हरीश रावत ने राज्य स्थापना की 16 वीं वर्षगांठ पर उत्तराखंड वासियों को शुभकामनाएं दी

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हरीश रावत ने राज्य स्थापना की 16 वीं वर्षगांठ पर उत्तराखंड वासियों को शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य स्थापना की 16 वीं वर्षगांठ के अवसर पर उत्तराखंड वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा, ‘‘मैं इस अवसर पर आप सब की ओर से, राज्य आन्दोलन के अमर शहीदों को भी शत्शत् नमन करता हूँ। मैं अपने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों, देश की सीमाओं व देश की आन्तरिक सुरक्षा में शहीद हुये भाईयों की स्मृति को भी प्रणाम करता हूँ।’’ मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड ने अपनी 16 वर्ष की यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य की वार्षिक विकास दर राष्ट्रीय विकास दर से ड्योढ़ी हंै। राज्य की प्रतिव्यक्ति, औसत आय तेजी से आगे बढ़ रही है और राष्ट्रीय औसत से लगभग दो गुना है। उत्तराखण्ड ईज आॅफ डूइंग बिजनेस में भी अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है। उत्तराखण्ड दृढ़ता पूर्वक समावेशी विकास के रास्ते पर कदम आगे बढ़ा रहा है। उत्तराखंड सर्वाधिक प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने वाला राज्य है। वर्ष 2014 में पेंशन लाभार्थियों की संख्या 1 लाख 74 हजार से बढ़कर अब 7 लाख से भी अधिक हो गई है। हमने पेंशन की राशि को 400 रूपए से बढ़ाकर 1000 रूपए किया है। हमने समाज के प्रत्येक वर्ग, और राज्य के प्रत्येक क्षेत्र को लाभांवित किया है। किसान, पुरोहित, कलाकार, पत्रकार, शिल्पकार, निर्माणकर्मी आदि के साथ बाजीगरों एवं जगरियों को पेन्शन योजना में समाहित कर, उनके पंजीकरण के लिये एक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। अपने प्रत्येक नागरिक को, सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक, उम्र के हर पड़ाव पर हम अपनी माताओ व बहनों के साथ है। इनमें ‘हमारी कन्या हमारा अभिमान’, कन्याधन योजना, गौरा देवी कन्याधन योजना, नन्दा देवी योजना सहित गर्भवती महिलाओं के लिए पोष्टाहार योजना, 60 वर्ष से अधिक की माताओं के लिए टेकहोम राशन तथा मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना, बुजुर्ग माता ओ के लिए रोड़वेज में निशुल्क यात्रा, आदि योजनाएं प्रमुख हैं। महिला उद्यमिता पार्क व महिला हाट स्थापित किए गए हैं। नई दिशा योजना में हैण्डीक्राफ्ट व हैण्डलूम के 10 महिला क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। ‘‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना’’ प्रारम्भ की गई है। प्रत्येक महिला स्वयं सहायता समूह को, सीड केपिटल के तौर पर पांच हजार रूपये व सामुदायिक निवेश निधि के तहत 20 हजार रूपये की राशि, सहायता स्वरूप उपलब्ध करवाई जा रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों को सामूहिक खेती योजना हेतु एक लाख रूपये का अनुदान दिया जायेगा। महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से इंदिरा अम्मा भोजनालय स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष 100 इंदिरा अम्मा कैंटीन खोली जा रही हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए, हम पारम्परिक कृषि उत्पादों, मंडुवा, रामदाना, झंगोरा, फाफर, काला भट्ट, गहत, चैलाय, मिर्च, सेब, माल्टा, पहाड़ी नींबू, गोला नाशपाती, कंद आदि पर न केवल उत्पादनबोनस दे रहे हैं, बल्कि इनकी माँग सृजित करने के लिए भी, हमने अनेक कदम उठाए हैं। इन फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य भी घोषित किए गए हैं। खेतीबाड़ी के उपकरणों पर 90 फीसदी तक छूट दी जा रही है। जंगली जानवरों से खेतों की सुरक्षा के लिए 100 करोड़ रूपए की योजना बनाई गई है। खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड के तहत रेशा बैंक बनाकर भीमल, कण्डाली, रामबांस के रेशे का समर्थन मूल्य व क्रय करने की व्यवस्था की गई है। ‘मेरा पेड़मेरा धन’ योजना में, गांवों में चारा प्रजाति के वृक्ष लगाने को प्राथमिकता दी