डीएवी पीजी कॉलेज का सिकंदर बनकर उसने सबको चौकाया पड़े उसकी पूरी कहानी

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डीएवी पीजी कॉलेज का सिकंदर बनकर उसने सबको चौकाया पड़े उसकी पूरी कहानी Dav Dehradun Elaction 2017 Result डीएवी पीजी कॉलेज का सिकंदर बनकर उसने सबको चौकाया पड़े उसकी पूरी कहानी देहरादून डीएवी पीजी कॉलेज के चुनावो में चुनाव लड़कर सबसे अधिक वोट लेने वाला उपाध्यक्ष पद पर दिवाकर ग्रुप का हिमांशु नेगी सभी को पीछे छोड़ गया है उसकी स्टूडेंट के बीच पकड़ इस तरह थी की हर कोई उसका मुरीद होता चला गया देहरादून के पथरियापीर निवासी हिमांशु नेगी की जीत का अंतर इतना अधिक होगा इसका आकलन कोई भी नहीं कर रहा था लेकिन जब वोटिंग के बाद वोटो की गिनती हुई तो सबसे अधिक वोट लेकर वो सबका पसंद किया गया हो गया।

11बार जीत का परचम वोटो में भी कमी
डीएवी पीजी कॉलेज में अभाविप ने लगातार 11वीं बार अध्यक्ष पद अपने नाम किया है। अभाविप के शुभम सिमल्टी ने एनएसयूआइ के विकास नेगी को 35 वोट से हराया। सचिव पद पर आर्यन ने एक साल बाद फिर वापसी की है। संगठन के आकाश गौड़ ने सत्यम शिवम ग्रुप के अरविंद चौहान को 344 वोट से हराया।जीत के बाद अभाविप और आर्यन से जुड़े छात्रों ने बारिश के बावजूद विजय जुलूस निकाला।

शुक्रवार को डीएवी पीजी कॉलेज में 20 मिनट देरी से मतगणना शुरू हुई। लगभग पांच घंटे चली मतों की गिनती के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. डीके त्यागी ने चुनाव परिणाम घोषित किए। अभाविप के शुभम सिमल्टी ने 1346 वोट हासिल कर जीत हासिल की। सचिव पद की बात करें तो पिछले साल हार का मुंह देखने वाले आर्यन संगठन ने इस बार शानदार वापसी की। आर्यन के आकाश गौड़ ने 1263 वोट हासिल किए। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर दिवाकर ग्रुप के हिमांशु नेगी ने 1745 वोट प्राप्त कर प्रतिद्वंद्वी शिवानी को 507 वोटों से मात दी। सह सचिव पद पर आयुषी सेमवाल ने 952 वोट हासिल कर जीत हासिल की। कोषाध्यक्ष पद पर आर्यन के अजय कुमार ने 1080 वोट प्राप्त कर विजय पताका लहराई। छात्रा प्रतिनिधि पद पर आर्यन की प्रिंयका ने 1255 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। इसके अलावा छात्र प्रतिनिधि विज्ञान में सतीश नौटियाल, कॉमर्स प्रतिनिधि में विपिन पंत और व्यावसायिक कोर्स प्रतिनिधि के रूप में अभिषेक को निर्विरोध चुना गया।

लड़कियों को लड़कियों ने किया नज़र अंदाज़
चुनावो में इस बार जिनके वोटो से आज तक हर वो जितने का रास्ता तैयार करता रहा लेकिन इस बार किसी भी लड़की को देहरादून के डीऐवी में जीत नहीं मिल पायी जबकि लड़कियों के वोटो से हर कोई जीत दर्ज़ करता रहा है लेकिन इस बार के चुनावो में लड़कियों ने लड़कियों को मतदान नहीं किया जिसके कारण परिणाम दूसरी तरह के नज़र आये है चुनावो में वोटरों को अपनी तरफ लाने में भी प्रत्याशी कमजोर साबित हुए है यही वजह रही की नोटा का भी जमकर प्रयोग किया गया।

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