फाइट नहीं थी फ़र्ज़ी ये है असली फाइट का हीरो

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 फाइट नहीं थी फ़र्ज़ी ये है असली फाइट का हीरो

उत्तराखंड में ग्रेट खाली की फाइट को लेकर जहा लोगो में निराशा है वही हल्द्वानी और देहरादून में हुई फाइट को पूरी तरह फिक्स करार दिया जा रहा है लेकिन देहरादून में हुई एक फाइट फिक्स नहीं थी इस फाइट में निशाना था मीडिया और पीट रही थी उत्तराखंड पुलिस लोकतंत्र के चौथे खम्बे पर किया गया ये वार पहेली बार नहीं है देहरादून के साथ साथ उत्त्तराखण्ड में कई बार मीडिया के लोगो को पीटा गया है और हर बार मीडिया को अपमानित करने का काम होता आया है खाली ने अपना हल्द्वानी का बदला देहरादून की रेसलिंग रिंग में भले ही ले लिया हो लेकिन मीडिया को पीटने वाले पुलिस वालो से देहरादून की मीडिया अपना बदला किस रिंग में लेगी ये बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है

मीडिया किस रिंग में लेगी देहरादून पुलिस से बदला

देहरादून में लगातार मीडिया पुलिस का निशाना बनता रहा है कभी साजिश का खेल तो कभी दूसरे की पिस्तौल से वार जी हा या सही है भड़ास फॉर इंडिया देहरादून में हुई पिटाई का वो सच बता रहा है जो किसी के भी गले नहीं उतर पायेगा बता दे की देहरादून में बीती २८ फरवरी को राजीव गांधी स्टेडियम रायपुर में ग्रेट खली को लेकर फाइट थी जहा हल्द्वानी में हुई फिक्स फाइट का बदला खली ने देहरादून में विदेशी फाइटर से लेना था हुआ भी वही जिस का पता पहले से था खली रिंग में आने से पहले वहाँ जो कुछ हुआ उस ने देहरादून में रेसलिंग देखने आये लोगो के अरमानो पर पानी फेर दिया रेसलिंग रिंग में खली की फाइट पूरी तरह फिक्स नज़र आई सोशल मीडिया पर लगातार ई फाइट को लेकर फेसबुक से लेकर व्हाटस एप तक हर कोई अपनी फोटो को शेयर कर रहा था क्रेज़ी हुआ देहरादून इस कदर भीड़ के रूप में उमड़ा की हर कोई रेसलिंग रिंग आखो से देखने को तरस गया देहरादून में मीडिया भी खली की फाइट को लेकर क्रेज़ी देखा गया लेकिन शाम होते होते जब खली फिक्स फाइट लड़ रहा था तब देहरादून के ज़ी न्यूज़ का कैमरा मैन गोविन्द सिंह और दूसरे मीडिया वालो को देहरादून पुलिस अपनी फाइट दिखा रही थी मीडिया के लोगो के साथ पुलिस की ये करतूत अब प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत के दरबार तक जा पहुंची है और इस मामले पर कारवाही होनी तय मानी जा रही है वही इस मामले की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो गयी है वही सोशल मीडिया में लगातार पत्रकारों से लेकर जनता के बीच बहुत कुछ लिखा जा रहा है

सोशल मीडिया पर खली की फाइट को लेकर फिक्सिंग के आरोप

Vinod Musan
22 hrs ·
जो खली का शो देखने नहीं जा पाये, उनके लिए
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खली का शो खत्म हो गया, लेकिन चर्चा जारी है। कांग्रेस की सरकार में भाजपा की चर्चा। थोड़ा अजीब है, लेकिन यह सच है। भीड़ को देखकर लोगों को 2004 में परेड ग्राउंड में हुई पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की वो रैली याद आ गई, जिसमें पहली बार दून में एक जगह पर इतनी भीड़ उमड़ी थी।
द ग्रेट खली का शो भी भीड़ के हिसाब से हिट था। इस भीड़ का हिस्सा बने बहुत से लोग स्टेडियम तक पहुंच ही नहीं पाए तो कइयों ने स्टेडियम में बैठकर टीवी की बड़ी स्क्रीन पर शो देखा। चर्चा, सड़क पर रेंगते वाहनों, स्टेडियम में दस हजार का टिकट और मुफ्त का पास लेकर एक साथ बैठे लोगों की भी हो रही है। चर्चा इस बात की भी हो रही है, इस शो का मकसद क्या था?
दून के लोगों के लिए रेसलिंग का लाइव शो पहला अनुभव था। इसलिए हर कोई इसका हिस्सा बनना चाहता था। महाराणा प्रताप क्रिकेट स्टेडियम की तरफ जाने वाली हर सड़क पर वाहनों की रैलमपेल थी।
भीड़ को संभालने के लिए पूरा सरकारी अमला मौजूद था, लेकिन आखिर में जैसे उसने हथियार डाल दिए। गनीमत रही भीड़ बेकाबू नहीं हुई। इस भीड़ में बच्चे भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन स्कूली बच्चों का हुजूम उमड़ा था। व्यवस्था में लगे पुलिस के जवान और स्वयंसेवक शो शुरू होने के बाद व्यवस्था छोड़ मोबाइल पर रेसलरों की फोटो खींचते नजर आए।
फाइट नकली थी, परिणाम भी पहले से तय था। महिला रेसलरों की उत्तेजक अदाओं ने जरूर युवाओं को चीखने का मौका दे दिया।
मुख्यमंत्री हरीश रावत भले ही इसे 2017 की तैयारी से जोड़ रहे हों, लेकिन ये भीड़ वह नहीं थी, जो 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी को सुनने आई थी। इन्हें खली के पंच देखने थे, जो पूरी तरह फ्लाप रहे। अव्यवस्था के बीच ज्यादातर लोग स्टेडियम से जा चुके थे। उन्हें डर था एक साथ इतनी भीड़ स्टेडियम से बाहर निकली तो वह सुबह तक भी घर नहीं पहुंच पाएंगे।
मैं भी इस भीड़ का हिस्सा बना। मिडिया गैलेरी में था। लेकिन यहाँ इलक्ट्रोनिक मिडिया वाले दूसरों को कुछ समझ ही नहीं रहे थे। सब हट जाओ बस हमें कवर करने दो। बाद में दूसरे लोग गैलेरी में घुस गये। धक्कामुक्की होने लगी।
मैं ज्यादा देर तक ये नकली शो नहीं देख पाया। किसको जितना है किसे हारना है, पहले से सब तय था। मुक्का बाद में पड़ता रेशलर पहले गिर जाता। आखिरकार खली का फिक्स्ड मैच शुरू होने से पहले मैं स्टेडियम से बाहर आ गया।

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