गई है। कलस्टर आधारित खेती को प्रोत्साहित करने के साथ ही, पर्वतीय क्षेत्रों के लिये, चकबंदी कानून बनाया गया है। जड़ीबूटी उत्पादन के, कुछ कलस्टर अस्तित्व में आ गये हैं। हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल व देहरादून के सभी किसानों को साॅयल हैल्थ कार्ड उपलब्ध कराने काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। चारधाम यात्रा अपने पुराने वैभव में आ चुकी है। इस वर्ष अभी तक देशविदेश से 15 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र चारधाम व हेमकुण्ट साहिब के दर्शनों का लाभ उठा चुके हैं। इकोटूरिज्म, टैªकिंग, माउन्ट बाईकिंग, पैराग्लाइडिंग और दूरदराज के जौलजीवी, पंचेश्वर, चन्द्रपुरी, मद्महेश्वर तुंगनाथ, जागेश्वर, पाताल भुवनेश्वर, पूर्णागिरी, छोटा कैलाश, द्यारा बुग्याल, सतोपंथ, हरकीदून, कण्वाश्रम आदि स्थल, आने वाले समय में पर्यटकों के नए गन्तव्य होंगे। उत्तराखण्ड को ट्रेकिंग पैराडाइज बनाने के लिए 80 से अधिक ट्रेकिंग रूट विकसित किए जा रहे हैं। हमने बर्ड फेस्टीवल के आयोजन के साथ ही बटरफ्लाई पार्क की भी स्थापना की है। वाॅटर स्पोर्ट्स के लिए 45 वर्ग किमी. में फैली हुई सुमन सरोवर (टिहरी झील) पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बन रही है। पुरानी काष्टकला एवं शिल्प कला से बने एक हजार भवनों को होमस्टे योजना के अन्तर्गत लिया जा रहा है। जागेश्वर व ऋषिकेश को योग सर्किट के तौर पर विकसित किया जा रहा है। बिजली के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए गए हैं। हम लगभग 24 घंटे बिजली देने में सफल रहे हैं। वर्ष 201718 तक बिजली उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली कानूनन उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। क्वालिटी व निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए वर्ष 201617 में 36 नए सब स्टेशन स्थापित कर ऊर्जीकृत कर दिए जाएंगे। प्रदेशवासियों को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं। हमने 3752 बस्तियों को पेयजल से संतृप्त किया है। 4370 ग्रामीण व 76 नगरीय जल आपूर्ति योजनाओं को सुदृढ़ कर जलापूर्ति में सुधार किया गया है। अमृत मिशन के तहत राज्य के सात नगरों देहरादून, हरिद्वार, रूड़की, काशीपुर, रूद्रपुर, नैनीताल व हल्द्वानी में पेयजल व सीवरेज का काम अगले पांच वर्षों में शतप्रतिशत कर लिया जाएगा। नमामी गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत 12 नगरों में 574 करोड़ रूपए लागत की सीवरेज योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। स्वच्छ भारत मिशन में उत्तराखंड अग्रणी राज्य है। राज्य के 8 जिलों में 1020 करोड़ रूपए की ग्राम्या2 योजना प्रारम्भ की गई है। हमारे राज्य में शिक्षा का इंफ्रास्ट्रक्चर दूसरे राज्यों की तुलना में कहीं ज्यादा विकसित है। प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। प्रत्येक स्तर की शिक्षण संस्था में प्रधानाचार्य उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। दूरस्थ क्षेत्रों तक क्वालिटी एजुकेशन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ब्लाॅक में 2 प्राईमरी, 1 जूनियर व 2 माध्यमिक विद्यालय, माॅडल स्कूल के तौर पर विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश में 4 ‘‘राजीव गांधी अभिनव आवासीय स्कूल’’ भी स्थापित किये गये हैं। स्कूली बच्चों को अंग्रेजी व गणित का ज्ञान देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट प्रारम्भ कर दिया है। प्रदेश के 750 माध्यमिक विद्यालयों में स्पोकन इंग्लिश के लिए ‘उन्नति’ कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में हरेला, झूमेलो व घी संग्रांद का पर्व आयोजित किया गया जिनमें लोगों ने बढ़चढ़कर भागीदारी की। आज ऐंपण कला को विदेशों में भी पहचान मिली है, इससे हजारों लोगों को रोजगार मिला है। हमने लोक गायक व कलाकार कल्याण कोष की स्थापना करते हुए 5 करोड़ के कारपस फण्ड का प्राविधान किया है।