बहुगुणा परिवार पर संकट बनेगे संकटमोचन

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बहुगुणा परिवार पर संकट बनेगे संकटमोचन

योगेंद्र चौधरी
सितारगंज /रुद्रपुर उत्तराखंड की राजनैतिक बिसात पर विधानसभा चुनावो में अपने राजनैतिक विरोधियो को हार का स्वाद चखा कर अपना बदला लिए जाने के लिए जनता तैयार हो गयी है इसी कड़ी में सितारगंज विधानसभा सीट पर कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में गए विजय बहुगुणा को इस बार बंगाली समुदाय के लोग राजनैतिक हार का स्वाद देने के लिए तैयार हो गए है यहाँ से विजय बहुगुणा अपने बेटे सौरभ बहुगुणा को भाजपा से टिकट दिलवाये जाने के लिए कोशिश में लगे हुए है सितारगंज विधानसभा सीट पर सक्तिफार्म बंगाली समुदाय के वोटरो के सहारे ही हार जीत का फैसला होता रहा है लेकिन इस बार इस सीट पर विजय बहुगुणा भाजपा का दामन थाम चुके है और यहाँ से कांग्रेस किसी ऐसे नेता को चुनावी समर में लाने का खाक तैयार कर रही है जो बहुगुणा परिवार को राजनैतिक २०१७ में हार का स्वाद दिला सके २०१७ विधानसभा चुनावो में इस बार सितारगंज से विजय बहुगुणा परिवार के लिए जीत का परचम भगवा किया जाना काफी कठिन डगर माना जा रहा है लेकिन अभी तक इस सीट पर बहुगुणा परिवार के बेटे सौरभ बहुगुणा अपनी मजबूत कोशिश में लगे हुए है

बाहरियों की नहीं गलेगी दाल, बंगाली समुदाय हार का बदला लेने की तैयारी में

यहाँ इस बार उनके साथ कई पुराने कांग्रेसी जहा नज़र नहीं आ रहे वही उपचुनावो में बंगाली समुदाय के साथ किया गया वादा भी बहुगुणा परिवार पूरा नहीं कर पाए है सितारगंज में बहुगुणा परिवार के खिलाफ जिस तरह बंगाली समुदाय ने मोर्च खोल दिया है वो कही न कही बंगाली समुदाय के दिल में बदला लिए जाने की तरफ संकेत कर रहा है सक्तिफार्म में कई जगह पर हुई बंगाली समुदाय की बैठको में यहाँ को लोकल व्यक्ति को चुनावी समर में उतारे जाने की पैरवी की जा रही है कांग्रेस या भाजपा अगर इस सीट से किसी बंगाली को टिकट नहीं देती तो बंगाली समुदाय यहाँ से किसी निर्दलीय को चुनावी समर में उतरा सकता है ऐसी दशा में बहुगुणा परिवार के २०१७ में विधानसभा की इस सीट पर चुनाव जीत पाना काफी कठिन डगर होगी मुख्यमंत्री रहे विजय बहुगुणा इसी सीट से चुनाव जीत कर विधानसभा में विधायक बने थे और एक बार फिर इतिहाश उनके परिवार को अपनी ताकत का जलवा दिखाने की तैयारी करता नज़र आ रहा है ये वही बंगाली समुदाय है जिन की ताकत के बल पर विजय बहुगुणा चुनाव जीत कर विधयाक बने थे और यही उनके संकट मोचन कह लाये थे लेकिन समय बदला तो अब यही उनके संकट मोचन संकट बन गए है विजय बहुगुणा का राजनैतिक जीवन मुख्यमंत्री बनने के बाद इसी विधानसभा से उपचुनाव होने के बाद सुरू हुआ था जो अब इसी विधानसभा में हार के बाद समाप्ति की तरफ जाता नज़र आ रहा है

