इनकम टैक्स के फंदे में दौलत के धनवान सांसदों विधायकों का मामला

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इनकम टैक्स के फंदे में दौलत के धनवान सांसदों विधायकों का मामला Cbdt Income Tex Mla Mp Court Case इनकम टैक्स के फंदे में दौलत के धनवान सांसदों विधायकों का मामला दिल्ली राजनैतिक जमीं तैयार होने के बाद धनवान हुए सात सांसदों और 98 विधायकों के लिए आने वाले दिन कठिन डगर की तरफ जाते हुए नज़र आ रहे है आयकर विभाग की तीसरी नजर इन पर टेडी हुई तो कई अपना राजनैतिक पारी का मैदान आने वाले समय में पूरा नहीं कर पाएंगे सोमवार को सीबीडीटी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में दी गई है। कानून का हवाला देते हुए विभाग ने यह भी कहा है कि जांच का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। इसलिए जांच रिपोर्ट सील कवर में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी। कोर्ट इस मामले में मंगलवार को सुनवाई करेगा। ये मामला अभी आगे जाने की तैयारी में है
याचिकाकर्ता का आरोप था कि इन लोगों द्वारा चुनाव के समय दाखिल हलफनामे में दी गई संपत्ति पिछले चुनाव के समय दिए गए हलफनामे की तुलना में गुना से ज्यादा बढ़ गई है। विभाग ने कहा कि इनमें से ज्यादातर मामलों की जांच रिपोर्ट आयकर महानिदेशक (जांच) से सीबीडीटी को मिल चुकी है। लोकसभा के 26 सदस्यों और राज्यसभा के 11 में से दो सदस्यों की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। इसके अलावा 215 विधायकों के मामलों की जांच हो चुकी है। मालूम हो कि सांसदों और विधायकों की जांच के ये सिर्फ वे मामले हैं, जिनकी सूची जांच के लिए याचिकाकर्ता ने विभाग को सौंपी थी।

हलफनामे में कहा गया है कि आयकर विभाग द्वारा तैयार जांच रिपोर्ट आरटीआइ कानून में भी नहीं बताई जा सकती। आयकर कानून की धारा 138 में इसकी मनाही है। लिहाजा विभाग उन नेताओं की जानकारी सीलबंद लिफाफे में ही देगा। तीन श्रेणियों में रिपोर्ट’ ए श्रेणी में वे मामले आते हैं, जिनमें प्रथम दृष्टया खामियां पाई गई हैं। इन मामलों में आगे जांच की जा रही है। इस श्रेणी में लोकसभा के सात सदस्य और 98 विधायक आते हैं। इनकी संपत्ति आय से अधिक पाई गई है। दूसरी श्रेणी में वे मामले आते हैं, जिनमें कोई खामी नहीं मिली यानी उनकी घोषित संपत्ति और आय के ज्ञात स्नोत में अंतर नहीं पाया गया। इस श्रेणी में लोकसभा के 19 और राज्यसभा के दो सदस्य तथा 117 विधायक हैं। तीसरी श्रेणी उन लोगों की है, जिनके बारे में अभी आयकर महानिदेशक की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। यानी जांच अभी लंबित है। इस श्रेणी में राज्यसभा के नौ सदस्य और 42 विधायक आते हैं।

बता दे की गत बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने गैर सरकारी संगठन लोक प्रहरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीडीटी के अधूरे हलफनामे पर सवाल उठाया था। कोर्ट ने सीबीडीटी को आदेश दिया था कि वह उन सांसदों और विधायकों के बारे में जानकारी दे, जिनकी आय में अचानक पांच सौ गुना से ज्यादा इजाफा हुआ है। सीबीडीटी ने सोमवार को हलफनामा दाखिल किया। हलफनामे में सीबीडीटी ने कहा कि लोक प्रहरी ने विभाग को 26 लोकसभा सदस्यों, 11 राज्यसभा सदस्यों और 257 विधायकों की सूची भेजी और उनकी संपत्ति की जांच करने का अनुरोध किया था।

याचिकाकर्ता का आरोप था कि इन लोगों द्वारा चुनाव के समय दाखिल हलफनामे में दी गई संपत्ति पिछले चुनाव के समय दिए गए हलफनामे की तुलना में गुना से ज्यादा बढ़ गई है। विभाग ने कहा कि इनमें से ज्यादातर मामलों की जांच रिपोर्ट आयकर महानिदेशक (जांच) से सीबीडीटी को मिल चुकी है। लोकसभा के 26 सदस्यों और राज्यसभा के 11 में से दो सदस्यों की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। इसके अलावा 215 विधायकों के मामलों की जांच हो चुकी है। मालूम हो कि सांसदों और विधायकों की जांच के ये सिर्फ वे मामले हैं, जिनकी सूची जांच के लिए याचिकाकर्ता ने विभाग को सौंपी थी।

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