योग से बनें पूर्ण स्वस्थ : Importance of Yoga

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योग से बनें पूर्ण स्वस्थ : Importance of Yoga

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भारतवर्ष ऋषि मुनियों कि भूमि रही है, प्राचीनकाल से ही भारत की भूमि पर अनेक ऐसी विभूतियाँ हुई हैं जिनके द्वारा समय समय पर भारतभूमि ने कुछ नया अर्जित किया है. इनमे से एक है योगविद्या: योग आज विश्वभर में प्रख्यात है, आदिकाल में भारतवर्ष के ऋषि मुनियों द्वारा जो विद्या स्वास्थ्य-लाभ के लिए अपनायी जाती थी उसमे योग का विशेष योगदान रहा है. लेकिन समय के साथ योगविद्या कम होती चली गयी ओर इसकी जगह अंग्रेजी दवाइयों ने ले ली लेकिन वक़्त फिर पलटा है और योग की ओर लोगो का रुख बढ़ने लगा है, जिन बीमारियों का इलाज काफी महंगा होता है और हर कोई इलाज करने में सक्षम भी नहीं होता उन बीमारियों को योगविद्या के द्वारा ठीक किया जाना संभव होता है. प्राचीन काल में न तो कोई मशीन होती थी ओर ना ही तमाम प्रकार के आधुनिक उपचार यंत्र ही होते थे फिर भी अनेक बीमारियों को मात्र जड़ी-बूटी व् योगविद्या के माध्यम से ठीक किया जाता था.

दिनभर में मात्र 15 से 20 मिनट के योग को करने से व्यक्ति अपने शरीर को तमाम प्रकार की बीमारियों से तो दूर रख ही सकता है इसके अलावा दिन भर की भागदौड़ से होने वाले मानसिक तनाव को भी दूर रखा जा सकता है. बस ज़रूरत है तो खुद के लिए सिर्फ 20 मिनट निकालने की. ये एक ऐसी दवा है जिसमे बीमारी तो दूर होती ही है साथ में आंतरिक मन भी स्वस्थ रहता है.

आज योग विश्वभर में इतना प्रचलित हो गया है कि हर इंसान योग से मिलने वाले फायदों को अपनाना चाहता है. योग गुरु बाबा रामदेव ने इस ओर जो कदम उठाये हैं वह बेशक प्रशंसनीय हैं. हर व्यक्ति के जीवन में उसका परिवार सबसे महवपूर्ण होता है तथा व्यक्ति परिवार के स्वास्थवर्धक होने के लिए हर सम्भव प्रयत्न भी करता है. यदि हर इंसान अपने जीवन में कुछ नियम ऐसे अपना ले जिनसे वह स्वस्थ तो रहे ही साथ ही दिनचर्या भी सुचारु रूप से चले तो निश्चित ही एक स्वस्थ जीवन किया जा सकता है.

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