१४ अप्रैल से २४ तक ‘‘ग्रामोदय से भारत उदय’’

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१४ अप्रैल से २४ तक ‘‘ग्रामोदय से भारत उदय’’

देहरादून राज्यपाल डा. कृष्णकांत पाल ने आज सचिवालय में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों, सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फे्रंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा की।
राज्यपाल ने डा. भीमराव अम्बेडकर की 125 वीं जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल से 24 अप्रैल तक भारत सरकार के निर्देश पर अन्य राज्यों के साथ ही उत्तराखंड में भी ‘‘ग्रामोदय से भारत उदय’’ कार्यक्रम के संदर्भ में पंचायतीराज विभाग को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्यक्रम को सामाजिक सद्भाव की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों के साथ ही राज्य स्तर पर सामाजिक सद्भाव की थीम पर आधारित व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
तीन घंटे से भी अधिक समय तक चली मैराथन बैठक में राज्यपाल ने अधिकारियों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, क्षेत्र भ्रमण कर लोगो की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शी, संवेदनशील, कार्यकुशल व ईमानदार व्यवस्था सुनिश्चित होने से जनता का सरकारी व्यवस्था पर विश्वास बढ़ेगा। जनता से अधिकाधिक सम्पर्क और योजनाओं/कार्यक्रमों में जनसहभागिता से विकास धरातल पर दिखाई देगा। लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए देहरादून न आना पड़े, इसके लिए आवश्यक है कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान ही उनका समाधान हो जाए।

समाधान पोर्टल में जनशिकायतों का निवारण तीस नहीं बीस दिन

राज्यपाल ने भू-अभिलेखों के डिजीटाईजेशन पर विशेष बल देते हुए जन शिकायत-निवारण तंत्र में सुधार की आवश्यकता बताई। उन्होंने समाधान पोर्टल में जनशिकायतों के निवारण के लिए निर्धारित समय सीमा को 30 दिन से घटाकर 20 दिन करने, भू-अभिलेखों के साथ ही राज्य खाद्य सुरक्षा के तहत राशन कार्डों का डिजीटाईजेशन सुनिश्चित करने तथा सामाजिक सुरक्षा से संबंधित पेंशनों व छात्रवृŸिायों को आॅनलाईन करते हुए इसे आधार नम्बर से लिंक किया जाना भी जरूरी बताया।
वनों में आग की रोकथाम के लिए स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग व सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं में कमी लाने के लिए जनजागरूता अभियान संचालित किए जाएं, इसकी शुरूआत स्कूलों से की जा सकती है। उन्होंने वाहन दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए नशे में ड्राईविंग, ओवरलोडिंग आदि पर सतत नजर रखने तथा प्रत्येक जिले में क्राईसिस मेनेजमेंट को जरूरी बताया और कहा कि सम्भावित प्राकृतिक या अन्य प्रकार के संकटों से बचने के लिए उपलब्ध संसाधनों के उपयोग की कार्ययोजना बनी होनी चाहिए।
राज्यपाल ने चारधाम यात्रा के लिए सभी संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मैनपावर, सड़कों के सुधारीकरण, दुर्घटना सम्भावित स्थलों के उपचार, संचार नेटवर्क में सुधार, शौचालय/सफाई व्यवस्था, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के साथ ही खाद्यान्न, केरोसीन तेल, दवाईयां आदि आवश्यक वस्तुओं के स्टाॅक सहित सभी आवश्यक तैयारियां समय पर सुनिश्चत करें।
राज्यपाल ने इस वर्ष सूखे के दृष्टिगत गर्मियों में पेयजल की व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए यह भी कहा कि सभी जिलाधिकारी उन तमाम स्थलों को चिन्हित कर लें जहां टेंकरों व अन्य वैकल्पिक साधनों से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जानी है, इसके लिए आवश्यक धनराशि का आंकलन कर शासन को प्रेषित करें।
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत लक्ष्य के अनुरूप शौचालयों के निर्माण व साॅलिड वेस्ट के निस्तारण पर बल देने के साथ ही अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से लगातार छापे मारने की कार्यवाही सुनिश्चित करने और पकड़ी गई गाडि़यों, आरोपियों, वसूल की गई जुर्माना राशि, सहित पूरा विवरण शाासन में प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को ईएसआईसी द्वारा देहरादून में मंजूर किए गए मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए आवश्यक भूमि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
बैठक में राज्यपाल के सलाहकार, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मंडलायुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी, एसएसपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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