चैंपियन बोले तो मीडिया वाले बने भीगी बिल्ली, धर्मसंकट में भाजपा

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चैंपियन बोले तो मीडिया वाले बने भीगी बिल्ली,धर्मसंकट में भाजपा देहरादून ।कांग्रेसी रहे कुँवर चैंपियन हालकि अब अनुशाषित पार्टी बीजेपी के विधायक हैं लेकिन उनके बीते दिनों आए बयान से भाजपा आसहज नजर आ रही है उन्होंने ऐसे समय में बयान दिया है जब देश में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा चुनावी समर में है उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद की खानपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन ने अपनी ही पार्टी के भाजपा विधायक की जाति प्रमाण पत्र को लेकर जांच किए जाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को बुधवार तक का समय दिया है।

चैंपियन बोले तो मीडिया वाले बने भीगी बिल्ली, धर्मसंकट में भाजपा उसके बाद उन्होंने कार्रवाई के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही है भाजपा विधायक देशराज करने वालों की जाति प्रमाण पत्र के मामले को लेकर कुंवर प्रणव खुलकर सामने आए हैं भाजपा उनके बयान के बाद आसहज नजर तो आ रही है लेकिन उनका निजी बयान बताकर कार्रवाई हाईकमान के स्तर से किए जाने की बात कह रही है लेकिन हमेशा से ही विवादों में रहे चैंपियन इस बार अपनी राजनैतिक चैंपियनशिप के लिए मीडिया की सुर्खियां जरूर बन गए हैं।
चैंपियन बोले तो मीडिया वाले बने भीगी बिल्ली, धर्मसंकट में भाजपा नेशनल मीडिया से लेकर पूरी भाजपा को उन्होंने जिस तरह से असहज किया है उसके लिए पार्टी उनके खिलाफ क्या कार्यवाही करेगी इसका फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष पर छोड़ दिया गया है हालांकि उत्तराखंड भाजपा उनको विवादित बयान दिए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर चुकी है ऐसा ही भाजपा ने देशराज वाले बयान को लेकर भी किया है दोनों ही भाजपा नेता अपनी जुबानी जंग से भाजपा को उत्तराखंड से लेकर पूरे देश में विवादित रूप में सामने लाते रहे हैं देशराज पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा की दहलीज तक पहुंचे हैं लेकिन उनका कार्यकाल भी भाजपा की संस्कृति के अनुरूप पिछले समय में नहीं देखा गया है।
चैंपियन बोले तो मीडिया वाले बने भीगी बिल्ली, धर्मसंकट में भाजपा भाजपा उनके कई बयानों से लेकर कामों पर भी अपनी नजर बनाए हुए हैं लेकिन उत्तराखंड की राजनीति में कुंवर प्रणव चैंपियन के बयान को लेकर अब इसकी चर्चा देशव्यापी होती नजर आ रही है बीते दिनों ही कुंवर ने 56 इंच की छाती का जिक्र करते हुए कटाक्ष किया था हालांकि उन्होंने इस कटाक्ष में किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया था लेकिन विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लपक कर इस पर राजनीतिक चाबुक जरूर चलाया था जिसके बाद भाजपा संगठन भी सक्रिय होकर सामने आया था लेकिन और प्रणव के बयानों के बाद अब उत्तराखंड की राजनीति में उन्होंने इस तरह का बयान क्यों दिया है इसके अलग अलग मतलब निकाले जा रहे हैं कोई उनको अपना राजनैतिक किला बचाए जाने के लिए इस तरह के बयान देना बता रहा है तो कोई भाजपा के अंदर चल रही विस्फोट की चिंगारी को सतह पर देखने की बात बोल रहा है दोनों ही भाजपा विधायकों के बयानों से भाजपा की जनता के बीच खिल्ली भी जरूरी उड़ी है।

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चैंपियन बोले तो मीडिया वाले बने भीगी बिल्ली, धर्मसंकट में भाजपा सियासी जानकार चैंपियन के बयानों के निहितार्थ टटोलने में जुटे हैं। चैंपियन हरिद्वार जनपद की खानपुर विधानसभा से आते हैं। उनकी विधानसभा में 30 प्रतिशत मुस्लिम और 20 प्रतिशत अनुसूचित जाति की आबादी है। बकौल चैंपियन, उनके जिले में 60 फीसदी आबादी ओबीसी की है। चैंपियन के बयान भी इसी वोट बैंक के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं। सवाल तैर रहा है कि क्या चैंपियन आंबेडकर को राष्ट्रपिता बनाने की पैरोकारी करके अनुसूचित जाति वर्ग में प्रभाव जमाना चाहते हैं? जिन्ना को पीएम बनाने का जिक्र छेड़कर क्या वे मुस्लिमों के दिल में जगह बनाना चाहते हैं।
चैंपियन बोले तो मीडिया वाले बने भीगी बिल्ली, धर्मसंकट में भाजपा हरिद्वार में मुस्लिम, अनुसूचित जाति व ओबीसी की बड़ी आबादी है। क्या चैंपियन का इरादा खुद को अपनी विधानसभा से बाहर हरिद्वार जनपद और प्रदेश के एक ऐसे नेता के तौर पर पेश करने का है, जिसके पीछे एक बड़ा वोट बैंक है? जितने मुंह उतने सवाल हैं। इन सवालों पर चैंपियन की सोच क्या है? ये वही जानते हैं, लेकिन जानकारों को फिलहाल चैंपियन का ये दांव चित भी मेरी और पट भी मेरी वाला ही नजर आ रहा है।
चैंपियन बोले तो मीडिया वाले बने भीगी बिल्ली, धर्मसंकट में भाजपा अब ये सोची समझी रणनीति के तहत हुआ या संयोग से, चैंपियन को इतना तो समझ में आ ही गया कि महात्मा गांधी, जिन्ना, राष्ट्रपिता या आंबेडकर के बहाने वे चर्चा में तो आ ही गए हैं। ऐसी सुर्खी उन्हें शायद ही किसी और मसले से मिलती। जानकारों का कहना है कि भाजपा विधायक ने अपनी पार्टी को धर्मसंकट में फंसा दिया है। पार्टी यदि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करती है, तो भी चैंपियन को फायदा है। माना जा रहा है कि ऐसा होने पर चैंपियन अनुसूचित जाति वर्ग की पैरोकारी के लिए शहीद कहलाएंगे।
चैंपियन बोले तो मीडिया वाले बने भीगी बिल्ली, धर्मसंकट में भाजपा देहरादून के उत्तरांचल प्रेस क्लब में मीडिया से वार्ता करते हुए भी कुंवर कई मीडिया कर्मियों पर हावी रहे थे सवाल पूछे जाने पर उनके द्वारा कितने सालो से मीडिया में हो कहकर कई मीडिया वालो का निशाना साधा था कुलमिकार उत्तराखंड बीजेपी विधायकों की जुबानी जंग विपक्ष को एक नया मुद्दा देकर राजनैतिक लड़ाई का जरिया जरूर बनी है कांग्रेस तो जुबानी जंग को लेकर राजभवन तक शिकायत दर्ज़ करवा चुकी है इस मामले को लेकर उत्तराखंड बीजेपी से लेकर सरकार तक असहज हो चुकी है ।
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