नाबार्ड की राज्य के विकाश में भूमिका बड़ी, मुख्यमंत्री

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नाबार्ड की राज्य के विकाश में भूमिका बड़ी, मुख्यमंत्री
देहरादून राज्य में विकाश के लिए नाबार्ड की भूमिका को नाकारा नहीं जा सकता हमें मिलकर पहाड़ के विकाश के लिए आगे आना होगा मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 35वें स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून के स्थानीय होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि नाबार्ड ने ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीण विकास निधि के माध्यम से उत्तराखण्ड के साथ ही सभी राज्यों को मदद देने का कार्य किया है। हमें नाबार्ड से बहुत उम्मीदें हैं। हम नाबार्ड के साथ एक स्वस्थ एवं प्रोत्साहक साझेदारी चाहते हैं।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने नाबार्ड को क्लाईमेट चैंज के क्षेत्र में राज्य का सहयोग करने तथा राज्य के जंगलों एवं नदियों को बचाने के लिए सहयोग की अपेक्षा की। उन्होने कहा कि मानव दक्षता के क्षेत्र में राज्य लगातार आगे बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड में अन्य राज्यों की तुलना में पाॅलीटेक्निक व आई.टी.आई की संख्या अधिक है। संख्या के क्षेत्र में हम काफी आगे हैं अब गुणवत्ता सुधार पर हमारा ध्यान है। ग्रामीण विकास में काॅपरेटिव बैंकों की भूमिका को अहम बताते हुए श्री रावत ने नाबार्ड व काॅपरेटिव बैंकों के सहयोग से ग्रामीण आवासीय योजनाओं में सहयोग की उम्मीद की है। उन्होने नाबार्ड द्वारा स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किये जाने की सराहना की। तथा ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि हमने सभी स्वयं सहायता समूहों को अपने बैंक खाते खोलने को कहा है। सरकार सभी स्वयं सहायता समूहों को रू0 20000 की प्रोत्साहन राशि दे रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों को उनके वार्षिक टर्न ओवर पर 5 प्रतिशत का बोनस दे रहे हैं। दुग्ध मंडलों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा रू0 5 प्रति लीटर का बोनस दिया जा रहा है। दुग्ध उत्पाद, अदरक और मशरूम आदि की प्रोसेसिंग के लिए मशीनें उपलब्ध कराने के लिए यदि कोई भी संस्था आगे आएगी तो सरकार द्वारा उसका सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि कुछ पूँजी लगाकर राज्य के समृद्ध शिल्पकला को प्रोत्साहित किया जाए। सरकार की कोशिश है कि छप्म्ैठन्क् की सहायता से स्किल डेवेलपमेंट प्रोग्राम को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाया जाए।
कार्यक्रम के दौरान बद्रीनाथ स्वयं सहायता समूह, प्रगतिशील स्वयं सहायता समूह सहित कैनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक आदि की शाखाओं को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नाबार्ड मुख्य महाप्रबंधक डी0एन0मगर, रिजर्व बैंक आफ इंडिया के महाप्रबंधक सुब्रत दास, भारतीय स्टेट बैंक के महाप्रबंधक एस0 दिवाकर ने भी अपने विचार रखे।

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