तिवारी की राजनैतिक रेकी या बेटे का राजनैतिक ब्लू प्रिंट

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तिवारी की राजनैतिक रेकी या बेटे का राजनैतिक ब्लू प्रिंट
तिवारी हमेशा ही राजनैतिक रेकी करते रहे है इन दिनों तिवारी के कई पुराने कांग्रेसी सरकार से लेकर बेटे की राजनैतिक जमीन को लेकर रेकी कर रहे है देहरादून से लेकर हल्द्वानी तक कई कांग्रेसी तिवारी के पास मंडराएं तो यही हकीकत सामने आई तिवारी का राजनैतिक सच कोई नहीं जान पाया कई राज तिवारी सरकार के आज भी कई नेताओं के सीने में दफ़न है क्या है तिवारी के राजनैतिक मंसूबे ज़रा आप भी देख ले

नारायण दत्त तिवारी ने लिखी बेटे रोहित की राजनैतिक स्क्रिप्ट
हल्द्वानी अपनी राजनैतिक विरासत का जिस ज़िले से इतिहासः लिखते आये तिवारी क्या अपने बेटे रोहित का राजनैतिक मैदान भी उसी ज़िले से लिखेंगे इस बात को लेकर नयी राजनैतिक चर्चा शुरू हो गयी है नारायण दत्त तिवारी को नैनीताल जनपद में कांग्रेस का जबरदस्त सहयोग मिलता रहा है यही कारण है की तिवारी राम लहर के कारण सिर्फ बलराज पासी से चुनाव हारे और उस के बाद हर का स्वाद हमेशा विरोधी कैंप को दिलाते रहे लेकिन वर्तमान राजनैतिक माहोल में तिवारी का कद जहा कमजोर होता गया वही उत्तराखंड में तिवारी की जड़े खत्म हो गयी लेकिन तिवारी अपनी राजनैतिक जमीन को अब एक बार बेटे रोहित शेखर के सहारे जिन्दा रखें रहने का फार्मूला इज़ाद कर रहे है तीन दिनों तक नैनीताल जनपद में तिवारी की कदम ताल बता गयी की कही न कही तिवारी अपने बेटे की राजनैतिक जमीन को हरा भरा करने के लिए एक बार फिर अपनी आखिरी कोशिश को अंजाम देंगे

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी बुधवार को हल्द्वानी प्रवास पर पहुंचे, उनका तीन दिन तक जिले में रहने का प्रोग्राम है। हर बार तरह एनडी तिवारी के हल्द्वानी में पहुंचने के साथ राजनीति सरगर्मी तेज हो गई है उनके दौरे को चुनाव से पहले बेटे के लिए सीट और समीकरण की रेकी के तौर पर भी देखा जा रहा है। उनके बेटे ने कांग्रेस से चुनाव लड़ने की हसरत को सामने रखा, तो एनडी तिवारी ने भी संकेतों में हसरत पर मोहर लगाने के साथ लगे हाथ सहयोग भी मांग लिया।

यूपी परिवहन विभाग सलाहकार रोहित शेखर ने कहा कि उनके राजनैतिक भविष्य को पिता ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव राहुल गांधी को सौंप दिया है। वह बीते दिनों 10 जनपथ में मिलकर भी आये हैं। वहां से फैसला होना है। उनका कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता उत्तराखंड और कांग्रेस है।

इस बारे में उनकी बड़े भाई जैसे और यूपी के सीएम अखिलेश यादव से भी बात हुई है, उनके अनुसार उन्होंने उनके हर फैसले में साथ होने का आश्वासन दिया है। चुनाव के लिए बात सीट पर पहले सूबे और फिर घूमते हुए जिले तक पहुंच गई अगर राजनीतिक समीकरणों को देखें तो नैनीताल सीट आरक्षित है। ऐसे में रामनगर, हल्द्वानी, लालकुआं और कालाढूंगी और भीमताल सीट बचती है। इसमें सबसे ज्यादा संभावना भीमताल सीट को लेकर है। जहां पर एनडी तिवारी का पैतृक घर, परिवार के साथ सालों से संजोयी विरासत है।
भीमताल सीट पर तिवारी की नज़र
यहां पर हल्द्वानी, लालकुआं सीट की तरह कोई हैवीवेट दावेदार भी नहीं है। कालाढूंगी सीट की तरह प्रकाश जोशी और महेश शर्मा की तरह कांग्रेसी मतों के लेकर खींचतान भी नहीं है। रही बात रामनगर की तो लंबे समय से ‘रावत’ के चुनावी रण में उतरने के संकेत मिल चुके हैं। …रावत के आगे नाम क्या होता है, उस गैप को भरे जाने का इंतजार लोग कर रहे हैं जब रोहित के नैनीताल जिले से चुनाव से लड़ने के बारे में पूर्व सीएम एनडी तिवारी से बात की गई तो उनका कहना था यह (रोहित) हर जगह का दौरा करेगा। स्थितियों को देखेगा। इस काम में सभी का ‘सहयोग’ मिलना चाहिए। दौरे और सहयोग और राजनैतिक मुस्कान के जरिए संकेतों में उन्होंने इच्छा जता दी। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही देहरादून का भी दौरा करेंगे।

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