धनतेरस पर जानिए राशि अनुसार धनवर्षा Dhanteras Astrology Pooja Laxshmi Yog

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धनतेरस पर जानिए राशि अनुसार धनवर्षा :Dhanteras Astrology Pooja Laxshmi Yog

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है।कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदिशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है। 17 अक्टूबर, मंगलवार होने के कारन इस दिन पूजा विधि को लेकर धार्मिक पंडित अपनी अपनी पूजा विधि का बखान कर रहे है धार्मिक पंडितो ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार धनतेरस पर 19 साल बाद लक्ष्मी योग बन रहा है, जो धन की पूजा से लेकर बाजार से खरीदी सहित हर काम के लिए शुभ है।धनतेरस पर जानिए अपनी राशि के अनुसार धनवर्षा राज

बाज़ारो में इस बार जहा रौनक फीकी नज़र आ रही है वही धनतेरस पर बाज़ारो में खरीद किये जाने के लिए खासा क्रेज़ भी नज़र नहीं आ रहा है धनतेरस के दिन बाज़ारो में बर्तन की दुकानों से लेकर सोने के आभुषणो को खरीद किये जाने का काफी पुरानी परम्परा को आज भी उसी तरह मनाया जाता है धनतेरस के दिन गरीब तबका आज भी बर्तन खरीद कर जबकि आमिर तबका सोने की खरीदारी कर अपना धनतेरस का पर्व मनाये जाने के लिए बाज़ारो में जाता है

धनतेरस पर आपकी राशि अगर ये हैं तो ऐसे होगी धनवर्षा 

धार्मिक पंडितो के अनुसार धनतेरस पर चंद्रमा, मंगल और शुक्र कन्या राशि में होकर एक साथ युति कर लक्ष्मी योग बनाएंगे। साथ ही इस दिन मंगलवार होने से भौम प्रदोष का योग भी बन रहा है। इसके अलावा सूर्य, बुध और गुरु तुला राशि में रहकर बुधादित्य और गुरु आदित्य योग बनाएंगे।
पूजा विधि जानने के लिए के लिए निचे लिखे समय पर पूजा विधि के अनुसार अपना पूजा कार्य कर ले धनतेरस को लेकर पूजा किये जाने का समय चार चरण में आज के दिन निर्धारित किया गया है जिसका अपना धार्मिक महत्व है

धनतेरस के दिन घरो में विशेष पूजा अर्चना कर पूजा पाठ किया जाता है घर में रखे सभी सोने चाँदी के साथ साथ धन की पूजा किये जाने का विशेष प्रचलन आज भी धार्मिक महत्व को बढ़ावा देता है कहा जाता है की धार्मिक ज्ञान के अनुसार धनतेरस के दिन पूजा किये जाने को लेकर अपने अपने अलग अलग विचार भी सामने आते है कुछ लोग घरो में पूजा किये जाने के साथ साथ दान दिए जाने को भी शुभ मानते है
इस समय न करें पूजा और खरीदारी

सायं 03.00 से 04.30 के बीच अशुभ मुहूर्त है।

पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त

शाम 07.30 से 09.00 बजे तक।

इन मंत्रों के जाप से कुबेर को करें खुश

ॐ ह्रीं कुबेराय नम:।

‘यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य अधिपतये धन-धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा’।

लक्ष्मी मंत्र

कमलगट्टे हाथ में लेकर इस मंत्र का यथासंभव जाप करें।

मंत्र : ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्मीयै ह्रीं सिद्धये मम गृहे आगच्छागच्छ नम: स्वाहा।।

धनतेरस के दिन अगर आपको संतान से संबधित कोई परेशानी है तो कटोरी ये थाली बाजार से जाकर खरीद ले कारोबार में अगर परेशानी आ रही है तो धातु का दीपक खरीद कर अपना कारोबार सफल बना सकते है इसके आलावा बाजार से सही मुर्हत में खरीद किया गया सामान भी आपके लिए अच्छा फलकारी हो सकता है

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