केंद्र, राज्य की योजनाओं का लाभ समन्वय के अभाव में जनता के बीच बना रोड़ा

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केंद्र, राज्य की योजनाओं का लाभ समन्वय के अभाव में जनता के बीच बना रोड़ा :Centre State Scheme Not Cordinate Bankars Centre State Scheme Not Cordinate Bankars
देहरादून वित्त मंत्री उत्तराखण्ड सरकार प्रकाश पंत की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक अयोजित की गयी।जिसमे राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ जनता को मिल सके बैठक में वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने अपने सम्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में राज्य में केन्द्र व राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाएं चल रही है, किन्तु वित्त संस्थानों ,बैंकर्स और क्रियान्वित करने वाले विभागों के स्पष्ट क्रियान्वयन नीति तथा आपसी समन्वय के अभाव में योजनाओं का उस तरह से लाभ हकदार को नही मिल पा रहा है, जिस तरह मिलना चाहिए। उन्होने कहा कि विभिन्न योजनाओं की समीक्षा, प्रगति रिपोर्ट और माॅनिटिरिंग के साथ-2 अच्छी प्रेजेन्टेशन जरूर हो रही है, लेकिन धरातल पर उसका परिणाम अपेक्षित तरीके से नही मिल पा रहा है। उन्होने शासन-प्रशासन, जनपदीय विभागों, वित्तीय संस्थाओं तथा बैंकर्स को आपसी सहयोग से ऐसा मैकेनिज्म व कार्य संस्कृति पर जोर देने के निर्देश दिये, जिससे धरातल पर परिणाम दिखे।

उन्होने शासन स्तर पर हर सम्भव सहायता देने का वचन दिया तथा सभी विभागों बैंकर्स तथा कार्यदायी संस्थाओं को अपने स्तर पर की जाने वाली औपचारिकताओं को तय समय में पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि अलाईड सेवाओं को अधिक व्यावहारिक रूप देने, सी.एस.आर (कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) फण्ड के उपयोग का बेहतर मैकेनिज्म बनाने तथा किसानों की आय 2022 तक दुगुना करने, फसल बीमा योजना, वित्तीय साक्षरता बढाने, मुद्रा बैंक, प्रधानमंत्री आवास योजना, वीर चन्द्र सिंह गढवाली पर्यटन योजना इत्यादि योजनाओं पर विशेष प्राथमिकता देते हुए कार्य करने के निर्देश दिये।

बैठक में मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन उत्पल कुमार सिंह ने बैंकर्स द्वारा लगभग सभी योजनाओं में ऋण आपूर्ति, वित्तीय साक्षरता ,विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, ऋण जमा अनुपात, ब्राड बैण्ड कनेक्टीविटी, आधार सीडिंग प्रक्रिया इत्यादि सभी स्तरों पर प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष कहीं पर भी 50 प्रतिशत् से उपर नही होने के कारण नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कहीं न कहीं योजनाओं के तहत ऋण आपूर्ति को ठीक से फोलो नही किया जा रहा है तथा योजनाओं के तहत पेन्डिंग आवेदन दर्शाते हैं कि बैंकर्स और सम्बन्धित क्रियान्वयन करने वाला विभाग इस ओर उदासीन दिखते हैं। उन्होने निर्देश दिये कि सभी बैंकर्स और योजनाओं को प्रायोजित करने वाले विभाग सुनिश्चित करें कि रिजर्व बैंक की गाईडलाइन के अनुसार तय समय के अन्तर्गत आवेदनों पर कार्यवाही करें तथा अस्वीकृति की दशा में उसका स्पष्ट कारण दर्शायें और आगे से सभी स्तर के कार्यों के लिए जनपद स्तर तक ऐसा मैकेनिज्म बनायें जिसमें प्रभावी माॅनीटिरिंग भी सुनिश्चित हो साथ ही उदासीनता दिखाने वाले विभाग/कार्मिक की जवाबदेही भी तय हो।

बैठक में प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि मुख्य समस्या पैन्डेंसी, डाटा अपलोडिंग तथा कम्पाइलिंग की दिखती है और इसके लिए उन्होने इन्टिग्रेटेड डेवलपमैन्ट प्लान बनाते हुए कार्य करने का सुझाव दिया, जिससे योजना के प्रत्येक स्तर पर माॅनिटिरिंग सुनिश्चित की जा सके। उन्होने जनपद स्तर पर बैंकर्स की त्रैमासिक बैठक लगातार करते रहने तथा विभिन्न विभागों और बैंकर्स के मध्य उचित सामंजस्य के लिए विभिन्न उप समितियों की बैठक में आने वाली बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, संयुक्त सचिव, वित्तीय सेवाएं भारत सरकार सुचिन्द्र मिश्रा, सचिव पर्यटन व आयुक्त गढवाल दिलीप जावलकर, मुख्य प्रबन्धक नाबार्ड डी.एन मगर, महाप्रबन्धक प्रभारी आर.बी.आई सुब्रतोदास, महाप्रबन्धक एस.बी.आई अजीत एस ठाकुर, सहित योजनाओं को प्रायोजित करने वाले समाज कल्याण, राजस्व, उर्जा, गृह एवं कारागार विभाग के उच्च अधिकारी सहित विभिन्न जनपदों के लीड बैंक प्रबन्धक, बैंकर्स उपस्थित थे।

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