उत्तराखंडी व्यंजनों के स्वाद से प्रदेश के बाहर के लोग भी परिचित हुए हैं। ‘‘उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद‘‘ का गठन किया जा चुका है। गरूड़ाबांज में ‘हरिप्रसाद टम्टा पारम्परिक शिल्प उन्नयन संस्थान’ की स्थापना की गई है। गौचर में भाषा बोली संस्थान स्थापित हो रहा है। शीघ्र राज्य का जागर महाविद्यालय भी अस्तित्व में आयेगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं। हमारी कोशिश है कि धन के अभाव में कोई भी बिना के ईलाज के न रहे। इसके लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से, 1 लाख 75 हजार रूपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा रहा है। ईलाज का खर्च इससे अधिक होने पर राज्य व्याधि निधि योजना से सहायता दी जाएगी। राज्य के प्रत्येक ब्लाॅक में सर्जिकल कैम्प एवं डायग्नोस्टिक कैम्प लगाए जा रहे हैं। दून मेडिकल कालेज शुरू किया जा चुका है। 5 अन्य मेडिकल कालेज व 8 नर्सिंग कालेज निर्माणाधीन व प्रस्तावित हैं। आशाओं, आगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि की गई है। उनके सेवानिवृति काल में लाभ हेतु अंशदायी बीमा योजना व पृथकपृथक रिवाल्विंग फण्ड स्थापित किये गये हैं। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 30 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां होंगी। 16 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। हम 50 हजार युवाओं को उद्यमी बनाएंगे। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी स्वरोजगार योजना के लिए 10 करोड़ रूपए का स्टार्ट अप फण्ड बनाया गया है। सौर ऊर्जा आधारित सूर्योदय स्वरोजगार योजना का शुभारम्भ किया गया है। राज्य की मलिन बस्तियों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने और वहां रहने वालों को मालिकाना हक देने के लिए मलिन बस्ती नियमितिकरण कानून बनाया गया है। देहरादून में बिंदाल व रिस्पना नदियों पर रिवर फ्रंट डेवलपमेंट परियोजना का काम शुरू कर दिया गया है। राज्य में दलितों व अतिपिछड़ों के लिए चार आवासीय योजनायें, महर्षि बाल्मिकी, महर्षि रैदास, खुशीराम आर्य व जयानंद भारती के नाम से प्रारम्भ की जा रही हैं। इन चारों योजनाओं के तहत, तीन वर्षों में, बीस हजार आवास निर्मित होंगे। ग्राम्य विकास विभाग के तहत अपने साधनहीन भाईयों के लिए हमने 45,276 आवास बनाए हैं। इसके अतिरिक्त पांच आपदाग्रस्त जनपदों में 2016 आवास भी बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने को हमेशा तत्पर रहने वाले अपने वीर सैनिकों के लिए जितना किया जाए, कम है। देश में सर्वाधिक वीरता अनुदान राशि देने वाला राज्य है। केवल उत्तराखंड में ही सेवारत व पूर्व सैनिकों को गृह कर में पूर्ण छूट प्राप्त है। राज्य में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रचर विकसित किया जा रहा है। पहली बार राज्य की खेल नीति तैयार की गई है। अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विशिष्ट खिलाडियों के सेवा योजना के लिए विशेष प्रविधान किया गया है। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में एथलेटिक्स ट्रेक व हाॅकी सिंथेटिक खेल मैदान का निर्माण कर लिया गया है। इस वर्ष अक्टूबर माह तक देहरादून एवं हल्द्वानी में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्पोर्ट्स काॅम्पलैक्स का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। प्रत्येक विकासखण्ड में राजीव गांधी खेल स्टेडियम बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया है। राज्य के प्रत्येक जनपद में स्पोर्ट्स हाॅस्टल एवं स्पोर्टस स्कूल स्थापित किया जायेगा। प्रदेश में सम्पर्क मार्गों का निर्माण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। सड़कों के डी.पी.आर. व फोरेस्ट क्लीयरेंस पर विशेष फोकस किया गया है। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 7,870 करोड़ रूपए की स्वीकृत लागत से 22,768 किमी सड़क मार्ग, 1226 पुलों का निर्माण का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। केंद्रीय योजनाओं के तहत 78 किमी सड़क व 4 सेतुओं का निर्माण स्वीकृत है। देहरादून में बल्लीवाला फ्लाईओवर शुरू किया जा चुका है जबकि आईएसबीटी, बल्लुपुर फ्लाईओवर का काम भी जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। पिछले 1 वर्ष में लोक निर्माण विभाग व पी.