जिला योजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न।

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जिला योजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न।

बागेष्वर अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए जनाकांक्षाओं के अनुसार कार्य करना सुनिष्चित करें एवं आचार संहिता लागू होने से पूर्व निर्माण कार्यो की टैण्डर प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य प्रारम्भ करना सुनिष्चित करें इसमें किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाय तथा निर्माण कार्यो की जाॅच हेतु गठित टास्क फोर्स टीम कार्यो की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यो का भौतिक सत्यापन रिर्पोट फोटोग्राफर्स के साथ प्रस्तुत करें। यह निर्देष जिलाधिकारी मंगेष घिल्डियाल ने जिला योजना, राज्य सैक्टर,केन्द्र पोशित, बाह्यसहायतित एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक के दौरान दिये। उनका कहना था कि कतिपय अधिकारियों द्वारा केवल खानापूर्ति कर कार्यो की गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जाता है जिससे अधिकारी की लापरवाही प्रदर्षित होती है। अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। अगली बैठक में पूर्ण कार्यो पूरा विवरण पावर प्वाइन्ट में फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करना सुनिष्चित करें। विकास भवन सभागार में आयोजित जिला योजना,राज्य सैक्टर,केन्द्र पोशित,बाह्यसहायतित एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मंगेष घिल्डियाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि निर्माण कार्यो की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। अधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारी के साथ निर्वहन करना सुनिष्चित करें इसमें किसी प्रकार की हिलाहवाली कतई बर्दाष्त नहीं होगी। कहा कि योजनाओं को औचित्य के साथ प्रस्तावित करें। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देषित करते हूुए कहा कि वे निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के लिए षौचालय व्यवस्था करना सुनिष्चित करें। लोकनिर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए अधिषासी अभियन्ता लोकनिर्माण को स्वीकृत मोटर मार्गो की टैण्डर प्रक्रिया पूर्ण कर समय से कार्य प्रारम्भ करने के निर्देष दिये। लद्यु सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने हाईड्रम योजना के तहत चालू तथा बन्द योजनाओं की जानकारी ली सम्बन्धित अधिकारी को बन्द योजनाओं की सूची उपलब्ध कराने के साथ चालू योजनाओं से सिंचित कृशि क्षेत्र का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देष दिये तथा बन्द योजनाओं का कारण प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को जनपद में संचालित हाईड्रम योजनाओं के भौतिक सत्यापन हेतु टीम गठित करने के निर्देष दिये। उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को सख्त निर्देष देते हुए कहा कि जिन योजनाओं में धनराषि अवमुक्त हो चुकी है उनमें षीघ्र कार्य प्रारम्भ करना सुनिष्चित करें। उन्होंने कृशि, उद्यान, पषुपालन, मत्स्य, भेशज विभाग से बंजर भूमि चिन्हित कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देष दिये तथा महिला समूहों को अपनीअपनी योजनाओं से जोडकर उनकी आजीविका को मजबूत करने को कहा। उन्होंने उद्यान विभाग को प्राथमिकता के आधार पर पालीहाउस के लिए महिला समूहों का चयन करने के निर्देष दिये ताकि वे समूह में कार्य कर अपनी आजीविका को मजबूत कर सके। उन्होंने भेशज विभाग को वन हल्दी,तेजपत्ता,बडी ईलाइची की नर्सरी लगाकर लोगों को उसका लाभ पहुॅंचाने के निर्देष दिये। डेयरी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद में दुग्ध उत्पादन दर कम होने तथा विपणन की सही व्यवस्था न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए दुग्ध विकास अधिकारी को एक सप्ताह के अन्दर उत्पादन में आ रही कमी तथा विपणन की सही व्यवस्था के लिए गांवों का सर्वे रिर्पोट प्रस्तुत करने के निर्देष दिये। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक सोमवार प्रातः 10 बजे तथा प्रत्येक षनिवार सांय 4.0 बजे उपस्थिति पंजिका सहित पूर्व रोस्टर के अनुसार उपस्थिति दर्ज करने के निर्देष दिये तथा किसी भी अधिकारी के घर में कोई्र षुभ कार्य,जन्म दिवस आयोजित होने पर वे किसी एक विद्यालय को चयनित कर उसमें एक दिन बच्चों को विषेश भोज का आयोजन कर उसकी फोटोग्राफी ग्रुप में प्रेशित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिस किसी विभाग द्वारा कोई भी नया भवन निर्माण प्रस्तावित किया जाता है तो निर्माण से पूर्व चयनित भूमि का भूवैज्ञानिक सर्वे कराना सुनिचित करें। बैठक में विभागवार कुल अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष षासन से अवमुक्त धनराषि का अब तक व्यय हुई्र धनराषि की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिलायोजना अन्तर्गत कुल अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष षासन से 55 प्रतिषत धनराषि अवमुक्त हो चुकी है जिसके सापेक्ष अब तक कुल 48 प्रतिषत धनराषि व्यय हो चुकी है।राज्य सैक्टर के अन्तर्गत अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष 100 प्रतिषत धनराषि अवमुक्त हो चुकी है जिसका 71 प्रतिषत खर्च हो चुका है। बताया गया कि केन्द्र पोशित योजनान्तर्गत अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष 100 प्रतिषत धनराषि अवमुक्त हो चुकी हैे जिसके सापेक्ष 85 प्रतिषत व्यय हो चुका है वाह्य सहायतित योजना में अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष 100 प्रतिषत अवमुक्त हो चुकी है जिसके सापेक्ष 83 प्रतिषत धनराषि व्यय की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों द्वारा अवमुक्त धनराषि के सापेक्ष कम व्यय किया है वे षीघ्र धनराषि का षतप्रतिषत सदुपयोग करना सुनिष्चित करें। जिलाधिकारी ने बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि जो विभाग बी,सी,डी, श्रेणी में चल रहे हैं वे कारण प्रस्तुत करते हुए ए श्रेणी में आने का प्रयास करें तथा जो ए श्रेणी में है वे ए श्रेणी में बने रहने का प्रयास करें। उन्होंने 20 सूत्रीय टास्क फोर्स टीम को निर्देषित करते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार योजनाओं का मानक को ध्यान में रखते हुए सत्यापन कर फोटोग्राफर्स सहित टिप्पणी प्रस्तुत करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.एस.पांगती,जिला विकास अधिकारी के.एन.तिवारी, वरिश्ठ कोशाधिकारी भाश्करानन्द पाण्डे, प्रभागीय वनाधिकारी एम.बी.सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी देवेन्द्र गोस्वामी, मुख्य चिकित्साधिकारी संजय षाह, जिला पंचायतराज अधिकारी पूनम पाठक, मुख्य षिक्षा अधिकारी आर.सी.आर्या, अधिषासी अभियन्ता लोनिवि बागेष्वर आर.के.पुनेठा, मुख्य पषुचिकित्साधिकारी डा0उदय षंकर, मुख्य कृशि अधिकारी वी.पी.मौर्या, जिला समाज कल्याण अधिकारी एन.एस.गस्याल, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राजेष कुमार ,जिला सेवायोजन अधिकारी आर.के.पन्त, महाप्रबन्धक उद्योग वी.सी.पाठक सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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