केंद्र को उत्तराखण्ड के बाद अरुणांचाल मे सुप्रीम कोर्ट का तमाचा

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अनुज हनुमत                                                  दिल्ली।आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में अरुणाचल प्रदेश के बर्खास्त मुख्यमंत्री नबाम तुकी की कांग्रेस सरकार बहाल करने के आदेश दिए जिसके बाद केंद्र की की सरकार को तगड़ा झटका लगा है । कोर्ट ने राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा के दिसंबर 2015 में राज्य विधानसभा का सत्र समय से पहले बुलाने के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया ।  सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले को उत्तराखंड के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के लिए एक और झटके के रूप में देखा जा रहा है ।

इधर, जैसे ही कोर्ट का फैसला आया तमाम सियासी हलकों में तहलका मच गया और सभी विपक्षी नेताओ को बैठे बैठाये केंद्र सरकार पर हमला बोलने का कारण मिल गया । सबसे पहले मोदी सरकार पर वार करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा की  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने’ के लिए सर्वोच्च न्यायालय को धन्यवाद  । राहुल का यह बयान अरुणाचल प्रदेश में नबाम तुकी की कांग्रेस सरकार बहाल करने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद आया ।

 

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य में अब 15 दिसंबर 2015 जैसी स्थिति बहाल होगी और इसका मतलब यह है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार फिर से बहाल हो जाएगी, क्योंकि उस दिन राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और नबाम तुकी राज्य के मुख्यमंत्री थे । न्यायमूर्ति जेएस केहर की अध्यक्षता वाली संवैधानिक पीठ ने एकमत से फैसला सुनाते हुए राज्य में 15 दिसंबर, 2015 से पहले की स्थिति बहाल करने के आदेश दिए हैं और पीठ ने विधानसभा की ओर से इसके बाद लिए गए सभी निर्णयों को खारिज कर दिया ।

फैसला आने के तुरन्त बाद

अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी ने राज्य में अपनी सरकार बहाल करने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को ऐतिहासिक करार दिया और कोर्ट को धन्यवाद दिया ।

तुकी ने कहा, ‘सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला दिया है ,इस फैसले से देश में लोकतंत्र की सुरक्षा में मदद मिलेगी और यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय है । सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार हमारी सरकार बहाल होगी. मैं राज्य जाऊंगा और कांग्रेस के सभी 47 विधायकों से बात करूंगा. हम एक बैठक बुलाएंगे.’ ।

 

टिप्पणियों के क्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अरुणाचल प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी की कांग्रेस सरकार बहाल करने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को ‘(प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी की तानाशाह सरकार’ के लिए करारा जवाब बताया है ।

आम आदमी पार्टी के नेता ने ट्वीट कर कहा कि, ‘सर्वोच्च न्यायालय का फैसला तानाशाह मोदी सरकार को करारा जवाब है. उम्मीद है मोदी जी इससे सबक सीखेंगे और लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकारों के मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करेंगे

 

भाजपा का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बहाल करने का सर्वोच्च न्यायालय का फैसला पार्टी के लिए किसी तरह का झटका नहीं है ।

 

इधर ,मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने न्यायालय के फैसले की सराहना करते हुए मोदी सरकार से जवाब माँगा की (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी की सरकार से गैर भाजपा शासित राज्यों में केंद्रीय शासन थोपने की ‘उनकी  निरंकुशवादी प्रवृत्ति क्यों बढ़ती जा रही है ?”

माकपा ने कहा, ‘सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने केंद्रीय हस्तक्षेप से अरुणाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन को पलट दिया और हमारे संविधान की अनुल्लंघनीय संघीय विशेषता को बरकरार रखा. उत्तराखंड के बाद शीर्ष अदालत का फैसला भाजपा नीत केंद्र सरकार की राजनीतिक नैतिकता व जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।’  कुछ भी लेकिन कल नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सोनिया और राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली थी और आज सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस को फिर बडी राहत मिली है ।

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