छेत्रीय होगा छेत्रिय विधयाक

जिस समय सितारगंज में उपचुनाव हुआ था उस समय विजय बहुगुणा के पास कांग्रेसी कई नेतायो का समर्थन था लेकिन वर्तमान समय वो बहुगुणा इस सीट पर अकेले पड़े हुए नज़र आ रहे है यही नहीं इस बार उनका पार्टी का झंडा भी बदल गया है भाजपा के कुनबे में जाने के बाद वो जहा कमजोर हुए है वही नई जगह पाने के बाद उनका राजनैतिक वजन भी कम हुआ है ऐसे समय में बहुगणा परिवार को सितारगंज विधानसभा सीट पर अपनी विजय पताका को भगवा झंडे के निचे कायम रख पाना लोहे के चने चबाने से कम नहीं सितारगंज की जनता का जिस तरह बहुगुणा के खिलाफ शंखनाद हुआ है वो कही बहुगुणा परिवार के लिए भारी न पड़ जाये यही नहीं राज्य के मुख्यमंत्री हरीश रावत भी खुल कर कह चुके है की अगर एक भी बागी जीत गया तो ये राज्य की जनता की हार होगी मतलब साफ़ है की सितारगंज में हरीश रावत भी अपनी ताकत का इस्तेमाल कर बहुगुणा को राजनैतिक पटखनी देने में कोई कसर नहीं छोड़गे
राजनैतिक रथ छोड़ गया साथ
किरण मंड़ल जिन्होंने बहुगुणा को अपना राजनैतिक रथ दिया था इस बार वही किरण मंडल भी अपनी राजनैतिक गलती पर अफसोश करते नज़र आ रहे है उनका साफ कहना है ही किसी भी कीमत पर इस बार यहाँ की सीट से बहुगुणा परिवार को जीत दर्ज नहीं होने दी जाएगी यही नहीं सितारगंज विधानसभा में भाजपा का कुनबा भी वर्तमान समय में बहुगुणा परिवार से दुरी बना गया है और बहुगुणा परिवार पूरी तरह अकेले पड़ गए है जो उनकी हार के असली वजह बनती नज़र आ रही है

भाजपा विधयाक तोडा आज उसी भाजपा को गले लगाया
किशोर राय विकाश से पीछे रहा है बाहरी लोगो को टिकट नहीं दिया जायेगा विकाश के नाम पर कुछ नहीं किया गया कब्रितान बना दिया गया लोगो को लड़वाने के लिए यहाँ पर बहुगुणा परिवार विकाश के नाम पर लोगो को छल रहा है जिस को अब यहाँ की जनता समझ चुकी है उन्होंने कहाँ की बहुगणा जब उपचुनाव लड़ कर यहाँ से जीते थे तो उन्होंने जो वादा यहाँ की जनता से किया था उस को आज तक पूरा नहीं कर पाए है लेकिन अब यहाँ के बंगाली समुदाय ऐसे राजनेता को चुनाव में हार के मज़ा दिलाने के लिए तैयार हो गया है शिक्षा,मेडिकल जैसे मुलभुत सुविद्याओ के आभाव में आज भी यहाँ के लोग इंतज़ार कर रहे है लेकिन यहाँ पर डॉक्टर के नाम पर लोगो को इलाज़ तक नहीं मिल पाताऔर गरीब इलाज़ के आभाव में दम तोड़ रहे है उन्होंने कहाँ की ये वही बहुगुणा है जो कभी भाजपा को गाली दिया करते थे और अपनी राजनैतिक जमीन के लिए एक भाजपा विधयाक को तोड़ लिया गया था आज वही भाजपा उनके गले का हार बन गयी इस जवाब भी यहाँ की जनता माँग रही है

