भवरी देवी जिन्दा है कहा है भवरी देवी का ठिकाना

0
418

भवरी देवी जिन्दा है कहा है भवरी देवी का ठिकाना bhanwari devi now in banglor says indra भवरी देवी जिन्दा है कहा है भवरी देवी का ठिकाना
जोधपुर भवरी देवी हत्या कांड की पकड़ी गयी इंद्रा विश्नोई ने जोधपुर अदालत में भवरी के जिन्दा होने की बात कह कर सनसनी मचा दी है उनके वकील ने भी दावा किया है की सीबीआई ने जो भवरी देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी है उसमे भवरी देवी का कोई जिक्र नहीं है कई सालो से सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है हाई प्रोफइल इस मामले को लेकर कई राजनेता भी सालो से जेल में सजा काट रहे है ऐसे समय में इंद्रा विश्नोई का कोर्ट को दिया गया बयान कई तरह की आशंकाओं की तरफ इशारा कर रहा है लेकिन क्या पुलिस और सीबीआई जांच करने वाले अधिकारियो की निगाह से ये सब बच गया था जो अब इंद्रा विश्नोई ने खुलासा कर कोर्ट में कहा है

भवरी का सच जो राजनीती का कॉकटेल नाजायज रिश्ते
नट जाति की भंवरी देवी जोधपुर जिले के बोरूंदा की रहने वाली थी. उसकी शादी हो चुकी थी. नर्स की नौकरी के साथ ही वह राजस्थानी लोक गीतों के कई एल्बम भी बनवा चुकी थी. राजस्थानी फिल्मों की हीरोइन बनने के लिए भटक रही भंवरी देवी अस्पताल से गायब रहने लगी. इसकी शिकायत होने पर उसे सस्पेंड कर दिया गया. नौकरी पर फिर से बहाल होने के लिए वह कांग्रेस के कद्दावर नेता रामसिंह विश्नोई के पुत्र मलखान से मिली. दोनों की दोस्ती परवान चढ़ने लगी. इन दोनों के रिश्तों से भंवरी ने एक बेटी को भी जन्म दिया. इस दौरान उसके मन में राजनीति में जाने का ख्वाब जाग उठा. उसने मलखान के अलावा दिग्गज कांग्रेस नेता परसराम मदेरणा के पुत्र महिपाल मदेरणा से भी दोस्ती कर ली.

भंवरी देवी, मलखान सिंह और महिपाल की नजरों में चढ़ चुकी थी. वक्त के साथ-साथ वह इन दोनों की करीबी हो गई. दोनों नेताओं से मिलने के बाद भंवरी को सत्ता की ताकत का अहसास हो चुका था. मलखान और मदेरणा की वजह से उसकी मुलाकात धीरे-धीरे बाकी नेताओं से भी हो गई. और फिर देखते ही देखते मामूली तनख्वाह पाने वाली भंवरी देवी की जिंदगी पूरी तरह बदल गई. उसने नया घर बनाया, नई कार खरीदी. बेटे-बेटी का दाखिला नामी स्कूलों में कराया. अब भंवरी पूरी तरह से सत्ता के इर्द-गिर्द थी. बगैर डयूटी पर जाए ही हर महीने तनख्वाह मिल रही थी. मदेरणा से उसके रिश्ते को लेकर बातें होने लगी थी.

कहा जाता है कि नेताओं से नजदीकी के कारण भंवरी ने एमएलए बनने के लिए टिकट की मांग करना शुरू कर दिया. उसकी इस मांग को महिपाल और मलखान ने ठुकरा दिया. सत्ता का सुख भोगने वाली भंवरी की भंवरी की ख्वाहिशें बेलगाम हो गईं थी. ऐसे में भंवरी ने इन दोनों नेताओं के साथ अपनी सेक्स सीडी बनवा ली. इस सीडी के दम पर भंवरी जब मंत्री महिपाल मदेरणा और विधायक मलखान को धमकाने लगी. इस पर दोनों ने उससे दूरी बनाना शुरू कर दिया. इन दोनों से लंबे अरसे तक नहीं मिलने से आहत भंवरी जयपुर पहुंच गई और कुछ भाजपा नेताओं से मुलाकात की. साथ ही भंवरी के पास सीडी होने की चर्चा मीडिया तक भी पहुंच गई. अचानक मंत्री महिपाल, विधायक मलखान सिंह और भंवरी देवी के बीच तमाम गिले-शिकवे दूर हो गए. तीनों में अब समझौता हो चुका था. इसके बाद फिर से तीनों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई थी. कहते हैं कि मजबूर होकर मदेरणा ने भंवरी देवी को सीडी के बदले साठ लाख रुपए देने का वादा कर लिया था. इसकी पहली किस्त के रूप में वे दस लाख रुपए का भुगतान भी कर चुके थे.

महिपाल से पैसे मिलने के बाद भंवरी ने मलखान के साथ अपने रिश्तों से जन्मी बेटी को हक दिलाने के लिए विश्नोई समाज के सबसे बड़े खेजड़ली शहीदी मेले में जाने की घोषणा कर दी. उसकी योजना थी कि वहां जाकर वह समाज के सामने अपना पक्ष रख न्याय की मांग करेगी. पूरे मामले से वाकिफ मलखान की बहन इन्द्रा बीच में आ गई. इंद्रा ने भंवरी के अपहरण की साजिश रच उससे सीडी छीनने की योजना तैयार की. इस योजना में महिपाल और मलखान भी शामिल हो गई. भंवरी ने अगस्त 2011 में अपनी कार बेची थी. उसी का बकाया चार लाख रुपए देने के लिए एक सितंबर को सोहनलाल नामक व्यक्ति ने भंवरी को फोन कर अपने घर बुलाया.

सोहनलाल ने भंवरी का अपहरण कर उसे विशनाराम गैंग को सौंप दिया. विशनाराम की योजना भंवरी को टॉर्चर कर सीडी लेने की थी, लेकिन रास्ते में भंवरी ने विरोध करते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया. ऐसे में उसे चुप कराने के प्रयास में विशनाराम ने भंवरी का गला दबा दिया, जोर से गला दबते ही उसका दम टूट गया. इसके बाद विशनाराम ने भंवरी के शव को जला कर उसकी राख को राजीव गांधी लिफ्ट नहर में बहा दिया. भंवरी उसी दिन पैसे लेने के लिए अपने घर से निकली और फिर कभी घर नहीं लौटी. कई दिनों तक भंवरी का कोई सुराग नहीं मिला. उसके पति अमरचंद ने अपनी बीवी की गुमशुदगी के लिए राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री महिपाल को जिम्मेदार ठहरा कर सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया. प्रदेश में इस मामले को लेकर मचे भूचाल के बाद राज्य सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया. मंत्री महिपाल व विधायक मलखान सहित सोलह लोग 5.5 साल से जेल में बंद है. इस मामले की अंतिम कड़ी इन्द्रा अब पकड़ी गई है.

Bhadas 4 India देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल की हिंदी वेबसाइट है। भड़ास फॉर इंडिया.कॉम में हमें आपकी राय और सुझावों की जरुरत हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें bhadas4india@gmail.com पर भेज सकते हैं या हमारे व्हाटसप नंबर 9837261570 पर भी संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज Bhadas4india भी फॉलो कर सकते हैं।

Comments

comments