त्रिवेन्द्र रावत सरकार की ये पहल बन गयी हज़ारो महिलाओं के लिए वरदान 

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CM TRIVENDRA RAWAT ONE YEAR GOOD STEP त्रिवेन्द्र रावत सरकार की ये पहल बन गयी हज़ारो महिलाओं के लिए वरदान

देहरादून  उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार राज्य में एक नई पहल करती हुई नजर आई है आपने क्या कभी सोचा होगा कि पहाड़ी जनपदों की महिलाएं खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसा रास्ता भी अख्तियार कर सकती हैं                            जी हां यह बात बिल्कुल सही है उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के लिए अब राज्य के 625 मंदिरों में प्रसाद भेज कर उनकी आय में इजाफा करने का नया खाका तैयार किया है प्रयोग के तौर पर वर्ष 2017 की चार धाम यात्रा पर प्रसाद को बेचकर करीब 9 लाख का मुनाफा भी कमाया जा चुका है उत्तराखंड में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए यह एक नई पहल है इसको के माध्यम से राज्य सरकार करती हुई नजर आ रही है राज्य सरकार एक करोड़ लोगों को प्रसाद बेचकर अपनी आमदनी में इजाफा करने का जो खाका तैयार कर रही है उसका फायदा जहां महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा वहीं उनकी आय अधिक   हो जाएगी  आपको बता दें स्थानीय उत्पादों से बना मंदिरों का प्रसाद महिलाओं की तस्वीर भी बदल  सकता है जी हां त्रिवेंद्र रावत सरकार ने प्रसाद के जरिए महिला सहायता समूह की आमदनी बढ़ाने और उन को आत्मनिर्भर बनाने का सपना अब साकार किया  है उत्तराखंड में 625 प्रमुख मंदिर और तीर्थ धाम है जिनको राज्य सरकार सीधे तौर पर स्थानीय महिलाओं की तरक्की से जोड़कर आगे पहल करती हुई नजर आ रही है

दरअसल सरकार के प्रयासों से महिला सहायता समूह स्थानीय उत्पादों से मंदिरों का प्रसाद बना रहे हैं और इस प्रसाद को बेचकर अच्छी खासी आमदनी भी कर रहे हैं स्थानीय संसाधनों पर आधारित यह प्रयोग ना केवल महिलाओं की आर्थिकी को सबल बना रहा है बल्कि स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और महिला सशक्तिकरण के लिए भी वरदान साबित हो रहा है बद्रीनाथ मंदिर में ऐसा प्रयोग एक उत्तम उदाहरण के तौर पर वर्ष 2017 में सामने आया स्थानीय निवासी गोविंद सिंह मेहर की प्रेरणा से यहां क्षेत्रीय महिला समूह ने स्थानीय उत्पात और चौड़ाई से बद्रीनाथ धाम का प्रसाद तैयार किया और मंदिर समिति के सहयोग से इसे हर श्रद्धालु को वितरित करने की योजना पर काम किया यात्रा सीजन में बद्रीनाथ के महिला समूह में करीब 1900000 का प्रसाद यात्रियों को बेचा सबसे खास बात यह थी कि स्थानीय उत्पादों से बने प्रसाद को बनाने में महिला सहायता समूह को बहुत कम लागत खर्च करनी पड़ी है जबकि मुनाफा इससे कई गुना ज्यादा बढ़ा इस तरह से क्षेत्र की महिलाएं आर्थिक रुप से सफल बनने लगी जिसे अब राज्य सरकार ने राज्य के 625 मंदिरों में इस योजना को आगे बढ़ाकर काम करना शुरू किया है बद्रीनाथ का प्रयोग पूरे उत्तराखंड में सफल प्रयोग किये  जाने की कवायद को त्रिवेंद्र रावत सरकार का महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की तरफ एक बड़ा कदम करार दिया जा रहा है

उत्तराखंड में अभी तक राज्य सरकार ने 625 मंदिरों को प्रसाद के साथ पूजा सामग्री का कंप्लीट पैकेज भी तैयार करने के लिए तैयार किया है जिससे बड़े पैमाने पर महिलाओं के लिए स्थानीय रोजगार उपलब्ध हो सकेगा वही उनकी आर्थिक स्थिति भी काफी मजबूत होगी महिला समूह स्थानीय अनाजों से निर्मित प्रसाद जड़ी बूटियों से बने धूप-अगरबत्ती को बना कर टोकरी में पेश करेंगे जिसकी कीमत अलग-अलग रखी गई है उत्तराखंड के प्रमुख मंदिरों में हर साल करीब 50 लाख श्रद्धालु आते हैं लेकिन चार धाम यात्रा को देखते हुए राज्य सरकार ने इस बार एक करोड़ लोगों को लक्ष्य के रूप में रखा है इसका एक बड़ा मुनाफा राज्य की हजारों महिलाओं को आने वाले समय में देखने को मिलेगा जिसकी कल्पना भी कभी किसी ने नहीं की होगी राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वह राज्य की महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत करना चाहते हैं जिसके लिए इस नई पहल को राज्य में शुरू किया जा रहा है इसको के माध्यम से यह प्रसाद उत्तराखंड के 625 मंदिरों में प्रयोग के तौर पर बेचा जाएगा जिससे राज्य की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हजारों महिलाओं को फायदा होगा

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