पद्मावती को लेकर बोली उमा भारती: कहा अभिनेता-अभिनेत्री का अपमान अनैतिक: Padmavati Controversy

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पद्मावती को लेकर बोली उमा भारती: कहा अभिनेता-अभिनेत्री का अपमान अनैतिक: Padmavati Controversy

padmavati फिल्म पद्मावती को लेकर हुए विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, पद्मावती फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली और उनकी पूरी टीम को ही इसका हर्जाना भुगतना पड़ सकता है. फिल्म से सम्बंधित विवादों का यदि आंकलन किया जाए तो देशभर में ही लोग गुस्साए हुए हैं. इस विवाद के चलते ही करणी सेना के प्रमुख लोकेन्द्र सिंह कलवी ने कहा है कि पद्मावती के विरोध में एक दिसंबर को भारत बंद किया जाएगा. ताज़ा अपडेट के मुताबिक पद्मावती के विरोध में ठीक उसी दिन भारत बंद का आह्वान किया गया है जिस दिन ये फिल्म देश भर में रिलीज़ हो रही है.

करणी सेना के सदस्य महिपाल सिंह मकराना ने कहा है कि राजपूत कभी औरतों पर हाथ नहीं उठाते लेकिन जरुरत पड़ी तो दीपिका के साथ वही सुलूक किया जायेगा जैसा लक्ष्मण ने शूपर्णखा के साथ उसकी नाक काटकर किया था.

दूसरी ओर केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने भी ट्विट कर कहा कि इस फिल्म की कहानी बनाते समय लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि महिलाओ का सम्मान हर स्थिति में होना ही चाहिए, फिल्म के अभिनेता व् अभिनेत्री को इसके लिए दोषी करार देना गलत है. उनका अनादर अनैतिक है. लेकिन फिल्म निर्माताओं को लोगो की भावनाओ से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए.केंद्रीय मंत्री ने फिल्म देखे बिना भंसाली की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “निर्देशक और पटकथा लेखक के तौर पर काम कर रहे उनके सहयोगी इसकी कहानी के प्रति जिम्मेदार हैं. उनको लोगों की भावनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों का ख्याल रखना चाहिए. भाजपा की सांसद ने कहा कि उन्हें भरोसा दिया गया है कि सेंसर बोर्ड उठाए गए सभी मुद्दों का पर ध्यान रखेगा. उमा भारती ने कहा, “मुझे भरोसा है कि उन्हें (सेंसर बोर्ड) पहले ही लोगों द्वारा उठाई गई चिंताओं के बारे में सूचित कर दिया गया है.Do you Want to Join Indian Army then check the site.

यह फिल्म अभी सेंसर बोर्ड को भेजी गई है. रिलीज होने की तारीख 1 दिसंबर तय है. सेंसर बोर्ड एक स्वतंत्र संस्था है और संस्था को ऐतिहासिक मायनो का ध्यान रखते हुए इस फिल्म के रिलीज़ की अनुमंती देनी चाहिए. ऐसा नहीं है कि पद्मावती ऐसी पहली फिल्म है जिस पर सवाल उठे हों इससे पहले भी कई फिल्म आयी हैं जिन पर सेंसर बोर्ड कि कैंची चली भी. दरअसल तो फिल्म निर्माताओं को ही इस बात का ख़याल रखना चाहिए कि किस किरदार से और किस दृश्य से लोग प्रभावित होंगे या उनकी भावनाओ का मजाक बनेगा.

1 दिसम्बर को जब फिल्म रिलीज़ कि तारीख होगी तभी इस बात का खुलासा हो पायेगा कि पद्मावती फिल्म का ये रोष थमता है या नहीं.

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