हरीश रावत ने चहुंमुखी विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

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हरीश रावत ने चहुंमुखी विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

देहरादून मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास, न्यू कैन्ट रोड़ में अल्पंसख्यक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित राज्य के अल्पसंख्यकों के चहुंमुखी विकास एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में प्रशस्ति/स्वीकृति पत्र वितरण समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने राज्य अल्पंसख्यक आयोग को अल्पसंख्यक वर्ग के हित में सफल प्रयासों हेतु बधाई देते हुए राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वन की भी प्रंशसा की। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि कब्रिस्तानों की चारदीवारी के लिए वितीय सहायता देने वाला उत्तराखण्ड सम्पूर्ण देश में पहला राज्य है। राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में यह प्रयास छोटे पैमाने पर किया गया है परन्तु भविष्य में इसको और अधिक विस्तरित किया जायेगा। श्री रावत ने कहा कि राज्य की अल्पसंख्यक विकास निधि के सम्बन्ध में भी राज्य अल्पसंख्यक आयोग की संस्तुतियां अपेक्षित है। राज्य सरकार चाहती है कि अल्पसंख्यक विकास निधि के अन्र्तगत संचालित योजनाओं का लाभ अल्पसंख्यक वर्ग के अधिक से अधिक लोग उठाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यकों के विकास व कल्याण हेतु वर्तमान में संचालित योजनाओं की आवश्यकतानुसार अद्यतन समीक्षा की जानी चाहिए। श्री रावत ने सुझाव दिया कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है तथा बेहतर परिणाम प्राप्त होते है तो विभिन्न योजनाओं को समेकित भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अन्र्तगत भी स्टार्ट अप आरम्भ किये जायेगे। इसके लिए पर्याप्त धनराशि व अन्य आधारभूत सुविधाओं का प्रबन्ध राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि सिक्ख, जैन, पारसी समुदाय में तो उद्यमिता कौशल तथा व्यवसायिक अभिरूचि स्वाभाविक तथा पारम्परिक रूप से मौजूद है परन्तु हमारा मुस्लिम समुदाय निर्धनता व अशिक्षा के कारण इस सन्दर्भ मे बहुत विकसित नही है। हमे मुस्लिम समुदाय में उद्यमशिलता विकास को प्रोत्साहित करना है। राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण प्रयासों के सन्दर्भ में छात्रवृति तथा प्रोत्साहन के प्रयास अत्यन्त सफल रहे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि एमएसएमई के अन्र्तगत अधिक से अधिक तकनीकी संस्थान व उद्यमिता विकास केन्द्र खोले जाय। बालिकाओं के लिए अधिक से अधिक शिक्षा संस्थान खोले जाय । राज्य सरकार द्वारा इस प्रयास हेतु किसी भी प्रकार से वितीय कमी नहीं होने दी जायेगी। राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि वितरण योजना अत्यन्त सफल रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने सचिव अल्पसंख्यक कल्याण को निर्देश दिये की अल्पसंख्यक छात्रों हेतु तीन प्रमुख योजनाओं प्रोत्साहन राशि, छात्रवृति तथा मौलाना आजाद को लिंक अप किया जाय। विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष लक्ष्य निर्धारित किया जाय की कितनी संख्या में बालिकाओं को लाभान्वित किया जाना है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि लक्खी शाह बंजारा छात्रवृति योजना प्रारम्भ की जायेगी तथा इसके लिए 1 करोड़ रूपये का कोष गठित किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने मदरसा बोर्ड के सम्बन्ध में उपस्थित अधिकारियों से अद्यतन जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश जारी किये कि इनके विकास के परिपेक्ष्य में योजनाबद्ध रूप से आगे बढ़ा जाय। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हम विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए केन्द्र सरकार पर वितीय सहायता के लिए निर्भर है परन्तु हमने स्वयं के स्तर से भी अनेक अल्पसंख्यक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की है। श्री रावत ने बताया कि पीरान कलियर के सन्दर्भ में एक समिति बनायी गई है जो इसका योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करेगी। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश के अन्र्तगत मुख्यमंत्री ने कहा कि हुनर योजना हेतु एक प्रभावी रोडमैप तैयार किया जाय जिसके अन्र्तगत हाई, मीडियम तथा सॉफट स्किल डेवलपमेन्ट पर बल दिया जाय। श्री रावत ने कहा कि प्रशिक्षण का अर्थ अभ्यर्थियों को मार्ग दिखाना है। प्रशिक्षण द्वारा हम कौशल विकास व पहले से मौजूद प्रतिभाओं को और अधिक निखार सकते है। प्रशिक्षण प्रदान करने को एक अभियान की भांति चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हुनर योजना के प्रभावी क्रियान्वन व विकास हेतु सलाहकार नियुक्त किये जाय। अल्पसंख्यकों में किस प्रकार कि कुशलता तथा मनौवैज्ञानिक अभिरूचि है तथा विभिन्न स्थानीय अल्पसंख्यक युवकों में किस प्रकार के कौशल विकास कि सम्भावनाएं है इस सन्दर्भ में विश्लेषणात्मक मैपिंग की जाय। इस सन्दर्भ में एक समेकित योजना पांच वर्षो के लिए तैयार की जाय। एक महत्वपूर्ण घोषणा के अन्र्तगत मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यक दिवस के सफल आयोजन हेतु एक समिति का गठन किया जायेगा तथा आयोजन हेतु वितीय व्यवस्था की जायेगी। इस समिति के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। अल्पसंख्यक दिवस आयोजन के अवसर पर राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण से जुडे़ विभिन्न विभाग अल्पसंख्यक समुदाय से एक रचनात्मक संवाद करेंगे। इस अवसर पर विधायक एवं संसदीय सचिव राजकुमार, सचिव भूपिन्दर कौर औलख, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नरेन्द्र जीत बिन्द्रा, सदस्य सतीश जॉन, इकबाल भारती, आर्य खान एवं नईम कुरैशी आदि उपस्थित थे।

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