पंचवटी बनी बिल्डरों की राजनैतिक गुंडागर्दी का अड्डा

0
339

पंचवटी बनी बिल्डरों की राजनैतिक गुंडागर्दी का अड्डा

देहरादून उधमसिंहनगर में जमीनो का काला कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है इस कारोबार ने सरकार के खजाने पर भी ब्रेक लगा दिया है रुद्रपुर में कई बिल्डर इस कारोबार को अपने अपने राजनेता के आंगन से सरकारी खजाने पर अपनी राजनैतिक रसूख का असर दिखा कर जमकर लूट रहे है उधम सिंह नगर के ज़िला अधिकारी चंद्रेश यादव ने ऐसे बिल्डरों के खिलाफ मोर्चा खोल कर कारवाही को तेज कर दिया है जिस के बाद ऐसे राजनेता जिन का कही न कही बिल्डरों के कारोबार में सामिल है वो अधिकारी पर अपना राजनैतिक दवाब बना रहे है उधम सिंह नगर में कोर्ट के आदेश की रोक के बाद भी जिस तरह बिल्डरों द्वारा अपना कारोबार अंजाम दिया जा रहा है वो बिना राजनैतिक रसूख के नहीं अंजाम दिया जा सकता रुद्रपुर के कुछ छूटभये नेता अधिकारियो पर जिस तरह दवाब बना रहे है वो उनकी कही न कही मिलीभगत की तरफ इशारा कर रहा है ताज़ा बयान रुद्रपुर के कांग्रेसी नेता सुशिल गाबा ने देकर एक तरह से ज़िले के अधिकारियो पर अपना राजनैतिक रसूख कायम किये जाने की तरफ इशारा किया है इस बारे में जब सुशील गाबा से बात की गयी तो उन्होंने कहा की मेरा पंचवटी बिल्डर से कोई लेना देना नहीं है और मेरा कोई भी कारोबार बिल्डरों से जुड़ा हुआ नहीं है वही पंचवटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है

घर का सपना कही सपना न रह जाये संभल कर करे निवेश 

उधमसिंह नगर जनपद में प्रशासन के नाम का ख़ौफ़ क्या है क्या, यह आप भूमाफियाओ के खुलेआम जमीनों पर कब्ज़ा करने से अंदाज़ा लगा सकते है, जी हाँ नजूल की जमीनों पर भूमाफियाओ के द्वारा किये जा रहे है कब्ज़े और प्रशासन के साथ मिलीभगत कर जमीनों को खुर्द बुर्द करने का खेल कही न कही प्रशासन पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहा है, यही नहीं प्रशासन तो बेखबर है लेकिन इस मामले में एक मंत्री भी इस मामले में शामिल है तभी इस जमीनी घोटाले में सीलींग की जमीन पर माननीय मंत्री जी ने बिना आबादी के होते हुए भी आबादी दिखाकर सड़क की मंजूरी शासन से स्वीकृत करा दी , ताकि भूमाफियाओ और उक्त बिल्डर को इसका लाभ मिल सके,

छूटभये नेता क्यों बने बिल्डरों के बकलोल दामाद

रुद्रपुर में दिल्ली नैनीताल हाइवे और टॉप लोकेशन पर खाली पड़ी नजूल की जमीनों पर बिल्डरों और भूमाफियाओ की निगाहें पड़ते ही भूमाफियाओ ने प्रशासन और प्रदेश में मौजूद सरकार के मंत्रियो से सांठ गाँठ कर बेशकीमती जमीनों पर कब्ज़ा कर कालोनिया काट दी, ऐसा नहीं था कि इस मामले की जानकारी प्रशासन को नहीं थी, पूर्व जिलाधिकारी ने खुद इस मामले में उक्त जमीन को खुर्द बुर्द करने का पट्टा भी दे दिया था , जिसमे करोडो का खेल भी खेला गया, एक तरफ सरकार तो दूसरी तरफ प्रशासन का संरक्षण प्राप्त करने के बाद भूमाफियाओ ने खुलेआम माननीय उच्च न्यायलय के सभी आदेशो को दरकिनार करते हुए इतना बड़ा घोटाले को अंजाम दे दिया जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था , रातो रात जमीनों पर होडिंग्स लगा दिए गए, प्लॉट बेचने के लिए कार्यालय बना दिए गए , यही उक्त जमीनों पर कालोनी काटने के बाद प्रशासन के अधिकारियो और मंत्रियो के रिश्तेदारों के नाम भी प्लाट आवंटित किये गए , तब जाकर भूमाफियाओ ने इस जमीन को खुर्द बुर्द किया ,

कोर्ट के आदेश से बड़ा क्यों बना बिल्डर का कारोबार

193 बीघा नजूल की जमीन को हड़पने के मामले में अब तक प्रशासन की चुप्पी भी कई सवालो को खड़े कर रहा है, आपको बता दे उच्च न्यायलय के द्वारा 2007 में नगर पालिका को उक्त नजूल की भूमि को अपने कब्ज़े में लेकर ताड़बाढ़ करने के निर्देश दिए गए थे जिसमे नगर पालिका के द्वारा उक्त जमीन पर कब्ज़ा कर लिया था लेकिन 193 बीघा जमीन पर भूमाफियाओ ने प्रशासन और मंत्रियो के साथ सांठ गाँठ कर उक्त जमीन को कब्ज़ा कर उस पर पंचवटी के नाम से कालोनी काट दी, और लोगो को कालोनी में प्लॉट तक बेचने शुरू दिए, हाई कोर्ट ने नगर निगम रुद्रपुर की मुख्य नगर अधिकारी को उक्त जमीन पर चल रहे निर्माण कार्यो को रोकने के आदेश दिए , जिसके बाद प्रशासन ने निर्माण कार्य तो रुकवा दिया लेकिन कालोनाइजरों के सामने प्रशासन बोना साबित हुआ , और पंचवटी कालोनी में रजिस्ट्री पर रोक लगने के बाबजूद भी रजिस्ट्रिया होती रही, इस मामले में जब रुद्रपुर रजिस्ट्रार कार्यालय से रजिट्री का विवरण माँगा गया तो रजिस्ट्रार ने कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर दिया , इस बात से साफ़ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि आखिर हाईकोर्ट के आदेशो के बाबजूद प्रशासन उक्त अवैध कालोनी में बिकने वाले प्लाटो की रजिस्ट्री तक रोकने में नाकाम साबित हुई,

ज़िला अधिकारी ने दिए मामले की जाच के आदेश मुकदमा दर्ज

बड़ा सवाल ये है की आखिर कैसे स्थानीय लोगो और जनप्रतिनिधियो ने इस मामले को लेकर जमीनी घोटाले में प्रशासन,शासन, और सरकार के सरंक्षण में जमीनों को खुर्द बुर्द कर सैकड़ो करोड़ का खेल खेला है इस मामले में जिलाधिकारी उधमसिंह नगर चन्द्रेश कुमार यादव का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला आया है, जिसमे माननीय उच्च न्यायलय के आदेशो का पालन कराया जायेगा, और इस मामले की जाँच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही कराई जाएगी, वही जिलाधिकारी ने इस पंचवटी कालोनी की जाँच एसडीएम रुद्रपुर पंकज उपाध्याय को दी है

Bhadas 4 India देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल की हिंदी वेबसाइट है। भड़ास फॉर इंडिया.कॉम में हमें आपकी राय और सुझावों की जरुरत हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें bhadas4india@gmail.com पर भेज सकते हैं या हमारे व्हाटसप नंबर 9837261570 पर भी संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज Bhadas4india भी फॉलो कर सकते हैं।

Comments

comments