आईपीएस अधिकारियो की लड़ाई से पुलिस महकमे का अनुसाशन तार तार

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 आईपीएस अधिकारियो की लड़ाई से पुलिस महकमे का अनुसाशन तार तार
देहरादून उत्तराखंड में जिस पुलिस विभाग को सबसे जयदा अनुशाषित कहा जाता है उसी विभाग में राज्य के अंदर दो आईपीएस अधिकारियो की लड़ाई ने पुरे विभाग को अपनी आपसी लड़ाई का अखाडा बना दिया है यही कारण है की विभाग के सबसे ऊचे पद पर विराजमान डी जी पी जहां दागी होकर भी अपनी कुर्सी पर जमे रहे वही दूसरे आईपीएस अधिकारी केवल खुराना भी डी जी पी के खिलाफ अपनी योजनायो को हर दिन नया रूप देते रहे राज्य में पुलिस के सिपाहियों पर भले ही अनुसाशन का डंडा चला हो लेकिन अनुसाशन का डंडा लेकर कभी भी कारवाही बड़े अधिकारियो पर नहीं होती नज़र आई यही वजह रही की पुलिस महकमा दो अधिकारियो की लड़ाई का कुरुछेत्र बना रहा राज्य में वर्ष २०१३ में डी जी पी की कुर्सी पर बैठने के बाद बी एस सिद्धू ने जहां पुलिस महकमे को ईमानदारी से राज्य में चला कर लैंड माफिया के खिलाफ बड़ी जंग का ऐलान किया था ये ऐलान उत्तराखंड में कितना चल पाया इस बात का जवाब राज्य के डी जी पी के पास ही होगा लेकिन राज्य के डी जी पी जमीन मामले को लेकर अपने पद का पूरा फायदा उठाते जरूर नज़र आये जमीन के एक मामले पर राज्य के अंदर अपने पद का इतना गलत इस्तमाल किया गया और सत्ता में बैठे राजनेता प्रदेश के डी जी पी के खिलाफ कारवाही को अंजाम तक नहीं दे पाए डी जी पी की कुर्सी से सेवा निर्वत होने से एक दिन पहले सरकारी तंत्र आखें जरूर खुली और प्रदेश के डी जी पी को जमीन के मामले से लेकर कई मामलों में चार्च शीट थमाई गयी ये पहला मामला किसी राज्य में रहा होगा जब पद पर रहते हुए इस तरह की कारवाही को अंजाम दिया गया हो मामला यही नहीं रुका उधम सिंह नगर के दिनेशपुर थाने में आईपीएस केवल खुराना के खिलाफ भी डी जी पी के आदेश पर मुकदमा दर्ज़ किया गया है पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर रजत कसाना ने जनपद में एस एस पी पद पर रहे केवल खुराना पर कई तरह के आरोप लगा कर सरकारी जी डी को रंग दिया था इसी मामले को मानवअधिकार आयोग ने कारवाही कर अपनी रिपोर्ट पुलिस महकमे को दी थी जिस पर इस कारवाही को अंजाम दिया गया है दिनेशपुर थाने में केवल खुराना के खिलाफ जहां मामला दर्ज़ हुआ है वही राज्य में दो आईपीएस अधिकारियो ने पुलिस महकमे को अपनी लड़ाई का कुरुछेत्र बना दिया है जो इस राज्य के लिए सही संकेत नहीं आने वाले दिनों में इस तरह की गुटबाजी को पुलिस महकमे को खत्म करने की कोशिश को अंजाम दिया जाना जरुरी है

खबरीलाल रहे दोनों आईपीएस अधिकरियों की जंग का बीज
राज्य में इस तरह का ये कोई पहला मामला नहीं है जब पुलिस महकमे में एक दूसरे को आईपीएस अधिकारी अपनी जंग का मैदान न बनाते आये हो लेकिन केवल खुराना व बी एस सिद्धू की जंग हमेशा कोई नया रूप लेती रही यही कारण रहा की दोनों तरफ से कभी इस जंग को रोकने का प्रयास नहीं किया गया मीडिया के कुछ लोगो दोनों तरफ आग में घी डालने का काम करते रहे कोई डी जी जी की पेरोल पर रहा तो कोई केवल खुराना के लिए अपनी कलम का गाला घोटता नज़र आया देहरादून से लेकर उधमसिंह नगर तक मीडिया को दोनों ही अधिकारी अपनी कलम से वार एक दूसरे पर करते नज़र आये लेकिन कलम के इन खबर ची मीडिया वालो ने अपना हित देख कर दोनों तरफ से सिर्फ अपना फायदा देख कर उल्लू सीधा किया जब की इस जंग को रोका जा सकता था

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