बसंत पंचमी पर खास: कैसे बनाये अपने बच्चो का भविष्य उज्जवल

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देहरादून: सर्दी का मौसम जब अपनी सीमा तोड़ देता है तो जन-जीवन मानो असामान्य प्रतीत होने लगता है और कहावत है कि अति की इति होती ही है उसी तरह दर्दनाक ठण्ड के मौसम की इति होती है बसंत पंचमी का त्यौहार आने से. बसंत पंचमी बसंत के मौसम का एक सुंदर आगाज होता है. बसंत को सभी ऋतुओं का राजा कहा जाता है क्योंकि इस महीने में न तो ज्यादा सर्दी होती और न ही गर्मी यानि मौसम सुहावना बना रहता है.

इस वर्ष पंचांग के अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष को बसंत पंचमी मनाई जाएगी. यह त्यौहार अपने आप में कई सारी मान्यताएं भी लिए हुए रहता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती का जन्म हुआ था जिसकी खुशी में बसंत पचंमी का पर्व मनाया जाता है. बसंत पंचमी के दिन किसी भी कार्य को करना बहुत शुभ फलदायक होता है. इसलिए इस दिन गृह प्रवेश, वाहन खरीदना,नींव पूजन, नया व्यापार प्रारंभ और मांगलिक कार्य होते हैं. इस दिन लोग पीले वस्त्र धारण करते और साथ ही पीले रंग के पकवान बनाते है.

मान्यता हैं कि बसंत पंचमी ख़ासतौर पर माता सरस्वती कि पूजा का दिन होता है, ये दिन विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन सरस्वती माँ की पूजा-अर्चना करने से वाणी को शुद्धत्ता मिलती है, विद्या का वरदान विद्यार्थियों को मिलता है और साथ ही जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर होते है उनकी बुद्धि तीव्र होती है. इस दिन छात्रों को सरस्वती माता की पूजा के साथ अपनी पुस्तकों की भी पूजा अर्चना अवश्य करनी चाहिये.

आईये जानते है वो ख़ास बाते जो विद्यार्थियों के जीवन को बना सकती है उज्जवल:

बसंत पंचमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठके स्नान आदि से निवृत होकर सरस्वती माता कि पूजा अर्चना करनी चाहिए. विद्यार्थियों को ख़ासतौर पर इस दिन सरस्वती मन्त्र का जाप अवश्य करना चाहिए ऐसा करने से स्मरण शक्ति में विकास होता है.

कुम्भ का तीसरा शाही स्नान:

यह बसंत पंचमी इस बार इसलिए भी बहुत खास है क्योकि इस बार बसंत पंचमी में कुम्भ महापर्व का तीसरा शाही स्नान भी है. बसंत पंचमी के मुख्य स्नान पर्व के लिए प्रशासन ने कड़ी तैयारियां भी पूरी कर ली हैं. स्नान के लिए संगम नोज समेत 19 घाट फिर से सजा दिए गए हैं. बसंत पंचमी पर बुधवार को लाखों स्नानार्थियों के संगम क्षेत्र पहुंचने की संभावना है. घाटों पर व्यवस्था बनी रहे और ट्रैफिक चुस्त-दुरुस्त रहे, इसके मद्देनजर डीएम संजय कुमार ने मंगलवार को मेला क्षेत्र के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शिविर में संबंधित अफसरों के साथ बैठक कर आवश्यक व् कड़े दिशा-निर्देश भी दिए जिससे वहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार कि कोई समस्या का सामना न करना पड़े. सफाई की उचित व्यवस्था का भी इंतज़ाम किया गया है. 24 घंटे सफाई कर्मचारी मौजूद रहेंगे.

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