मॉल से अस्पताल तक प्लास्टिक मनी

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मॉल से अस्पताल तक प्लास्टिक मनी

देहरादून बंजारावाला निवासी मनोज पटवाल बहन उर्मिला को चेकअप कराने सिनर्जी अस्पताल लाए थे। डॉक्टर का पर्चा बनवाने काउंटर पर पहुंचे, मगर कर्मचारी ने 500 का नोट लेने से इन्कार कर दिया। डॉक्टर का 400 रुपये परामर्श शुल्क उन्होंने कार्ड स्वैप कर दिया।
केस-2
सहारनपुर निवासी तैय्यब को डेंगू हुआ था। पिछले पांच दिन से वह सीएमआइ अस्पताल में भर्ती थे। बुधवार को उन्हें डिस्चार्ज किया गया। 24 हजार का बिल था, लेकिन कैश काउंटर पर 500-1000 के नोट लेने से मना कर दिया गया। ऐसे में पेमेंट कार्ड से की।

केंद्र सरकार की उम्मीद के मुताबिक बुधवार से ही लोगों ने कैशलेस ट्रांजेक्शन के प्रति रुचि दिखानी शुरू कर दी। लोगों ने छोटे-मोटे काम भी प्लास्टिक मनी के जरिये निपटाए। शॉपिंग हो या डॉक्टर साहब की फीस, हर जगह लोगों ने पेमेंट करने के लिए कार्ड स्वैप किया।
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा यह कहते हुए की थी कि इसका उद्देश्य कालेधन पर नकेल कसना और लोगों को प्लास्टिक मनी के प्रयोग की ओर मोड़ना है। मोदी के इस कदम से लोगों को छिटपुट परेशानियों का सामना तो करना पड़ रहा है, लेकिन कैशलेस ट्राजेक्शन को बढ़ावा भी मिला है। दरअसल, वर्तमान में 500 व 1000 के नोट अधिक चलन में थे। इनके एकाएक बंद होने से आमजन के लिए समस्या उत्पन्न हो गई। ऐसे में मजबूरी कहें या कुछ और, लोग प्लास्टिक मनी आदि का विकल्प आजमाने लगे हैं। शॉपिंग से लेकर अन्य छिटपुट काम भी डेबिट, क्रेडिट कार्ड, ई-वॉलेट व अन्य माध्यम से किए गए।

प्लास्टिक मनी
डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और प्रीपेड कार्ड की मदद से आप कई तरह के ट्राजेक्शन कर सकते हैं। इसमें से कोई कार्ड आपके पास है तो कैश की आवश्यकता नहीं।
ई-वॉलेट

ई-वॉलेट में पहले पैसे डाले जाते हैं, पेमेंट बाद में किया जाता है। इसमें नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से कैश लोड किया जा सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर

ऑनलाइन ट्रासफर की सुविधा का फायदा उठाते हुए आप एनईएफटी, आरटीजीएस, आइएमपीएस की मदद से पैसे ट्रासफर कर सकते हैं।

यूपीआइ

बैंकों ने इसी साल यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआइ) सिस्टम शुरू किया है। इसमें मोबाइल पर बैंक अकाउंट के जरिये वन-क्लिक, टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन के बाद ट्राजेक्शन किया जा सकता है। ज्यादातर बैंकों ने अपने मोबाइल ऐप में ही इसका ऑप्शन दिया है।

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