छोटा व्यापारी व निम्न आय वर्ग का व्यक्ति सबसे अधिक प्रभावित है। रोज कमा कर खाने वाले छोटे व्यवसायी, रेहड़ी-ठेली लगाकर फल, सब्जी बेचने वाले मजदूर, टैक्सी, मैक्सी, थ्री व्हीलर, रिक्शे वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। फल, सब्जी उत्पादन से जुड़े छोटे किसानों को उनकी फसलों के खरीददार नहीं मिल पा रहे है नतीजन उनकी खून-पसीने की कमाई से उगाई गई फसल सड़ रही है। गरीब आदमी अपने बच्चों के स्कूल की फीस समय पर नहीं दे पा रहा है तथा बीमार व्यक्तियों को समय पर उपचार के अभाव में असमय कालकल्वित होना पड़ रहा है। ऐसे समय में केन्द्र सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र की संस्थाओं जिन पर देश का किसान निर्भर है, पर धन की अदला-बदली के लिए लगाये गये प्रतिबन्ध के कारण किसान खाद् और बीज के लिए परेशान है। गरीब मां-बाप पैसे के अभाव में बेटी की विदाई नहीं कर पाने के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस तुगलकी फरमान से पर्यटन पर आधारित उत्तराखण्ड जैसे अल्प संसाधन वाले राज्यों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अकेले उत्तराखण्ड राज्य को अभी तक लगभग 700 करोड़ रूपये से अधिक की हानि हो चुकी है। सरकारी कर्मचारी, भूतपूर्व सैनिक, देशी और विदेशी पर्यटकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है तथा उत्तराखण्ड पर्यटन व्यवसाय को भारी क्षति हो रही है।
कंाग्रेस पार्टी नोटबंदी को राजनैतिक लाभ का विषय नहीं बनाना चाहती है लेकिन केन्द्र सरकार के इस फैसले से गरीब आदमी को हो रही तकलीफों को देखते हुए निम्न मांग करती हैः-
1. यू.पी.ए. सरकार के समय प्रतिवर्ष 75 हजार डाॅलर विदेशी बैंकों में जमा करने की अधिकतम सीमा को केन्द्र की मोदी सरकार ने पहले चरण में बढ़ाकर प्रतिवर्ष 125 हजार डाॅलर किया तथा दूसरे चरण में पुनः इस सीमा को बढ़ाकर 250 हजार डाॅलर करते हुए अपने चहेते औद्योगिक घरानों के मित्रों को उनका काला धन विदेशों में भेजने की पूरी सुविधा प्रदान की। परिणामस्वरूप एक वर्ष में भारत से 11 हजार करोड़ डाॅलर की भारी भरकम धनराशि विदेशी बैंकों में जमा हुई। यह सब होने के बाद नोटबंदी का फैसला किया गया जो कि आज आम आदमी की परेशानी का सबब बना हुआ है।
2. बैंकों में पैसा जमा करने की धनराशि की सीमा बढ़ाते हुए 2.50 लाख से 10 लाख तक टैक्स फ्री किया जाय।
3. केन्द्र सरकार के फैसले से छोटे किसानों को अपनी मेहनत से पैदा की गई फल-सब्जी, दुग्ध उत्पादों के खरीददार नहीं मिल रहे हंै तथा ठेली-रेहड़ी वाले व्यवसायी के सब्जी, फल क्रेता के अभाव में सड़ रहे हैं, उन्हें हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआबजे की व्यवस्था की जाय।
4. रवि की फसल की बुआई का सीजन प्रारम्भ हो चुका है। सहकारी बैंकों पर निर्भर किसान खाद् और बीज के लिए परेशान है जिससे वह रवि की फसल की बुआई नहीं कर पा रहा है जिसके कारण भविष्य में अन्न के उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है तथा देश में अनाज का संकट उत्पन्न हो सकता है।
5. नोट बंदी के फैसले से पहले की तिमाही में पिछले वर्ष की तुलना में बैंकों में 5 गुना अधिक धन जमा होना, भारतीय जनता पार्टी की बंगाल इकाई द्वारा नोट बंदी से पहले अपने खाते में करोड़ों रू0 जमा करना तथा भाजपा की विहार इकाई द्वारा करोड़ों रूपये की जमीन खरीदना नोटबंदी के फैसले की गोपनीयता पर प्रश्नचिन्ह्र है, इसलिए संसद की संयुक्त संसदीय समिति (जे.पी.सी.) का गठन कर जांच करवाई जाय।
6. केन्द्र सरकार की नोट बंदी के फैसले से उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था को गहरा आघात लगा है। इससे सरकारी ही नहीं गैर सरकारी क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है। उपभोक्ता आधारित उत्तराखण्ड राज्य को अब तक करीब 700 करोेड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। बाजार में खरीददारी में 60 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है, इससे राज्य के कर राजस्व में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसलिए पर्यटन उद्योग पर आधारित उत्तराखण्ड राज्य को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए 2000 करोड़ की धनराशि मुआबजे के रूप में दी जाय।
कंाग्रेस पार्टी ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि देश के जन सरोकारों से सम्बन्धित इन बिन्दुओं के समाधान हेतु केन्द्र सरकार को निर्देशित करने की कृपा करेंगे।
कार्यक्रम को अनेक कांग्रेसजनों ने संबोधित किया जिनमें विधायक राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर चन्द रमोला, चै0 महेन्द्र सिंह, सूर्यकान्त धस्माना, विजय सारस्वत, अब्दुल रज्जाक, मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी, राजेन्द्र शाह, धीरेन्द्र प्रताप, कुंवर सिंह नेगी, जे.पी. शर्मा, नवीन जोशी, डाॅ0 के0एस राणा, राजेन्द्र भण्डारी, आर्येन्द्र शर्मा, राजपाल खरोला, डाॅ0 आर.पी. रतूड़ी, गरिमा दसौनी, महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चैहान, विवेक खण्डूरी, लालचन्द शर्मा, विजय लक्ष्मी गुसांई, राजेश पाण्डे, श्रीमती संतोष कश्यप, संजय भट्ट, प्रणीता बडोनी, शान्ति रावत, डाॅ0 प्रदीप जोशी, नर्गिस आरा, महन्त विनय सारस्वत, संग्राम पुण्डीर, दीप बोहरा, अभिवन थापर, सुनीत राठौर, मुकेश रेग्मी, नजमा खान, जगदीश धीमान, कमलेश रमन, शाहीन बानों, यामीन अंसारी,ताहिर अली रमेश चन्द प्रधान, सुभाषिनी बडथ्वाल, पूरण ंिसह रावत, कै0 बलवीर सिंह रावत, दिलेर संधू, भगत राम, मदन लाल, शोभाराम, टी.सी. भारती, अनुराधा, विवेक शर्मा, हरजीत सिंह, चरणजीत कौशल, सुलेमान अली, मनीष, अनिल नेगी, शिव मोहन मिश्रा, कुुंवर सिंह यादव आदि अनेक कंाग्रेसजन शामिल थे।

Bhadas 4 India देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल की हिंदी वेबसाइट है। भड़ास फॉर इंडिया.कॉम में हमें आपकी राय और सुझावों की जरुरत हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें bhadas4india@gmail.com पर भेज सकते हैं या हमारे व्हाटसप नंबर 9837261570 पर भी संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज Bhadas4india भी फॉलो कर सकते हैं।

Comments

comments