हरीश रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली को लिखा पत्र

0
317

हरीश रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली को लिखा पत्र

देहरादून मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली को पत्र लिखकर 1000 व 500 के नोटबंदी से राज्य के पर्यटन, कृषि व राजस्व पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी देते हुए राहत हेतु आवश्यक उपाय किए जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने वित्त मंत्री को लिखे गए पत्र की जानकारी दी है। अपने पत्र में मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि काला धन के संबंध में विमुद्रीकरण एक अच्छा कदम है, परंतु इसके लिए तैयारियां भी उसी स्तर पर की जानी चाहिए थी। उत्तराखण्ड जैसे छोटे व अल्प संसाधनों वाले राज्यों पर इसका अधिक विपरीत असर पड़ रहा है। पहले से ही 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियों से नुकसान में रहे उत्तराखण्ड पर नोटबंदी के कारण पर्यटन, राजस्व का नुकसान भारी पड़ रहा है। पर्वतीय राज्य जहां एक बड़ी आबादी सहकारी बैंकिंग सिस्टम पर निर्भर है, वहां सहकारी बैंकों पर पाबंदियों से जनजीवन व कृषि गतिविधियां भी प्रभावित होंगी। राज्य के ग्रामीण व पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों का बड़ा हिस्सा सहकारी बैंकों पर निर्भर है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनका खाता केवल सहकारी बैंकों में है। भारत सरकार ने सहकारी बैंकों द्वारा 500 व 1000 के पुराने नोट लेने पर रोक लगाई है। खरीफ की फसल के बाद जिन किसानों के पास नकदी थी, वे इस नकदी को अपने खाते में जमा नहीं कर पा रहे हैं। रबी फसल की बुवाई का समय भी प्रारम्भ हो गया है। परंतु क्योंकि अधिकांश किसान सहकारी बैंकों से जुड़े हैं, रबी फसल के लिए बीज, उर्वरक व ऋण नहीं ले पा रहे हैं। इससे फसल के उत्पादन में गिरावट आना स्वाभाविक है। जिसका परिणाम भविष्य में खाद्य पदाथों की बढ़ती कीमतों के रूप में देखने को मिलेगा। इसलिए सहकारी बैंकों को 500 व 1000 के नोट स्वीकार किए जाने को तत्काल मंजूरी दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री का ध्यान इस ओर भी आकृष्ट किया है कि सहकारी बैंकों में नकदी के अभाव से इसके उपभोक्ताओं द्वारा खातों से अधिक आहरण किए जाने की परवर्ती बढ़ेगी, जिससे सहकारी बैंकों पर अधिक दबाव पड़ेगा। इससे समूचा सहकारी बैंकिंग सिस्टम चरमरा सकता है। सहकारी बैंकों ने अपने पास स्थित 500 व 1000 के पुराने बंद किए गए नोट के नकदी शेष का उपयोग कर लिया है जिससे वे बैंकिंग नेटवर्क में उन्हें जमा कराने में असमर्थ हैं। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा है कि नकदी के अभाव से राज्य में बिक्री, वस्तुओ व सेवाओं के विनिमय, पर्यटन सहित अन्य संबंधित गतिविधियों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार के वैट संग्रहण व अन्य आय स्त्रोंतों पर नकारात्मक प्रभाव हुआ है। व्यापार, स्टाम्प व रजिस्ट्रेशन फीस में भी बहुत कमी आई है। इससे राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर विपरीत असर पड़ रहा है, विशेष तौर पर पूजीगत व विकास व्यय प्रभावित हो रहे हैं। विमुद्रीकरण योजना से केंद्र सरकार के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष करों में बढ़ोतरी होगी, इसका लाभ राज्य सरकार के साथ भी साझा करना चाहिए। विभिन्न पर्यावरणीय कारणों से दूसरे राज्यों की तुलना में बहुत सी विकास योजनाएं व आर्थिक गतिविधियां संचालित नहीं हो पाती हैं। इसलिए विमुद्रीकरण से उत्तराखंड राज्य बुरी तरह से प्रभावित होगा। केंद्र सरकार अवगत ही है कि 14 वें आयोग की संस्तुतियों से उत्तराखण्ड का नुकसान हुआ है। इसलिए विमुद्रीकरण से राज्य को हो रहे नुकसान पर केंद्र सरकार ध्यान दे।

Bhadas 4 India देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल की हिंदी वेबसाइट है। भड़ास फॉर इंडिया.कॉम में हमें आपकी राय और सुझावों की जरुरत हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें bhadas4india@gmail.com पर भेज सकते हैं या हमारे व्हाटसप नंबर 9837261570 पर भी संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज Bhadas4india भी फॉलो कर सकते हैं।

Comments

comments