कांग्रेस का 134वा स्थापना दिवस

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देहरादून: उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा कांग्रेस पार्टी के 134वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, कांग्रेस भवन में कार्यक्रम का आयोजन कर पार्टी स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेष अध्यक्ष प्रीतम सिंह द्वारा पार्टी ध्वजारोहण किया गया तथा कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं व कांग्रेसजनो द्वारा वन्दे मातरम् व राश्ट्रगान गाया गया। इस अवसर पर गोष्ठी का भी आयेाजन किया गया जिसमें नेता प्रतिपक्ष इन्दिरा हृदयेश, सहप्रभारी राजेष धर्माणी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। गोश्ठी का संचालन महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने किया।

इस अवसर पर कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कांग्रेस स्थापना दिवस पर सभी कांग्रेसजनों को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी विष्व की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक पार्टी है। आजादी के आन्दोलन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का सबसे बड़ा योगदान रहा है। कांग्रेस पार्टी ने देश की आजादी में सबसे अग्रणी भूमिका निभाई थी। भारत के स्वर्णिम इतिहास के पन्नों में 28 दिसम्बर, 1885 का दिन भारत की महान जनता के दिलो-दिमाग पर अमिट स्मृति और आत्मविश्वास को जगाने वाला यादगार दिन है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कर रहे ए.ओ. डब्लू ह्रयूम, एनी बेसेन्ट, बाल गंगाधर तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले, राना डे आदि उपस्थित भारत के अन्य नेताओं ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि जिस संस्था का भारत की जनता के उत्पीड़न के विरोध तथा मानवीय अधिकारों और राज सत्ता में सुनवाई के हक की लड़ाई के लिए गठित किया जाने वाला यह संगठन एक दिन भारत की जनता को एकसूत्र में बांध कर उनमें आत्मविश्वास, राष्ट्रीयता बोध, सांस्कृतिक चेतना और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का जज्बा पैदा कर देश के नव निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभायेगा।

प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास बलिदान का रहा है। देश की आजादी से लेकर आज तक उसने हमेंषा देश की एकता, अखण्डता व सम्प्रभुता के लिए अनेकों बलिदान दिये हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी ने कांग्रेस के इसी स्वर्णिम इतिहास और नीतियेां को आगे बढ़ाने का काम किया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समाज के सभी सम्प्रदायों को सद्भाव प्रदान करने वाली पार्टी के रूप में जानी जाती है। आज कांग्रेसजन एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं, मुझे पूरा विष्वास है कि आपने विचार किया होगा कि जब हमारे विपक्ष के लोग ’’कांग्र्रेस मुक्त भारत‘‘ का आह्नवान करते हैं तो निश्चित रूप से आपके हृदय में यह बात एक तीर की तरह चुभती होगी, ऐसा मेरा मानना है, उनकी इस हिटलरी मानसिकता को भी आप भलीभांति समझते होंगे, क्योंकि हिटलर ने भी जर्मनी में ठीक इसी तरह से यहूदियों से मुक्त करने का आह्नवान किया था, यहां तक कि उन्हें गैस चेम्बरों में डालकर मौत के घाट उतार दिया था। एक विचारधारा की हत्या करने का आह्नवान ठीक उसी मानसिकता का परिचायक है। आप कांग्रेस विचारधारा के पोशक एवं संवाहक हैं, तो क्या आपके और हमारे लिए इस देष में रहने का हमारा मौलिक अधिकार वे समाप्त करना चाहते हैं, इस पर आप कांग्रेस के रक्षक होने के नाते इस मानसिकता के खिलाफ समय की आवश्यकता को देखते हुए हमें तन-मन-धन से खड़ा होना है।

