पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना राज्य सरकार की अंतिम मोहर

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पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना राज्य सरकार की अंतिम मोहर Panchwesvar Project Uttrakhand Nepal River Kali

देहरादून पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना को लेकर कुमांऊ से लेकर गढ़वाल मंडल के हिस्सों में इस योजना को जहा राज्य के लिए मुफीद बताया जा रहा है वही इसको लेकर विरोध की आवाजे भी बुलंद होती नज़र आ रही है बीते दिनों पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना को लेकर जन अदालत को लगाया जा चूका है जहा पर जनता के लोगो की राय भी सामने आ चुकी है ऐसे में राज्य सरकार जनहित को लेकर फैसले लेने के लिए इसकी कार्ययोजना पर काम कर रही है उत्तराखंड में इस योजना को लेकर कई देशो को भी अपनी सहमति प्रदान करनी है इसी को लेकर राज्य सरकार ने एक बैठक आयोजित कर इसके प्रभावों को जानने के प्रयास किया गया। पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना राज्य सरकार की अंतिम मोहरदेहरादून मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना के सम्बन्ध में केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, सांसद भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज एवं प्रकाश पंत के साथ बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस महत्वकांक्षी परियोजना के बारे में देश एवं राज्य के हित को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्य योजना बनाकर केन्द्र सरकार को भेजने पर चर्चा की गई। पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के लिए पुनर्वास, विस्थापन, सर्किल रेट, विभागीय परिसम्पतियों एवं सार्वजनिक स्थानों का शासन स्तर पर आकलन एवं आंगणन कर पूर्ण कार्ययोजना बनाने पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि परियोजना से जो भी प्रभावित हो रहे हैं, उनके हितों को ध्यान में रखते हुए एवं जन सुझावों को दृष्टिगत रखते हुए अग्रिम कार्ययोजना बनाई जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य के हित को देखते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। जिससे केन्द्र सरकार से सभी मुद्दों पर गहनता से विचारविमर्श किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी बहुद्देशीय परियोजना के अनुभवों को भी ध्यान में रखते हुए इस परियोजना के लिए डी.पी.आर बनाई जाए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सिंचाई आनन्द वर्द्धन, सचिव ऊर्जा श्रीमती राधिका झा, सिंचाई, पेयजल एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी उपस्थित थे।

नेपाल और उत्तराखंड में पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना को लेकर उत्तराखंड सरकार कैबिनेट फैसले पर भी इसको बनाये जाने के लिए निर्णय ले चुकी है जिसके बाद कई जगह पर विस्थापन को लेकर ग्रमीणो में अभी भी एक राय नहीं बन पायी है इसके बन जाने से कुमाऊ का एक बड़ा हिस्सा पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना में जायेगा जिसका लाभ भी राज्य को मिलेगा।

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