जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखण्ड का द्विवार्षिक समारोह

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देहरादून-वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि देश को स्वाधीनता दिलाने में पत्रकारिता का बहुत बड़ा योगदान रहा है। स्वाधीनता आंदोलन के बाद आपातकाल के दौर में भी समाज के भीतर जागरूकता पैदा करने का कार्य भी पत्रकारों ने किया। सर्वे चौक स्थित आई0आर0डी0टी0 प्रेक्षागृह में जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखण्ड के द्विवार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए उन्होंने कहा कि आजादी से पूर्व और उसके बाद की पत्रकारिता में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आजादी से पूर्व की पत्रकारिता तपस्या, बलिदान व सिद्धान्तों की पत्रकारिता थी। लेकिन आजादी के बाद परिस्थितयां बदली हैं। उन्होंने कहा कि आपातकाल व उत्तराखंड आंदोलन का दौर संघर्ष का काल था लेकिन मीडिया ने जिस जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभाई व जनमत बनाया उसका श्रेय पत्रकारों को ही जाता है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता पहले मिशन हुआ करती थी जिसमें पत्रकार का दमन भी हुआ कुचला भी गया। किन्तु उसने व्यवस्था के सम्मुख सम्पर्ण नहीं किया। लेकिन अब पत्रकारिता मिशन न रह कर व्यवसाय बन गई है। उन्होंने कहा कि समय के साथ पत्रकारिता के माध्यमो में भी परिवर्तन हुआ है। प्रेस मीडिया के अलावा इलैक्ट्रानिक व वेब मीडिया का आगमन हुआ जो कि खबरों व घटनाओं को लोंगो तक तुरन्त तो पहुंचाते हैं लेकिन आज भी समाचार पत्रों की खबरों की विश्वसनीयता बरकरार है।
यूनियन के अध्यक्ष राजेन्द्र जोशी नेे यूनियन की गतिविधियो पर प्रकाश डालते हुऐ कहा कि जर्नलिस्ट यूनियन इस प्रदेश में पत्रकारों का एक बडा संगठन है। यूनियन लगातार पत्रकारों के हितो व अधिकारो के लिए कार्य कर रही है।
यूनियन के महामंत्री गिरीश पंत ने कहा कि पिछले दो वर्षों में यूनियन के कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखंड इस प्रदेश में पत्रकारों का एक बड़ा संगठन है जिसमें सभी जिलों के पत्रकार जुड़े हुए हैं।  यूनियन ने उत्तराखंड ने पत्रकारों की कई लम्बित समस्याओं का शासन स्तर पर समाधन कराया है और जो समस्यायें पत्रकारों  की लम्बित हैं उन पर कार्यवाही के लिए सरकार पर निरन्तर दवाब बनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 18 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रेस मान्यता समितियों का गठन नहीं हुआ है। समितियों का गठन न होने के कारण सरकारी स्तर पर मान्यता दी जा रही है जो लोकतांत्रिक भावना और दशकों से चली आ रही परम्पराओं के खिलाफ है। यूनियन ने इस सम्बन्ध में अतिशीघ्र प्रेस मान्यता समितिओं गठन को लेकर सरकार पर दवाब बनाया है। उन्होेने कहा कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कम्प्यूटर खरीद हेतु पचास हजार रूपये का ऋण रियायती दरों पर दिये जाने के शासनादेश जारी होने के बावजूद भी पत्रकार इस सुविधा से वंचित हैं।
यूनियन की मांग है कि उक्त शासनादेश का पालन हो और इस धनराशि को बढ़ाकर एक लाख किया जाए। वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के नाम पर  मीडिया बेलगाम हो गया है। अखबार की आजादी का वास्तविक लाभ उद्योगपति, माफिया, बिल्डर, राजनीति के दलाल उठा रहे है। जबकि वास्तविक पत्रकार इन शक्तियों के बीच लाचार होकर फंसा है। आज की पत्रकारिता आम आदमी से दूर होकर खास आदमी तक सीमित रह गयी है। जरुरत इस बात की है कि बाजारवाद से दूर होकर लोगों की अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी जिससे हाशिये पर पहुंच चुके आम आदमी को लाभ मिल सके।
वरिष्ठ पत्रकार जयसिंह रावत ने कहा कि देश व समाज के विकास में मीडिया का एक महत्वपूर्ण स्थान है सरकारों द्वारा जब कभी भी जनविरोधी नीतियों को लागू  करने की कोशिश की गयी मीडिया ने जनता की आवाज बनकर उनका विरोध किया। आज मीडिया का स्वरुप बदल चुका है। पत्रकारिता अब मिशन नही रहा बाजारवाद ने मीडिया को बाजारोमुखी बना दिया है। छोटे व मझोले समाचारत्रों, का जिक्र करते हुुए उन्होने कहा एक साजिश के तहत इन्हे बन्द किया जा रहा है जो कि लोकतंन्त्र के चौथे स्तम्भ के  लिए  यह घातक है।
वरिष्ठ पत्रकार अरूण प्रताप सिंह ने कहा कि बड़े मीडिया में आम जनता के सवाल हाशिए पर डाल दिये गये है्र और आम आदमी को सोचने  समझने की क्षमता पर गं्रहण लगा दिया है।उन्होने कहा आज मीडिया बाजार से गाइड हो रहा है समाज में हो रही गिरावट का प्रभाव मीडिया पर भी पड़ रहा है। लोकतन्त्र में हर वर्ग की सीमा निधार्रित है इस बात का ध्यान मीडिया को रखना चाहिऐ।
भाजपा के रायपुर मंडल अघ्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता दर्पण की तरह साफ होना चाहिए जिससे समाज को नई दिशा मिले और समाज में व्याप्त बुराइयों को जड़ से उखाड़ फंेका जा सके। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
समारोह में चम्पावत से नारायण दत्त भट्ट, अल्मोडा से प्रकाश पन्त, टिहरी से गोविन्द पुण्डीर, अनुराग उनियाल, रघुभाई जडधारी, सूर्य प्रकाश रमोला, उमाशंकर प्रवीण मेहता, गिरीश पन्त, ठाकुर सुक्खन सिंह, चेतन खड़का, चेतराम भट्ट, एस0पी0 उनियाल,,विजय शर्मा, आर0डी पालीवाल ,सुरेश जोशी, जाहिद अली, ललिता बलूनी, मुकेश सिंघल, ज्योति भट्ट ध्यानी, समीना, एम0एस0 मलिक, अरविन्द गुप्ता, दीपक गुप्ता, धनराज गर्ग, गिरीश तिवारी, अशोक खन्ना, प्रवीण जैन, शाकिर खान, अनुराग उनियाल, शाहनजर,, नवी अंसारी, संजीव पन्त, गिरीश तिवाड़ी, द्विजेन्द्र बहुगुणा, मूलचन्द शीर्षवाल, अनुराधा ढौंडियाल, विजय शर्मा, महेन्द्र सिंह चौहान, विरेश रोहिला, मुकेश सिंघल, आदित्य चन्द बडोनी, सुरेश उप्रेती, शिवेश्वर दत्त पान्डे, अवनिश गुप्ता, राकेश बड़थ्वाल,, देहरादून बार कौंसिल के सदस्य अनिल पंडित समेत काफी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे। समारोह का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार संजीव शर्मा ने किया।
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