सहप्रभारी राजेश धर्माणी ने कांग्रेस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 134 साल इस सफर में देश के प्रतिभावान, विद्धान और हित चिन्तक जिनमें डब्लू. सी बैनर्जी, दादा भाई नैरोजी, फिरोज षाह मेहता, बाल गंगाधर तिलक, पं0 मदन मोहन मालवीय, हकीम अजमल खान, चितरंजन दास, लाला लाजपतराय, मौलाना अबुल कलाम आजाद, गोपाल कृश्ण गोखले, महात्मा गांधी, रविन्द्र नाथ टैगोर, पं0 जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल, विरसा मुण्डा, सी. राजगोपालाचारी, खान अब्दुल गफ्फार खां, गोपीनाथ बारदोलई, डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद, सुभाश चन्द्र बोस, वीर टिकेन्द्र जीत सिंह, रानी गायदलू, सरदार भगत सिंह, चन्द्रषेखर आजाद, डाॅ0 बी0आर0 अम्बेडकर, सरोजनी नायडू, के0 कामराज, लालबहादुर षास्त्री, इन्दिरा गांधी, अरूणा आसफअली, राजीव गांधी सरीखी महान विभूतियों ने राष्ट्र के जनमानस को गहराई तक प्रभावित किया। इन महान नायकों की रहनुमाई में देष ने न केवल आजादी की लड़ाई लड़ी अपितु देष को आत्म निर्भर बनाने, दबे कुचले लोगों में आत्म विष्वास जगाने, अछूत समझे जाने वाले करोड़ों लोगों को राष्ट्र की मुख्य धारा में जोड़ने और शिक्षित होकर समाज के उत्कर्श के लिए योगदान दे सकने के लिए षिक्षा के क्षेत्र के विकास, किसानों के षोशण और उत्पीड़न के विरूद्ध उनके संघर्ष की अगुआई, जलियावाला बाग जैसे नृशंस हत्याकाण्ड के प्रतिकार हेतु जनता के अन्दर उबाल, आदिवासी, अनुसूचित जातियों को स्वतंत्रता आन्दोलन में बढ़चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रेरित कर देने जैसे कार्यों के अंजाम देने में सफलता पाई। भारत के कोटि-कोटि लोग देश की आजादी के बाद अपने जीवन में खुशहाली के सपने संजोये कांग्रेस पार्टी की ओर आशाभरी निगाहों से देख रहे थे। कांग्रेस के महानायकों ने विपरीत और जटिल हालात के बीच उन सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया और उनके अथक परिश्रम से भारत आज अनेकों मुसीबतों, झंझावतों, कठिनाइयों और विरोधाभाशों की बाधाओं को पार करता हुआ विश्व की एक बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर है।

नेताप्रति पक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस अतुलनीय पार्टी है जो सभी वर्गों को एकता के सूत्र में बांधने का काम करने के साथ-साथ नीतिगत विकास के लिए आधुनिक राश्ट्र का दृश्टिकोण देने के लिए जानी जाती है। स्व0 इन्दिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने हर क्षेत्र में तार्किक नीतियों का निर्धारण करने की पहल की और सफलतायें हांसिल की। उसी का परिणाम है कि जब राजीव गांधी जी ने देश को 21वीं शताब्दी में ले जाने की बात कही तो उन्हें पता था कि यह कार्य कांग्रेस द्वारा जनता में पैदा किये गये आत्म विश्वास और मेहनत के जज्बे के बल हम करने में सफल होंगे। उन्होंने नौजवानों को संचार एवं कम्प्यूटर का्रन्ति के जरिये एक नये युग में लेजाने को प्रेरित किया। वे यही नंहीं रूके उन्होंने कांग्रेस के उस वादे को जिसके तहत ग्राम स्वराज के जरिये लोगों को ग्राम विकास और आत्म निर्णय का अधिकार सौंपा जाना था, उस पर काम करते हुए उन्होंने पंचायती राज एक्ट के जरिये ग्रामसभाओं को उनके अधिकार सौंपे जाने के अति महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम दिया। अतीत की इस नींव पर आज कांग्रेस मा0 सोनिया गांधी, मा0 राहुल गांधी सरीखे व्यक्तित्व के नेतृत्व में भारत राश्ट्र के भविश्य का निर्माण करने के अभियान में जुटी है। कांग्रेस चाहती है कि देश के करोड़ों-करोड़ अनुसूचित जाति, जनजाति, उपेक्षित तथा अब तक वंचित रहे अल्पसंख्यकों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में समान अवसर सुलभ किये जांय। देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली का एक बल्ब रोषन हो, छोटे-मोटे उद्योग बिजली की ताकत से चलें, हर खेत को पानी मिल सके, किसान अपनी उपज का वाजिब मूल्य पा सकें, ग्रामीण क्षेत्रों के करोड़ों-करोड़ बेरोजगार व खेतिहर मजदूरों को न्यूनतम वेतन पर न्यूनतम कार्य दिवस मिल सकें, खाद्य़ान्न की सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुदृढ हो, ऊर्जा के क्षेत्र में राश्ट्र आत्मनिर्भर बन सकें इसके लिए एटमिक ऊर्जा का प्रयोग हो, आधुनिक तकनीकी और जरूरतों से परिपूर्ण सड़कों, रेल मार्गों तथा हवाई अड्डों तथा बन्दरगाहों का ढांचागत विकास हो, सामरिक महत्व की सभी जरूरतों को पूरा किया जा सके अनेका नेक कार्यों के लिए मजबूत इरादे के साथ एक-एक कदम आगे बढ़ा रहे हैं हम।

