हरीश रावत ने घंघोड़ा कैन्ट, एक भव्य समारोह में प्रतिभाग किया

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हरीश रावत ने घंघोड़ा कैन्ट, एक भव्य समारोह में प्रतिभाग किया 

देहरादून मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत द्वारा एन0सी0सी0 दिवस के अवसर पर शनिवार को एन0सी0सी0 निदेशालय उत्तराखण्ड, घंघोड़ा कैन्ट, देहरादून में एक भव्य समारोह में प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर ए0सी0सी कैडेट्स के द्वारा मुख्यमंत्री श्री रावत को गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया तथा एन0सी0सी0 निदेशालय की वार्षिक पत्रिका ‘‘संकल्प 2016’’ का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने उपस्थित युवा एन0सी0सी कैडेटस को एन0सी0सी दिवस व उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने बच्चों को चुस्तदुरस्त व सामाजिक उत्तरदायित्वों में सक्रिय देखकर अत्यन्त प्रसन्नता होती है। यदि हम अपने बच्चों को सही रास्ता दिखाए तो वह बड़ी से बड़ी उपलब्धियाॅं हासिल कर सकते है तथा अपनी यूनिट, समाज, राज्य व देश का नाम रौशन कर सकते है। हाल ही मे उत्तराखण्ड सरकार द्वारा श्रीनगर में एन0सी0सी0 एकेडमी की स्थापना के निर्णय पर बोलते हुए श्री रावत ने कहा कि हमें अति प्रसन्नता है कि हम अपने कैडेट्स के लिए अच्छा करने का प्रयास कर रहे है तथा हम चाहते है कि उत्तराखण्ड के कैडेट्स, सभी स्टेट कैडेटस में उत्कृष्ट प्रदर्शन करे तथा उत्तराखण्ड राज्य का नाम रौशन करे। हमारी एन0सी0सी0 देश भर में सबसे उत्कृष्ट होनी चाहिए तथा हमारे कैडेट्स दूसरों के लिए पे्ररणा स्रोत बने यही हमारी कामना है। युवा कैडेट्स को आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एन0सी0सी0 को हर प्रकार का लाॅजिस्टिक सपोर्ट दिया जाएगा। उन्होंने टीए डीए बढ़ाने के बाद पेट्रोल अलाउन्स आवश्यकतानुसार बढ़ाने पर गम्भीरता से विचार करने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने विशेषकर युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में हमारे बच्चे प्रत्येक क्षेत्र में अच्छा प्रर्दशन कर रहे है परन्तु उत्कृष्टता की कोई सीमा नही है, हम जीवन में जितना आगे बढ़ते है तथा अपने लक्ष्य को प्राप्त करते है हमें अपना लक्ष्य को भी निरन्तर रूप से आगे बढ़ाते रहना चाहिए। श्री रावत ने कहा कि लक्ष्य सदैव बहुत ऊंचा होना चाहिए जिससे हम निश्चित रूप उपलब्धि प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हम चाहते है कि एन0सी0सी कैडेट्स के कार्यक्षेत्र व भूमिका को अधिक व्यापक व रचनात्मक जाय। उत्तराखण्ड राज्य में प्रत्येक वर्ष होने वाली वनाग्नि की घटनाओं को रोकने तथा जल संरक्षण के कार्याे को प्रोत्साहित करने में एन0सी0सी0 कैडे्टस की सहायता ली जा सकती है। श्री रावत ने कहा कि हम चाहेंगे कि एक या दो वन क्षेत्र पूरी तरह एन0सी0सी0 को उक्त कार्यो हेतु दिए जाए। वनाग्नि की घटनाओं के सन्दर्भ में राज्य के मुख्यमंत्री नेे कैडे्टस से अपील की कि हमें अपने दृष्टिकोण बदलने की आवश्यकता है जिसमें हमें उपचार के स्थान पर बचाव या प्रिवेन्शन को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि हमारी भूमिका मात्र फायर ब्रिगेड तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि दूरगामी प्रभावों को देखते हुए जल संरक्षण जैसे कार्याें को भी महत्व दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा जल संरक्षण को प्रोत्साहन देने हेतु 10 हजार टैªन्चेस निर्माण की योजना की कार्यवाही गतिमान है। साथ राज्य सरकार के वन विभाग द्वारा 1000 जलाशयों का विकास भी किया गया। इस सन्दर्भ में मीडिया द्वारा इसका उचित प्रचारप्रसार किया जाना चाहिए ताकि इस प्रकार रचनात्मक विकासात्मक पर्यावरण हितैषी कार्यो से समाज व देश में प्रेरणा का संचार हो। हमे समाज को तोड़ने वाली तथा नकारात्मक समाचारों के स्थान पर विकासात्मक व रचनात्मक समाचारों के प्रचार प्रसार विशेष बल देना होगा। मुख्यंमत्री श्री रावत ने उपस्थित व राज्य भर के युवाओं से वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकास करने की अपील की। मुख्यमंत्री श्री रावत ने एन0सी0सी0 कैडे्टस की स्वच्छ भारत अभियान में सक्रिय भूमिका पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हमे विश्वास है कि कुछ माह के भीतर ही उत्तराखण्ड राज्य पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा। हाल ही में राज्य का चमोली जिला खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के मुख्यमंत्री श्री रावत अपने अध्ययन जीवन में स्वयं एन0सी0सी0 के कैडेट्स रह चुके है। श्री रावत ने युवाओं से अपने एन0सी0सी0 के अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान की अनुशासन की आदतो व बहुत सी अच्छी बातों से उन्हें आज भी लाभ होता है। श्री रावत ने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षण की अवधि में सीखे गए अनुशासन व अच्छी बातो से कैडेट्स को एक अच्छा इंसान, अच्छा नागरिक व अच्छा भारतीय बनने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि एन0सी0सी0 निदेशालय देहरादून की स्थापना उत्तराखण्ड के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री एन0डी0 तिवारी द्वारा 8 अगस्त 2006 में की गई थी। यह देश का 1948 के बाद एक मात्र व सत्रहवां निदेशालय है। यह पूर्व में एक गु्रप मुख्यालय था जो कि उत्तर प्रदेश निदेशालय का भाग था। वर्तमान में इस निदेशालय के तीन गु्रप मुख्यालय है जो कि रूड़की, देहरादून व नैनीताल में स्थित हैं। इस निदेशालय के अन्र्तगत 18 एन0सी0सी0 यूनिटस है जिसमें 1 एयर्स फोर्स, 1 नेवी व 1 रिमाउण्ट वेटरनेरी यूनिट है। उत्तराखण्ड निदेशालय के अन्र्तगत 31544 कैडेट्स की प्रविष्टिी का प्रावधान है। उत्तराखण्ड निदेशालय राज्य के सभी 13 जिलों में लगभग 370 शिक्षण संस्थाओं के कैडेट्स को शिक्षण प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री रावत ने एन0सी0सी निदेशालय के 22 विजेता कैडेट्स एवं 17 एन0सी0सी0 अधिकारियों को उनके प्रशंसनीय कार्यो व उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री मन्त्री प्रसाद नैथानी, उत्तराखण्ड निदेदाशालय के अपर महानिदेशक मेजर जनरल सी0 मणि, कर्नल रमन अरोड़ा, प्रबन्ध निदेशक उपनल बिग्रडियर से0 नि0 पी0 पी0 पाहवा आदि भी उपस्थित थे।

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