बिटकॉइन में निवेश कर रहे हो तो पहले जान लो ये कारनामे

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बिटकॉइन में निवेश कर रहे हो तो पहले जान लो ये कारनामे :BITCOIN SCAM IN INDIA


दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वचरुअल करंसी के नाम पर करीब 15 व्यवसायियों से 50 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। उसके साथियों की तलाश की जा रही है। गिरोह के सदस्यों ने बिटकॉइन वचरुअल करंसी जैसी कैशकॉइन डिजाइन किया और उसे बिटकॉइन बताकर बड़े व्यवसायियों को चूना लगाया। पुलिस के मुताबिक फर्जी वचरुअल करंसी के नाम पर फर्जीवाड़ा का यह पहला मामला है क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम सोनू दहिया है। वह सोनीपत का रहने वाला है। व्यवसायी अरुण चौहान ने क्राइम ब्रांच को शिकायत दी थी कि वचरुअल करेंसी के नाम पर उनसे 25 लाख रुपये की ठगी की गई है। कई दिनों की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने सोनीपत से सोनू को गिरफ्तार किया।

बिटकॉइन के नाम पर भारत में तेजी से अपना कारोबार फैला चूका ये नया गिरोह कई लोगो को अब तक चुना लगा चूका होगा क्योकि जब तक इसकी भनक निवेश करने वाले को लगती है तब तक लाखो रूपए का चुना लग चूका होता है इस कारोबार में फ़र्ज़ी तरह से निवेश किये जाने से पहले उसकी सही जानकारी लेना जरुरी है अभी तक बिटकॉइन को भारत में कोई मान्यता नहीं मिल पायी है

पूछताछ में सोनू ने बताया कि उसने साथियों के साथ पहले बिटकॉइन जैसी वचरुअल करंसी कैशकॉइन को डिजाइन किया। उसके नाम से वेबसाइट बनाई और फिर सोशल मीडिया के सहारे लोगों को निवेश करने का लालच दिया। कैशकॉइन खरीदने पर निवेश की गई रकम पर पांच साल तक हर महीने 10 फीसद का ब्याज देने का लालच देते थे। लालच में आकर कई लोगों ने कैशकॉइन खरीदने के लिए उनके बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा करा दिए। करोड़ों रुपये खर्च कर कराता था आयोजन: क्राइम ब्रांच का कहना है कि निवेशकों को झांसे में लेने के लिए सोनू दहिया दिल्ली से बाहर सूरत, इंदौर समेत कई बड़े शहरों में करोड़ों रुपये खर्च कर कैशकॉइन मेगा इवेंट नाम से बड़े स्टार शो कराता था। गत दिनों उसकी टीम ने गुजरात के सूरत में स्टार शो कर अभिनेत्री कायनात अरोड़ा को बुलाया था। आरोपी की कई फर्जी वेबसाइट के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है।

वचरुअल करंसी को मान्यता नहीं:
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने देश में किसी भी प्रकार की वचरुअल करंसी को मान्यता नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि मिलते-जुलते नामों से इंटरनेट पर वचरुअल करंसी के नाम पर फर्जी कंपनियां सक्रिय हैं। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। सबसे पहले बिटकॉइन वचरुअल करंसी का शोर मचा था, जिसे कुछ देशों में मान्यता प्राप्त है। भारत समेत कुछ देशों में इस पर प्रतिबंध है। इसके बाद लाइटकॉइन वचरुअल करंसी का नाम सामने आया। दुनिया भर में ऐसी अन्य वचरुअल करंसी चल रही हैं, जिनमें दूसरे व तीसरे नंबर पर एथिरियम और बिटकॉइन है।

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