पूर्व प्रदेष अध्यक्ष किषोर उपाध्याय ने कहा कि राहुल गांधी जी के रूप में कांग्रेस पार्टी को ऐसी विरासत मिली है जो दुनिया की और किसी पार्टी को नही मिली होगी। बडे बडे नेताओं ने जिनमें अपने समय के कई महापुरूष भी थे, इस पौधे को बढ़ाया और अब कांग्रेस परिपक्वता प्राप्त कर चुकी है। यह कई परीक्षाओं कठिनाईयों से गुजरी है और भारत के लोगो ने अच्छी तरह परख कर देख लिया है कि वे इसमें पूर्ण विष्वास रख सकते है। कांग्रेस का लक्ष्य एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो विषमताओं और शोषण से मुक्त हो और जिनमें सभी नागरिक खुषहाली दोस्ती और शांति के साथ समान रूप में रहे। राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी अपने इस ऐतिहासिक लक्ष्य को भी पूरा करके रहेगी।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री दिनेष अग्रवाल, मंत्रीप्रसाद नैथानी, मातवर सिंह कण्डारी, प्रदेष उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, षंकर चन्द रमोला, शूरवीर सिह सजवाण, पूर्व विधायक राजकुमार, कुंवर सिंह नेगी, डाॅ0 संजय पालीवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, महामंत्री विजय सारस्वत, मथुरादत्त जोषी, नवीन जोषी, महानगर अध्यक्ष लालचन्द षर्मा, प्रभुलाल बहुगुणा, जिलाध्यक्ष संजय किषोर, गौरव चैधरी, अजय सिंह, प्रवक्ता डाॅ0 आर.पी. रतूड़ी, हरिकृश्ण भट्ट, गरिमा दसौनी, लखपत बुटोला, नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा, प्रदीप भट्ट, सचिव राजेष पाण्डे, दीप बोहरा, आषा टम्टा, सूरत सिंह नेगी, राजेष षर्मा, राजेष चमोली, महन्त विनय सारस्वत, भरत षर्मा, गिरीष पुनेड़ा, नवीन पयाल, प्रदीप जोषी, ताहिर अली, कै0 बलवीर सिंह रावत, नागेष रतूड़ी, महेश जोशी, देवेन्द्र बुटोला, प्रणीता बड़ोनी, राकेष नेगी, जटाषंकर श्रीवास्तव, कमलेष रमन, जगदीश धीमान, अर्जुन सोनकर, मोहित षर्मा, पुश्पा पंवार, मंजुला तोमर, चन्द्रकला नेगी, उर्मिला थापा, अमरजीत सिंह, कुंवर सिंह यादव, सावित्री थापा, हरविन्दर सिंह रतन, सुनित राठौर, महेन्द्र सिंह राणा, अश्विनी बहुगुणा, अनुराधा तिवारी, सुलेमान अली, दिवान सिंह तोमर, यशपाल चैहान, ष्यामलाल आर्या, नवीन रमोला, अनुज शर्मा, सुधीर सुनेरा, मोहन काला, किषन लाल शर्मा, षोभाराम, धर्म सिंह पंवार, अनिल बसनेत, डी.बी. क्षेत्री, पुष्प देवी, सत्येन्द्र पंवार, बाला षर्मा, आदि सैकड़ों कांग्रेसजन उपस्थित थे।

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