मेने लोकल व्यक्ति को टिकट की माँग करी मेरे को पार्टी से निकाल दिया
श्यामअल पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष यहाँ से लोकल व्यक्ति को चुनाव में टिकट दिए जाने की माँग की थी तो उनको भाजपा ने पार्टी से निकाल दिया गया इस बात को लेकर भी भाजपा के लिए बंगाली समुदाय को दिया जाये मेरी आवाज यहाँ की आवाज़ थी लेकिन भाजपा ने कुछ नहीं किया गया
तारक मंडल ज़िला पंचायत सदस्य सर्वे में बहुगुणा का नाम गया है लेकिन बहुगुणा ने कुछ नहीं किया गया सड़क नहीं बन पायी जिस को लेकर लोगो का विरोध हो रहा है बहुगुणा को अगर भाजपा टिकट देती है तो ये यहाँ की जनता की साथ बड़ा धोखा होगा

पड़े लिखे को मिले सितारगंज से टिकट
रविन्द्र नाथ सरकार बंगाली कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष का साफ कहना है इस बार सितारगंज विधानसभा सीट से यहाँ के पड़े लिखे व्यक्ति को चुनावी समर में उतारा जाना जरुरी है जिस से यहाँ का विकाश हो सके क्यों की बहुगुणा अपने मुख्यमंत्री काल में यहाँ के लोगो के लिए कुछ नहीं कर पाए सिर्फ बंगाली लोगो को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया अनाज मंडी तो खोली गयी लेकिन आज भी किसान अपना अनाज कहाँ पर लेकर जाये इस के लिए कुछ नहीं किया गया

जिस की जितनी भागीदारी उसकी उतनी भागीदारी ये नारा भी इनदिनों सितारगंज विधानसभा में गूंज रहा है जो कही न कही बंगली समुदाय की एकता को बता रहा है कुल मिलकर इस बार सितारगंज विधानसभा सीट पर बहुगुणा परिवार के लिए भाजपा और कांग्रेस के साथ साथ बंगाली समुदाय की नाराज़गी किसी कठिन पनघट की डगर से कम नहीं होगी

वोट बैंक की तरह इस्तमाल नहीं होगा बंगाली
बहादुर सिंह भाजपा नेता ने भी बहुगुणा परिवार का विरोध किया है और सितारगंज सीट से किसी पड़े लिखे यहाँ के स्थानीय व्यक्ति को टिकट दिए जाने की माँग की है उन्होंने कहाँ की बंगली समुदाय को जिस तरह बहुगुणा परिवार सिर्फ वोट बैंक के लिए इस्तमाल करता रहा है लेकिन इस बार यहाँ का व्यक्ति बाहरी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर वोट नहीं करेगा यहाँ पर अस्पताल में डॉक्टरों की भी कोई सुविधा नहीं है जिस के कारण लगातार इलाज़ न होने पाने के कारण कई लोग अब तक दम तोड़ चुके है

जमीनी पकड़ के बुते राजनैतिक मुकाम किया हासिल
अजय जायसवाल पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष भाजपा की सरकार के समय में निर्दलीय नगर पंचायत अध्यक्ष के चुनाव जीत कर अपनी राजनैतिक जमीन के असर दिखा चुके अजय भी इस बार यहाँ से किसी पड़े लिखे व्यक्ति को विधानसभा चुनाव में उतारे जाने की माग कर रहे है उनका साफ कहना है की विजय बहुगुणा परिवार ने यहाँ की जनता के साथ विकाश के जो वादा किया था उस को पूरा नहीं किया गया उपचुनाव में बहुगुणा को चुनावी समर में लड़वाए जाने वालो में अजय भी सामिल रहे है उनको यशपाल आर्य के काफी करीबी माना जाता है बाजपुर रैली में भी वो अपना राजनैतिक दम दिखा चुके है लेकिन इस बार वो भी यहाँ से किसी स्थानिए व्यक्ति को टिकट दिए जाने की पैरवी कर रहे है अजय का राजनैतिक वजन जमीनी पकड़ मजबूत होने के कारण काफी वजनदार माना जाता है

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