फेसबुक के बाद अब नमो ऍप पर उठे सवाल : Namo App data secrecy

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फेसबुक के बाद अब नमो ऍप पर उठे सवाल : Namo App data maintain its secrecy

फेसबुक के डाटा लीक होने के की खबर के बाद मामला थमा नहीं है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नमो ऍप पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं, फेसबुक डेटा लीक को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. दोनों दलों के नेता एक दूसरे पर कटाक्ष करने का कोई मौका नहीं गंवा रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीधे तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी को घेर डाला है. राहुल गांधी ने एक दावे के आधार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक ऐप पर सवाल उठाए हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज सुबह एक ट्वीट किया है. जिसमें उन्होंने फ्रांस के एक हैकर के ट्वीट पर आधारित खबर को शेयर किया है. एलियट एल्डर्सन नाम के इस हैकर ने अपने ट्वीट में दावा किया है कि नरेंद्र मोदी ऐप डाउनलोड करने वाले लोगों की व्यक्तिगत जानकारी किसी तीसरी पार्टी के साथ साझा की गई हैं. इस पर राहुल गाँधी ने ट्वीट किया कि, ‘हाय, मेरा नाम नरेंद्र मोदी है. मैं भारत का प्रधानमंत्री हूं. जब आप मेरे आधिकारिक ऐप पर लॉग इन करते हैं तो मैं आपकी सारी जानकारी अमेरिकी कंपनियों के अपने दोस्तों को दे देता हूं.’ राहुल के इस ट्वीट के बाद से पीएम्ओ ने पलटवार करने में देरी नहीं की.

राहुल के इन आरोपों पर पीएमओ ने भी पलटवार भी कर दिया है. राहुल गांधी के इस आरोप पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी पलटवार किया है. पीएमओ की तरफ से कहा गया है कि राहुल गांधी और कांग्रेस को टेक्नोलॉजी की जानकारी नहीं है. पीएमओ ने कैंब्रिज एनालिटिका को डेटा चोरी करने के लिए कांग्रेस का ब्राह्मास्त्र बताया है. साथ ही कहा है कि राहुल इस खुलासे से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं.

पीएमओ की तरफ से ये दलील भी दी गई कि मीडिया हाउस भी अपने ऐप के लिए थर्ड पार्टी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं. ताकि वो अपने पाठक तक अच्छे से खबरें पहुंचा सकें.

पीएमओ ने बताया कि नरेंद्र मोदी ऐप एकदम अलग किस्म की ऐप है, जो किसी भी यूजर को ‘गेस्ट मोड’ में आने की परमिशन देती है. यानी कोई भी व्यक्ति इस ऐप पर एक मेहमान की तरह है. सामान्यत: ऐप के इस्तेमाल पर किसी प्रकार की अनुमति या डेटा देने की जरूरत नहीं होती है.

हालांकि, पीएमओ ने ये भी बताया कि विशेष परिस्थितियों में जानकारी मांगी जाती है. पीएमओ ने उदाहरण देते हुए बताया, ‘अगर कोई सेल्फी कैंपेन का हिस्सा बनना चाहता है तो उसके लिए फोटो शेयर करने की जरूरत होती है. साथ ही अगर कोई व्यक्ति अपनी ईमेल आईडी, जन्मतिथि की जानकारी देता है तो उसे पीएम मोदी की तरफ से बधाई संदेश भेजा जाता है.’ पीएमओ ने बताया कि ऐप के हर अलग फंक्शन से संबंधित जुड़ी जानकारी ही मांगी जाती है. जबकि ऐप शुरू होने पर कोई जानकारी नहीं मांगी जाती है.

पीएमओ ने उस ट्वीट पर भी सफाई दी है, जिसमें ये खुलासा किया गया है. पीएमओ ने कहा है कि फ्रैंच ट्विटर यूजर ने जो खुलासा किया है, वो उस डेटा के बारे में है जो यूजर अपनी डिवाइस पर खुद देते हैं. ऐसे में ये कोई सुरक्षा में सेंध नहीं है.

हाल ही में ये खुलासा हुआ कि फेसबुक ने अपने यूजर्स की जानकारी कैंब्रिज एनालिटिका नाम की कंपनी को दी. जिसका भारत में राजनीतिक दलों ने इस्तेमाल किया, और अब तक कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. कैंब्रिज एनालिटिका पर 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में फेसबुक के करीब पांच करोड़ उपयोगकर्ताओं की जानकारियों के दुरुपयोग का भी आरोप है.

केंद्र सरकार ने 23 मार्च को इस संबंध में कैंब्रिज एनालिटिका को नोटिस भी जारी किया है. सरकार ने कैंब्रिज एनालिटिका से पूछा है कि क्या वह भारतीयों के डेटा दुरुपयोग और उनके मतदान करने के तरीके को प्रभावित करने में शामिल थी. इस सम्बन्ध में कंपनी से 31 मार्च तक जवाब भी मांगा गया है.

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