गैरसैंण पर विपक्ष ने किया विधानसभा सत्र का बहिष्कार

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गैरसैंण पर विपक्ष ने किया विधानसभा सत्र का बहिष्कार

गैरसैंण; भराड़ीसैंण में निर्माणाधीन नए विधानसभा भवन में आयोजित विधानसभा सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के न होने से प्रश्नकाल नहीं हुआ। विपक्ष ने दूसरे दिन भी सत्र का बहिष्कार किया।
करीब छह हजार फीट की उंचाई पर स्थित भराड़ीसैंण में निर्माणाधीन नए विधानसभा भवन में आयोजित विधानसभा सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के न होने से प्रश्नकाल नहीं हुआ। सदन में अभी तक 20 विधेयक पेश किए गए और उन्हें ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। स्वस्थ्य मंत्री ने उत्तराखंड भौतिक चिकित्सा और व्यावसायिक चिकित्सा परिषद् विधेयक वापस लिया। वहीं, सत्र से पहले मुख्यमंत्री ने भाजपा पर गैरसैंण पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी भी सत्र चलने नहीं दिया। गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने गैरसैंण समेत पूर्ववर्ती भाजपा शासनकाल में घोषित जिलों के शासनादेश को पुनर्जीवित करने की मांग उठाई। साथ ही, गैरसैंण पर भी सरकार से स्थिति साफ करने को कहा। नेता प्रतिपक्ष अजय भटट ने कहा कि सरकार हमें सात बार गैरसैंण ला चुकी है, लेकिन सरकार ने अभी तक इस बात पर अपना मंतव्य स्पष्ट नहीं किया है कि वह गैरसैंण को स्थायी या अस्थायी राजधानी बनाना चाहती है या फिर ग्रीष्मकालीन राजधानी। इस मुद्दे पर विपक्ष के सवाल को हर बार सरकार टालती आ रही है। हालत यह है कि सरकार ने गैरसैंण में निर्मित विधान भवन को राज्य अतिथि गृह के रूप में इस्तेमाल करने का आदेश भी जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर फैसला हो जाना चाहिए। सरकार जो भी निर्णय करेगी, उसमें विपक्ष पूरा साथ देगा। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने विपक्ष से नियम के तहत ही सदन में यह मसला उठाने का आग्रह करते हुए प्रश्नकाल चलने देने की बात कही। विपक्ष ने इसे स्वीकार करते हुए प्रश्नकाल चलने दिया, मगर प्रश्नकाल खत्म होते ही गैरसैंण पर नियम 310 के तहत चर्चा की पुरजोर ढंग से मांग उठा दी। इस दौरान कुछ सदस्यों ने गैरसैंण जिले की मांग भी उठाई। चर्चा की मांग कर रहे भाजपा विधायकों ने वेल में आकर खूब नारेबाजी की। विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह गैरसैंण की लगातार पैरवी करते रहे हैं, तो अब इस पर चुप्पी क्यों साध रहे हैं। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही विपक्ष ने फिर गैरसैंण पर चर्चा की मांग उठा दी, लेकिन स्पीकर ने उनकी मांग अस्वीकार कर दी। इससे नाराज विपक्ष ने दो दिन के इस पूरे सत्र का पूर्ण बहिष्कार करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।

भाजपा गैरसैंण के मुद्दे पर कर रही है राजनीति

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा गैरसैंण के मुद्दे पर राजनीति कर रही है। यदि ऐसा नहीं, तो विपक्ष सदन में आधिकारिक तौर पर प्रस्ताव लाए। हमारा रुख साफ है हम एक निश्चित कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। हमारा रुख प्रदेश व देश की जनता देख रही है। जहां तक गेस्ट हाउस की बात है, तो यह प्रस्ताव एमएलए हास्टल के लिए था। अब इसे भी खारिज कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष अजय भटट ने कहा कि गैरसैंण के सवाल पर सरकार धोखा दे रही है। विपक्ष का सदन में मसला उठाना ही प्रस्ताव लाना है। सच्चाई यह है कि सरकार इस मसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है। इस मसले पर जनता को लगातार गुमराह किया जा रहा है।

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