एम.जी.एस.वाई. के अंतर्गत 709 नई सड़कों व 105 नए सेतुओं पर काम प्रारम्भ कर दिया गया है। पी.एम.जी.एस.वाई. के तहत इसी एक वर्ष में 990 करोड़ रूपए लागत के 189 कार्यों की डी.पी.आर. स्वीकृत कराकर निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। साथ ही 750 करोड़ रूपए लागत के 150 नए कार्यों की डी.पी.आर. तैयार कर दी गई है। ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना के तहत पिछले वर्ष कुल 190 सड़कों के सापेक्ष 131 सड़कें पूरी कर ली गई हैं जबकि 61 सड़कें शीघ्र पूरी कर ली जाएंगी। इसी प्रकार वर्तमान वर्ष में 107 सड़कों पर काम प्रारम्भ कर दिया गया है। लगभग पौने दो लाख निर्माण श्रमिकों को पंजीकृत कर उनके लिए देश की सबसे आकर्षक कल्याणकारी सहायता योजना निरन्तर आगे बढ़ रही है। इस वर्ष के अन्त तक हम इस संख्या को दो लाख से ऊपर ले जायेंगे और इस योजना में मनरेगा श्रमिक भी सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि ईडिस्ट्रीक्ट केंद्रों व देवभूमि सेवा केंद्रों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों का काम पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत कर दिया गया है। राज्य के सभी जिला मुख्यालयों व मुख्य पर्यटन स्थलों पर वाईफाई जोन स्थापित किए जाएंगे। नैनीताल व मसूरी में फ्री वाईफाई सेवा प्रारम्भ की गई है। रानीखेत, पौड़ी को यह सुविधा शीघ्र देने जा रहे हैं। हमने पर्यावरण संरक्षण को संस्कृति व आजीविका से जोड़ने का प्रयास किया है। हरेला से ‘मेरा पेड़मेरा धन’ योजना को लिंकअप किया गया। हमने जल संचय पर बोनस देने की योजना भी बनाई है। वन विभाग द्वारा वर्ष 201516 में 1259 चेक डैम बनाए गए जबकि 1057 जलाशयों व चालखाल का पुर्नद्धार किया गया। जायका के अंतर्गत 750 वन पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से ‘ईकोरेस्टोरशन’ किया जा रहा है। हम इस वर्ष खुले में शौंच की समस्या से मुक्त हो जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि प्रदेश की तरक्की में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हमने सैंकड़ों छोटीछोटी शुरूआत की हैं। इन्हीं शुरूआतों से प्रदेश में बड़ा बदलाव आएगा। विकास हेतु सामूहिक सोच आवश्यक है, हमें मीन मेख निकालने की प्रवृति के बजाय उत्साहपूर्वक मिलजुल कर कार्य करने की संस्कृति पैदा करनी है। राज्य निर्माण की अवधारणा के अनुरूप ही हमारी आदर्श राज्य की परिकल्पना है। हर गांव तक सड़क पहुंचे, हर घर में स्वच्छ पेयजल व बिजली हो। हर कर्मकार को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मिले, आने वाले वर्षों में युवा दोस्तों के लिए रोजगार के अवसर दुगुने हों। हर हाथ में हुनर हो, हर हाथ को काम मिले। पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रीन इंडस्ट्री व कुटुम्ब आधारित उद्योगों की स्थापना हो, ग्राम स्वराज सच्चे अर्थों में साकार हो। ग्रामीण, शहरी व अर्धशहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हों, पर्यटन, संस्कृति व हस्तकला का समावेश हो। स्थानीय परम्परागत खेती व बागवानी को बढ़ावा मिले, हर काश्तकार को उसकी उपज का लाभकारी मूल्य मिले, हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिले। हमारे गांव, ग्रोथ सेंटर बनकर राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें। सबसे बढ़कर हमारी माताओं व बहनों की राज्य विकास में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित हो। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े व वंचित वर्ग, युवाओं, किसानों, कर्मकारों, हस्तशिल्पियों, कारीगरों सभी की सामूहिक भागीदारी से उस उत्तराखण्ड का निर्माण हो, जिसका स्वप्न हमारे शहीद राज्य आंदोलनकारियों ने देखा था। भाईयों व बहनों, राज्य विकास की इस परिकल्पना पर मेरी सरकार मजबूती से आगे बढ़ रही है। हमें इसके लिए आप सब का साथ व आर्शीवाद चाहियें।

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