हाई कोर्ट में उत्तराखंड सरकार को मिली ऑक्सीजन विरोधी विधायकों के अरमान पानी

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हाई कोर्ट में उत्तराखंड सरकार को मिली ऑक्सीजन विरोधी विधायकों के अरमान पानी
नैनीताल उत्तराखंड में चल रहे राजनैतिक घमासान के बाद हरीश रावत सरकार को कोर्ट ने बड़ी रहत दी है सरकार के खिलाफ विरोध का झंडा लेकर अगवाई कर रहे हरक सिंह रावत सहित बागी विधयाको को जोर का झटका धिरे से लगा है वही राज्य सरकार को ऑक्सीजन मिलती दिखी है माना जा रहा है की विरोधी अपनी चाल में फ़ैल हो गए है वही खबर है की विजय बहुगुणा इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका दायर कर सकते है । बागी आठ विधायकों की ओर से विधानसभा स्पीकर के फैसले के खिलाफ याचिका को नैनीताल हाईकोर्ट ने खारिज करने का फरमान सुनाया तो राज्य की राजनीती में एक बार फिर हरीश रावत को बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है इस फैसले ने जहां विरोध कर रहे विधयाको के अरमानो पर पानी फेर दिया है वही सरकार को अब २८ मार्च को कोई खतरा नहीं बताया जा रहा है माना जा रहा है सरकार सदन में अपना बहुमत साबित कर लेगी

भड़ास फॉर इंडिया को मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने कहा कि मामला विधानसभा का है और विधानसभा अध्यक्ष ही इसमें फैसला लेंगे। कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। वहीं बागी अब सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं गौरतलब है कि दल बदल कानून के तहत विधानसभा अध्यक्ष की ओर से दिए गए नोटिस को बागी विधायकों ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया है। जिसके बाद शुक्रवार को जस्टिस सुधांशु धूलिया की कोर्ट में मामले पर सुनवाई हुई बता दें कि केवल आठ बागी विधायकों ने स्पीकर के नोटिस को चैलेंज किया था। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने नोटिस के खिलाफ याचिका दायर नहीं की थी अधिवक्ता दिनेश द्विवेदी और पूर्व महाअधिवक्ता उनियाल कोर्ट में बागियों की तरफ से पैरवी की। वहीं सरकार के ओर से सुप्रीम कोर्ट के वकील और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने याचिका का विरोध किया। अवकाश के बावजूद न्यायालय में सुधाँशु धूलिया की एकलपीठ में मामले की सुनवाई हुई।

ये है नोटिस को चैलेंज करने वाले बागी विधायक
रामनगर विधायक अमृता रावत, रुद्रप्रयाग विधायक हरक सिंह रावत, खानपुर विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन, जसपुर विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंगल, केदारनाथ विधायक शैला रानी रावत, नरेन्द्रनगर विधायक सुबोध उनियाल व् रायपुर विधायक उमेश शर्मा ने रिट फाइल कर विधानसभा अध्यक्ष के 19 मार्च के आदेश को चुनौती दी बागी विधायकों की तरफ से कहा गया है की वित्त मंत्री डा.इंदिरा हृदेश की शिकायत के बाद विधानसभा अध्यक्ष की कार्यवाही को पूर्वाग्रह से प्रेरित माना है ।कुलमिल्कर अब सरकार को जहां रहत मिली है वही भाजपा की अब तक की गयी मेहनत पर कोर्ट ने पानी फेर दिया है

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