खटीमा विधानसभा विवादित जमीनी मामलो को लेकर कत्ल की कब्रगाह बना

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खटीमा विधानसभा विवादित जमीनी मामलो को लेकर कत्ल की कब्रगाह बना

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खटीमा फुललिया गोली कांड के बाद से लेकर पूरी विधानसभा में लगातार जमीनों के मामलो को लेकर कत्लगाह बनती जा रही खटीमा विधानसभा में अमन चैन का खत्म कर दिया गया है जमीनों के मामलो को लेकर लगातार भूमाफिया यहाँ विवादित जमीनों को अपनी उची पहुच के चलते ठिकाने लगाने का खेल खेल रहे है यही कारन है की यहाँ पर लगातार खून की होली खेली जा रही है जमीनों के मामलो को लेकर खटीमा में कई राजनेता जमीनों पर कब्जे को लेकर खुनी खेल खेल चुके है।
उत्तराखंड की सबसे संवेदनशील नेपाल बॉर्डर होने के कारण कही जाने वाली विधानसभा खटीमा में लगातार जमीनों के विवादों को लेकर हो रही खुनी खेल की जंग में अब तक कई लोगो को मौत की नींद सुला दिया गया है बीते दिनों खटीमा के राणा परिवार को जमीन के मामले में मौत की नींद सुला दिया गया यही नहीं कई दिनों से लापता राणा का जब शव मिला तो वो पूरी तरह हत्या किये जाने की तरफ इशारा कर रहा था। हलकी पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है जब की इस मामले की अभी जाच जारी है इस मामले में कई सफ़ेदपोश नेतायो के नाम सामिल होने की बातें सामने आ रही है वही चर्चा है की भाजपा के संघ परिवार का एक बड़ा नेता जो पुलिस पर दवाब बना कर पूर्व में पुलिस से बचा चूका है राजनैतिक गलियारों में ये भी चर्चा है की आखिर जोशी के पास करोड़ो की जमीनों के लिए पैसे कहा से आये।

काश्तकार राजकिशोर की मौत के बाद उठे भूमि विवाद का एसडीएम व सीओ ने राजस्व अभिलेखों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों पक्षों के लोग मौजूद रहे। प्रशासन को मौके पर भूमि पर प्लाटिंग की बाउंड्री लगी मिली। अधिकारियों से काश्तकार के परिजनों ने भूमि वापस दिलाए जाने की मांग की। वहीं दूसरे पक्ष ने कहा सौदे में दी गई भूमि की रकम वापस करने के बाद जमीन वापस की जाएगी। प्रशासन ने सोमवार को दोनों पक्षों को तहसील में दस्तावेजों के साथ बुलाया है।

गौरतलब है की शुक्रवार को एसडीएम विनोद कुमार व सीओ राजेश भट्ट नौगवांठग्गू गांव स्थिति बेची गई भूमि का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे। मौके पर दोनों पक्षों को भी बुलाया गया। राजकिशोर के परिजनों ने प्रशासन को बताया कि ज्याला व पीसी ने उन्हें अब तक 63 लाख रुपए नगद दिए हैं और 43 लाख रुपए इनकम टैक्स के नाम पर तय सौदे की रकम में कम दिए थे। जिस पर एसडीएम व सीओ ने कहा कि 43 लाख रुपए गलत तरीके से लिए गए हैं जो मान्य नहीं होगा।

ज्याला के जाल में फंस गए जोशी और चंद

खटीमा: प्रॉपर्टी डीलर सूरज चंद की हत्या में जेल गया मास्टर मांइड ललित ज्याला के करतूतों की सजा उसके साथ काम करने वालों को भुगतनी पड़ रही है। ज्याला ने फरेब का ऐसा ताना बुना था कि पीसी जोशी और मनोज चंद को भी जेल जाना पड़ा। क्योंकि मारे गए मृतक राजकिशोर राना की जमीन का सौदा पहले ज्याला ने किया था। फिर उसके साथ इनकम टैक्स के नाम ठगी की और जमीन के बदले ऐसी जमीन दी जिसकी पेंमेंट तक फाइनल नहीं की गई थी। अब राजकिशोर की मौत के बाद उसके परिजन उक्त जमीन को वापस मांग रहे हैं और विवाद यह है कि उस जमीन पर प्लाटिंग हो चुकी है।

क्षेत्र में ज्याला की जितनी भी जमीनों की खरीद-फरोख्त हुई है उनमें अधिकांश जमीनों के मूल मालिकों को पूरी पेमेंट नहीं हुई है। जिससे अन्य जमीनी विवाद और भी सामने आने वाले हैं। नौगवांठग्गू के काश्तकार राजकिशोर की लगभग चौदह बीघा जमीन ज्याला ने खरीदी थी। जिसमें पार्टनर पीसी जोशी को भी रखा। सौदे के रूप में उसने पचास लाख रुपए बयाना के रूप में दिए थे। जिसके बाद ज्याला ने काश्तकार को इनकम टैक्स का फर्जी नोटिस भेजकर 43 लाख षड़यंत्र के तहत जमीन की रकम में जोड़ लिए। जिसके बाद ज्याला ने साथ में काम करने वाले रतनपुर के मनोज चंद की सात बीघा जमीन राजकिशोर के नाम मनोज चंद से फाइनल लिखवा दी। चंद को बाद में रकम देने की बात कही। साथ में काम करने की वजह से चंद भी चुप रहा। ज्याला के जेल जाने के बाद काश्तकार शेष रकम के लिए परेशान हो गया। बाद में पीसी और काश्तकार के बीच शेष रकम को लेकर फिर से सौदा हुआ। पूर्व के सौदे से चार लाख रुपए प्रति बीघा कम में पीसी ने काश्तकार से लिखा पढ़ी कर ली। जिसमें पीसी ने आठ लाख रुपए काश्तकार को और दिए। फाइलन पेमेंट 2017 में होनी थी। इधर मनोज चंद ने खुद की रकम फंसती देख सात बीघा जमीन को जोत लिया। इसी बीच काश्तकार की मौत हो गई। जिससे पीसी और चंद को जेल जाना पड़ा और मामले ने तूल पकड़ लिया।

ये है पूरा मामला

काश्तकार राजकिशोर ने एक साल पूर्व नौगवांठग्गू गांव में बनी ग्रीन पार्क से लगी भूमि को ललित ज्याला व पीसी जोशी को बेच दी थी। जिसकी फाइनल पेमेंट अक्टूबर 2017 में होनी थी। लेकिन इसी बीच राजकिशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जांच में पुलिस ने प्रथम दृष्टया राजकिशोर की मौत को आत्महत्या करार दिया। आत्महत्या को विवश करने के आरोप में रतनपुर के मनोज चंद आदर्श कालोनी के पीसी जोशी को जेल भेज दिया। जिसके बाद परिजन अब बेची गई लगभग चौदह बीघा भूमि को वापस मांग रहे हैं। जबकि विवादित जमीन में प्लाटिंग हो गई है। जिसमें कई लोगों ने घर बनाने के लिए प्लाट खरीदे हैं।

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